बिहार में भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान आज से शुरू हो रहा है। यह अभियान 5 नवंबर तक प्रदेश भर में चलाया जाएगा। 15 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के जरिए भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता, मतदाता सूची की शुद्धता, मताधिकार की रक्षा और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाएगी। इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस, पदयात्रा, रैलियां, युवा संवाद और सोशल मीडिया के जरिए जनसंपर्क किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बनाई रणनीति अभियान की तैयारियों को लेकर प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और प्रदेश संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया ने रणनीति बनाई है। रूपरेखा, जिला स्तर पर कार्यक्रमों के आयोजन और जनसंपर्क की रणनीति बनी। प्रदेश अध्यक्ष ने अभियान को सभी जिलों में प्रभावी ढंग से चलाने के लिए पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। संजय सरावगी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती, मतदाता सूची की शुद्धता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए भाजपा जन-जन तक पहुंचेगी। पार्टी का उद्देश्य लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जुड़े विषयों पर जनता के साथ संवाद करना और विपक्ष के दावों तथा नीतियों पर अपना पक्ष रखना है। प्रेस कॉन्फ्रेंस से लेकर युवा संवाद तक होंगे कार्यक्रम प्रदेश के सभी जिलों में प्रेस वार्ता, ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ रैलियां, पदयात्रा और प्रबुद्ध जनों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही ‘राष्ट्र चिंतन संवाद’ और ‘लोकतंत्र बनाम भीड़तंत्र : युवा संवाद’ के जरिए युवाओं को अभियान से जोड़ने की योजना है। विद्यार्थियों के बीच प्रतिस्पर्धाएं आयोजित करने और छात्र संवाद के माध्यम से भी लोकतंत्र से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी। पार्टी अभियान के दौरान पत्रिका के विशेषांक, साहित्य और पुस्तिकाओं के वितरण, प्रचार सामग्री तथा सोशल मीडिया जनसंपर्क का भी सहारा लेगी। इसके अलावा ‘घुसपैठिया हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ के नाम से इंफ्लुएंसर आउटरीच कार्यक्रम चलाने की योजना बनाई गई है। मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया पर रहेगा जोर भाजपा अभियान के दौरान मतदाता सूची की शुद्धता, मताधिकार की रक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर अपना पक्ष रखेगी। पार्टी का आरोप है कि विपक्षी दल मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता के विश्वास को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा इन मुद्दों पर जनता के बीच संवाद कर विपक्ष की नीतियों और दावों पर सवाल उठाएगी। अभियान में राजनीतिक जवाबदेही, भ्रष्टाचार के आरोपों, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता, महिला अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े विषयों को भी शामिल किया गया है। पार्टी की योजना इन मुद्दों पर विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए लोगों तक पहुंचने और अपना पक्ष रखने की है। बिहार में भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान आज से शुरू हो रहा है। यह अभियान 5 नवंबर तक प्रदेश भर में चलाया जाएगा। 15 दिनों तक चलने वाले इस अभियान के जरिए भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता, मतदाता सूची की शुद्धता, मताधिकार की रक्षा और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाएगी। इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस, पदयात्रा, रैलियां, युवा संवाद और सोशल मीडिया के जरिए जनसंपर्क किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बनाई रणनीति अभियान की तैयारियों को लेकर प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और प्रदेश संगठन महामंत्री भीखूभाई दलसानिया ने रणनीति बनाई है। रूपरेखा, जिला स्तर पर कार्यक्रमों के आयोजन और जनसंपर्क की रणनीति बनी। प्रदेश अध्यक्ष ने अभियान को सभी जिलों में प्रभावी ढंग से चलाने के लिए पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। संजय सरावगी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती, मतदाता सूची की शुद्धता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए भाजपा जन-जन तक पहुंचेगी। पार्टी का उद्देश्य लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जुड़े विषयों पर जनता के साथ संवाद करना और विपक्ष के दावों तथा नीतियों पर अपना पक्ष रखना है। प्रेस कॉन्फ्रेंस से लेकर युवा संवाद तक होंगे कार्यक्रम प्रदेश के सभी जिलों में प्रेस वार्ता, ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ रैलियां, पदयात्रा और प्रबुद्ध जनों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही ‘राष्ट्र चिंतन संवाद’ और ‘लोकतंत्र बनाम भीड़तंत्र : युवा संवाद’ के जरिए युवाओं को अभियान से जोड़ने की योजना है। विद्यार्थियों के बीच प्रतिस्पर्धाएं आयोजित करने और छात्र संवाद के माध्यम से भी लोकतंत्र से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी। पार्टी अभियान के दौरान पत्रिका के विशेषांक, साहित्य और पुस्तिकाओं के वितरण, प्रचार सामग्री तथा सोशल मीडिया जनसंपर्क का भी सहारा लेगी। इसके अलावा ‘घुसपैठिया हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ के नाम से इंफ्लुएंसर आउटरीच कार्यक्रम चलाने की योजना बनाई गई है। मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया पर रहेगा जोर भाजपा अभियान के दौरान मतदाता सूची की शुद्धता, मताधिकार की रक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर अपना पक्ष रखेगी। पार्टी का आरोप है कि विपक्षी दल मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता के विश्वास को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा इन मुद्दों पर जनता के बीच संवाद कर विपक्ष की नीतियों और दावों पर सवाल उठाएगी। अभियान में राजनीतिक जवाबदेही, भ्रष्टाचार के आरोपों, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता, महिला अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों से जुड़े विषयों को भी शामिल किया गया है। पार्टी की योजना इन मुद्दों पर विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए लोगों तक पहुंचने और अपना पक्ष रखने की है।

