चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर मंगलवार को घट गया। नदी का पानी खतरे के निशान से नीचे पहुंच गया, जिससे स्थानीय लोगों और रामघाट के दुकानदारों ने राहत महसूस की। हालांकि, प्रशासन अभी भी नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रख रहा है। पिछले कुछ दिनों से मध्य प्रदेश के जंगलों में हुई भारी बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा था। नदी का पानी खतरे के निशान के करीब पहुंचने से रामघाट के दुकानदारों में चिंता बढ़ गई थी। एहतियात के तौर पर कई दुकानदारों ने अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था। बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार निगरानी कर रही थीं। मंगलवार को जलस्तर घटने के बाद घाट किनारे लोगों ने राहत महसूस की। सीतापुर चौकी प्रभारी यदुवीर सिंह ने बताया कि मंदाकिनी नदी का पानी काफी कम हो गया है। उन्होंने आशंका जताई कि मध्य प्रदेश के जंगलों में रात के समय बारिश न होने के कारण नदी में पानी का प्रवाह कम हुआ है, जिससे जलस्तर में गिरावट आई है।
हालांकि, प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। नदी के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी की आशंका के मद्देनजर नदी किनारे निगरानी जारी रखी जा रही है। पुलिसकर्मियों को भी घाटों और आसपास के क्षेत्रों में नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय दुकानदारों ने जलस्तर घटने को बड़ी राहत बताया है। उन्हें उम्मीद है कि यदि मध्य प्रदेश के कैचमेंट क्षेत्र में बारिश नहीं होती है, तो मंदाकिनी का जलस्तर सामान्य स्थिति में लौट आएगा। प्रशासन ने लोगों से नदी के किनारे सावधानी बरतने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

