Hong Kong Sixes Rules: नो बॉल पर नहीं मिलेगा फ्री हिट, अर्धशतक के बाद रिटायर होंगे बल्लेबाज, हांगकांग सिक्‍सेस के दिलचस्प हैं नियम

Hong Kong Sixes Rules: नो बॉल पर नहीं मिलेगा फ्री हिट, अर्धशतक के बाद रिटायर होंगे बल्लेबाज, हांगकांग सिक्‍सेस के दिलचस्प हैं नियम

Hong Kong Sixes 2026: हांगकांग सिक्सेस 2026 की शुरुआत 30 अक्टूबर से होगी और खिताबी मुकाबला 1 नवंबर को खेला जाएगा। टूर्नामेंट में 12 टीमें हिस्सा लेंगी। भारतीय टीम ग्रुप C में पाकिस्तान और UAE के साथ है। इस टूर्नामेंट के खास नियम दूसरे क्रिकेट फॉर्मेट से अलग बनाते हैं। 

Hong Kong Sixes 2026 Update: हांगकांग सिक्सेस 2026 की शुरुआत 30 अक्टूबर से होगी, जिसका खिताबी मुकाबला 1 नवंबर को खेला जाएगा। इस टूर्नामेंट में 12 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें तीन-तीन के चार अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया है। टीम इंडिया ग्रुप C में पाकिस्तान और UAE के साथ है। पाकिस्तान इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम है। भारत ने इस बार अपनी मजबूत टीम भेजी है, जिसकी अगुवाई क्रुणाल पांड्या करेंगे। स्क्वॉड में शशांक सिंह, टी नटराजन, राहुल तेवतिया, राहुल त्रिपाठी और नितीश राणा जैसे स्टार खिलाड़ी भी शामिल हैं। कुल मिलाकर ये एक ऑलराउंडर्स का खेल है।

टूर्नामेंट के दिलचस्प नियम

इस टूर्नामेंट की सबसे दिलचस्प बात इसके नियम हैं। एक टीम में 6 खिलाड़ी होते हैं और सभी छह बल्लेबाजी कर सकते हैं। एक पारी में 5 ओवर फेंके जाते हैं और पांच बल्लेबाज आउट हो जाते हैं, तो छठा बल्लेबाज भी आखिरी आउट होने वाले बल्लेबाज को रनर बनाकर बैटिंग कर सकता है। आमतौर पर यह मैच 40 से 50 मिनट में खत्म हो जाता है।

सबसे खास बात यह है कि यहां नो-बॉल पर फ्री हिट नहीं होता हालांकि नो या वाइड बॉल के लिए 2 अतरिक्त रन दिए जाते हैं। अगर कोई बल्लेबाज 50 रन पूरे कर लेता है, तो उसे रिटायर्ड होना पड़ता है। हालांकि, बाद में वह दोबारा बल्लेबाजी कर सकता है। इस टूर्नामेंट में विकेटकीपर को छोड़कर सभी को कम से कम एक ओवर डालना होता है और एक बॉलर ही दो ओवर डाल सकता है लेकिन वह लगातार 2 ओवर नहीं फेंक सकता।

2005 में टीम इंडिया बनी थी चैंपियन

सबसे खास बात यह है कि विकेटकीपर को छोड़कर यहां सभी गेंदबाजों को कम से कम एक ओवर डालना होता है। मतलब देखा जाए, तो हांगकांग सिक्सेस ऑलराउंडर का खेल है। टीम इंडिया का पाकिस्तान के साथ मुकाबला 30 अक्टूबर को होगा। पाकिस्तान डिफेंडिंग चैंपियन है। टीम इंडिया इस टूर्नामेंट के फाइनल में दो बार पहुंची है, जहां उसे 1996 में वेस्टइंडीज से हार का सामना करना पड़ा था, तो 2005 में वेस्टइंडीज को खिताबी मुकाबले में हराकर टीम इंडिया ने बदल पूरा किया और पहली बार खिताब जीता।

अब तक पाकिस्तान 6 बार यह टूर्नामेंट जीत चुका है, तो वहीं इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका ने 5-5 बार खिताब पर कब्जा किया है। श्रीलंका की टीम दो बार चैंपियन रही है। ऑस्ट्रेलिया, वेस्टइंडीज और टीम इंडिया ने एक एक बार खिताब अपने नाम किया है।

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