ब्रिटेन में अमेरिकी बेस को थी उड़ाने की साजिश, 7 गिरफ्तारियां, फिर सभी को जमानत, ईरान कनेक्शन या कुछ और?

ब्रिटेन में अमेरिकी बेस को थी उड़ाने की साजिश, 7 गिरफ्तारियां, फिर सभी को जमानत, ईरान कनेक्शन या कुछ और?

UK Terror Plot: ब्रिटेन के आरएएफ (रॉयल एयर फोर्स) फेयरफोर्ड एयरबेस को निशाना बनाने की कथित साजिश की जांच अब भी जारी है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए 22 वर्षीय ब्रिटिश युवक को पुलिस ने जमानत पर रिहा कर दिया है।

वह इस मामले में गिरफ्तार किया गया सातवां व्यक्ति था। पुलिस ने उसे आतंकवादी गतिविधि की तैयारी के शक में गिरफ्तार किया था। हालांकि, अभी तक किसी भी संदिग्ध पर आरोप तय नहीं किया गया है।

अमेरिकी बमवर्षक विमानों को हटाया गया

आरएएफ फेयरफोर्ड पर सुरक्षा को लेकर चिंता उस समय और बढ़ गई जब अमेरिका ने इस एयरबेस से अपने बमवर्षक विमान हटा लिए। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, एयरबेस पर संभावित खतरे को देखते हुए विमानों को दूसरी जगह भेजा गया। रिपोर्टों में दावा किया गया कि खतरे का संबंध ईरान से हो सकता है और कथित तौर पर एयरबेस पर ड्रोन हमले की योजना की आशंका थी।

RAF Fairford का इस्तेमाल हाल के महीनों में अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए किया गया था। खासकर ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई के दौरान इस एयरबेस की भूमिका अहम रही थी। इसी वजह से यहां सुरक्षा को लेकर किसी भी संदिग्ध गतिविधि को गंभीरता से लिया जा रहा है।

संदिग्ध वाहनों ने बढ़ाई थी चिंता

मामला 27 सितंबर को सामने आया था। उस समय ग्लॉस्टरशायर स्थित एयरबेस के पास तीन संदिग्ध वाहनों की सूचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद सशस्त्र पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इन लोगों पर पहले विस्फोटक कानून से जुड़े अपराध और बाद में आतंकवादी गतिविधि की तैयारी का शक जताया गया था।

पुलिस ने वाहनों की गहन जांच की। इस दौरान किसी तरह का विस्फोटक उपकरण नहीं मिला, लेकिन वाहनों से पेट्रोल बरामद किया गया। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि पेट्रोल वहां किस मकसद से लाया गया था और संदिग्धों की असली योजना क्या थी।

अब तक सात गिरफ्तारियां, सभी जमानत पर

पहले गिरफ्तार किए गए पांच लोगों को पूछताछ के बाद पुलिस जमानत पर छोड़ चुकी है। इसके बाद 25 वर्षीय दोहरी ब्रिटिश-ईरानी नागरिक को 1 अक्टूबर को लंदन के वेस्टमिंस्टर इलाके से गिरफ्तार किया गया था। उसे भी बाद में जमानत दे दी गई। अब 22 वर्षीय सातवें संदिग्ध को भी सख्त शर्तों के साथ छोड़ दिया गया है।

ब्रिटिश काउंटर टेररिज्म पुलिस का कहना है कि जमानत पर छोड़े जाने का मतलब यह नहीं है कि जांच खत्म हो गई है। सभी संदिग्ध जांच के दायरे में हैं और उन पर तय शर्तें लागू रहेंगी।

ईरान से कनेक्शन की भी जांच

इस मामले में ईरान के संभावित कनेक्शन को लेकर भी जांच चल रही है। ब्रिटेन के अधिकारियों ने ईरान की भूमिका की ओर इशारा किया है, जबकि ईरान ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। जांच एजेंसियां फिलहाल किसी एक संभावना पर निर्भर नहीं हैं और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।

काउंटर टेररिज्म पुलिस ने साफ किया है कि यह अभी एक सक्रिय जांच है। एजेंसियां संदिग्धों की गतिविधियों, उनके संपर्कों और एयरबेस के आसपास हुई घटनाओं को जोड़कर पूरी तस्वीर समझने की कोशिश कर रही हैं। इस बीच आरएएफ फेयरफोर्ड की सुरक्षा व्यवस्था पर भी खास नजर रखी जा रही है।

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