बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात अर्नब का असर बोकारो जिले में दिखने लगा है। बुधवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर करीब 2.30 बजे पेटरवार में बारिश शुरू हुई, जबकि शाम चार बजे के आसपास बोकारो शहर और चास में भी बूंदाबांदी होने लगी। देर शाम तक जिले के अलग-अलग इलाकों में कहीं हल्की तो कहीं अपेक्षाकृत अधिक बारिश हुई। इस दौरान जिले में 2.3 एमएम बारिश मापी गई। बारिश के कारण मौसम में बदलाव आया और तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, आसमान में बादल छाए रहने के कारण वातावरण में उमस भी बनी रही। दिनभर बादल छाए रहने के बाद शाम होते ही अंधेरा जल्दी घिर आया। अचानक बदले मौसम ने लोगों की दिनचर्या को भी प्रभावित किया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, गुरुवार को भी चक्रवात का असर बने रहने की संभावना है। इस दौरान जिले में बारिश के साथ तेज हवा चल सकती है। कुछ इलाकों में तेज बारिश होने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। तेज हवा चलने से बिजली आपूर्ति हो सकती प्रभावित जिले में बारिश के साथ तेज हवा भी चलने की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात से जुड़े मौसमी सिस्टम के प्रभाव के कारण बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। हालांकि, इसकी तीव्रता और प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में अलग हो सकते हैं। गुरुवार को बोकारो जिले में मौसम अधिक सक्रिय रहने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञों के मुताबिक, चक्रवाती सिस्टम की गति और दिशा में बदलाव के साथ बारिश की तीव्रता भी बदल सकती है। चक्रवात अर्नब के प्रभाव से झारखंड के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल गया है। बोकारो के अलावा राज्य के अन्य जिलों में भी बारिश की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका जताई है। मध्य झारखंड के जिलों बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, चतरा सहित आसपास के क्षेत्रों में भी 29 अक्टूबर तक भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम में इस बदलाव का असर खेती-किसानी, सड़क यातायात और रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ सकता है। लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है। वहीं, तेज हवा चलने से पेड़ों की डालियां टूटने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा भी बना रह सकता है। बोकारो में शाम को रही बारिश के बीच आवाजाही करते वाहन। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात अर्नब का असर बोकारो जिले में दिखने लगा है। बुधवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर करीब 2.30 बजे पेटरवार में बारिश शुरू हुई, जबकि शाम चार बजे के आसपास बोकारो शहर और चास में भी बूंदाबांदी होने लगी। देर शाम तक जिले के अलग-अलग इलाकों में कहीं हल्की तो कहीं अपेक्षाकृत अधिक बारिश हुई। इस दौरान जिले में 2.3 एमएम बारिश मापी गई। बारिश के कारण मौसम में बदलाव आया और तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, आसमान में बादल छाए रहने के कारण वातावरण में उमस भी बनी रही। दिनभर बादल छाए रहने के बाद शाम होते ही अंधेरा जल्दी घिर आया। अचानक बदले मौसम ने लोगों की दिनचर्या को भी प्रभावित किया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, गुरुवार को भी चक्रवात का असर बने रहने की संभावना है। इस दौरान जिले में बारिश के साथ तेज हवा चल सकती है। कुछ इलाकों में तेज बारिश होने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। तेज हवा चलने से बिजली आपूर्ति हो सकती प्रभावित जिले में बारिश के साथ तेज हवा भी चलने की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात से जुड़े मौसमी सिस्टम के प्रभाव के कारण बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। हालांकि, इसकी तीव्रता और प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में अलग हो सकते हैं। गुरुवार को बोकारो जिले में मौसम अधिक सक्रिय रहने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञों के मुताबिक, चक्रवाती सिस्टम की गति और दिशा में बदलाव के साथ बारिश की तीव्रता भी बदल सकती है। चक्रवात अर्नब के प्रभाव से झारखंड के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल गया है। बोकारो के अलावा राज्य के अन्य जिलों में भी बारिश की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका जताई है। मध्य झारखंड के जिलों बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, चतरा सहित आसपास के क्षेत्रों में भी 29 अक्टूबर तक भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम में इस बदलाव का असर खेती-किसानी, सड़क यातायात और रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ सकता है। लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है। वहीं, तेज हवा चलने से पेड़ों की डालियां टूटने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा भी बना रह सकता है। बोकारो में शाम को रही बारिश के बीच आवाजाही करते वाहन।

