भारत में Apple iPhone 18 सीरीज 43% तक महंगी, Foldable Duo 4.5 लाख रुपये तक

भारत में Apple iPhone 18 सीरीज 43% तक महंगी, Foldable Duo 4.5 लाख रुपये तक

(प्रसून श्रीवास्तव)
नयी दिल्ली, 10 सितंबर एप्पल के बेहद लोकप्रिय उत्पाद आईफोन की हाल में पेश 18 सीरीज की कीमतें भारत में पिछली सीरीज के मुकाबले 20 से 43 प्रतिशत तक अधिक रहने वाली हैं। बाजार विश्लेषकों ने वैश्विक स्तर पर मेमोरी चिप की बढ़ती लागत और रुपये में कमजोरी को इसका प्रमुख कारण बताया है। एप्पल ने आईफोन 18 सीरीज के साथ फोल्डेबल स्मार्टफोन की श्रेणी में पहली बार कदम रखा है।

उसके ‘आईफोन डुओ’ की भारत में कीमत 2,99,900 रुपये से 4,49,900 रुपये के बीच होगी। इस तरह यह कंपनी का अब तक का सबसे महंगा आईफोन होगा। वहीं, आईफोन 18 प्रो की कीमत भारत में 1,64,900 रुपये से 3,14,900 रुपये और आईफोन 18 प्रो मैक्स की कीमत 1,79,900 रुपये से 3,29,900 रुपये के बीच होगी।

ये दोनों मॉडल 12 सितंबर से भारत समेत 65 देशों में बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। साइबरमीडिया रिसर्च (सीएमआर) के उपाध्यक्ष-उद्योग अनुसंधान समूह प्रभु राम ने कहा कि भारत में आईफोन डुओ और आईफोन 18 प्रो सीरीज की ऊंची कीमत का मुख्य कारण डीआरएएम और एनएएनडी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी है। इसके अलावा सीमा शुल्क, कर ढांचा, वितरण मार्जिन और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी का भी असर पड़ा है।

काउंटरपॉइंट रिसर्च के निदेशक तरुण पाठक ने कहा कि भारत में आईफोन की कीमतों पर 18 प्रतिशत जीएसटी के साथ अमेरिकी कीमतों की तुलना में पांच से सात प्रतिशत का विदेशी मुद्रा प्रभाव भी पड़ता है। आईफोन डुओ 23 अक्टूबर से भारत में उपलब्ध होगा। इसका 256 जीबी वाला मॉडल 2,99,900 रुपये और 2 टीबी वाला मॉडल 4,49,900 रुपये का होगा।

पाठक ने आईफोन डुओ की ऊंची कीमत के बारे में कहा कि भारत में कुछ समय तक इसका विनिर्माण नहीं होने के कारण इसके आयात पर पूरा आयात शुल्क लगेगा, जिससे इसकी कीमत अधिक होगी। उन्होंने कहा कि डुओ की शुरुआती मांग एप्पल के वफादार ग्राहकों और लंबे समय से फोल्डेबल आईफोन का इंतजार कर रहे शुरुआती खरीदारों से आने की उम्मीद है। इससे भारत में फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार को शुरुआती दौर में मात्रा के बजाय मूल्य के लिहाज से बढ़ावा मिलने की संभावना है।

सीएमआर का कहना है कि आईफोन डुओ पेशकश वाली तिमाही में भारत के फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार में करीब 24 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर सकता है। वहीं, आईफोन 18 प्रो और प्रो मैक्स की पेशकश तिमाही में एप्पल की कुल आपूर्ति में हिस्सेदारी क्रमशः करीब आठ और पांच प्रतिशत रहने का अनुमान है। काउंटरपॉइंट के मुताबिक, जनवरी-जुलाई, 2026 में भारत में एप्पल के आईफोन की आपूर्ति दो प्रतिशत बढ़ी, जबकि प्रो सीरीज में 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

पूरे साल आईफोन की बिक्री की संख्या में मामूली कमी आ सकती है, लेकिन बिक्री मूल्य के लिहाज से इसमें छह-सात प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है। भारत में एप्पल का प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत में एप्पल के आईफोन की आपूर्ति 24 प्रतिशत बढ़कर 1.4 करोड़ इकाई हो गई।

देश में कंपनी का राजस्व 10 अरब डॉलर के पार पहुंचने का अनुमान है। आईफोन एप्पल के भारतीय कारोबार की आय का सबसे बड़ा स्रोत है और भारत से निर्यात होने वाला प्रमुख स्मार्टफोन भी है।

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