बाढ़ अनुमंडल के बेढ़ना गांव में मछली और शराब की पार्टी के बाद चार लोगों की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल के सीनियर चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान मिले लक्षण पॉइजनिंग यानी जहरीले पदार्थ के सेवन की ओर इशारा कर रहे हैं। डॉ. अजय कुमार के अनुसार, जिस तेजी से चारों लोगों के शरीर में जहरीला प्रभाव फैला और उनकी मौत हुई, वह सामान्य शराब सेवन का मामला नहीं लगता। उन्होंने स्पष्ट किया कि नकली शराब के सेवन से भी आमतौर पर इतनी तेजी से मौत नहीं होती है। हालांकि, शराब या पानी में किसी जहरीले तत्व के मिले होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल लाए जाने के दौरान पीड़ितों के मुंह से झाग निकल रहा था। पोस्टमार्टम के दौरान भी कई ऐसे लक्षण पाए गए, जो पॉइजनिंग की संभावना को पुख्ता करते हैं। डॉ. अजय के मुताबिक, अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जहरीला पदार्थ किस चीज में मिला था—शराब में, पानी में या पार्टी में खाए गए किसी खाद्य पदार्थ में। इसकी पुष्टि एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लैब) जांच के बाद ही हो सकेगी। यदि शराब में पानी मिलाकर उसका सेवन किया गया था, तो पानी के नमूने की जांच भी महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल शराब के सेवन से इतनी तेजी से हुई मौत की संभावना कम है। शराब में कोई जहरीला रसायन या अन्य पदार्थ मिलाया गया था अथवा भोजन के जरिए जहर शरीर में पहुंचा, इसका पता एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। चार लोगों की एक साथ हुई इस रहस्यमयी मौत के बाद पुलिस जांच जारी है और एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी। बाढ़ अनुमंडल के बेढ़ना गांव में मछली और शराब की पार्टी के बाद चार लोगों की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल के सीनियर चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान मिले लक्षण पॉइजनिंग यानी जहरीले पदार्थ के सेवन की ओर इशारा कर रहे हैं। डॉ. अजय कुमार के अनुसार, जिस तेजी से चारों लोगों के शरीर में जहरीला प्रभाव फैला और उनकी मौत हुई, वह सामान्य शराब सेवन का मामला नहीं लगता। उन्होंने स्पष्ट किया कि नकली शराब के सेवन से भी आमतौर पर इतनी तेजी से मौत नहीं होती है। हालांकि, शराब या पानी में किसी जहरीले तत्व के मिले होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल लाए जाने के दौरान पीड़ितों के मुंह से झाग निकल रहा था। पोस्टमार्टम के दौरान भी कई ऐसे लक्षण पाए गए, जो पॉइजनिंग की संभावना को पुख्ता करते हैं। डॉ. अजय के मुताबिक, अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जहरीला पदार्थ किस चीज में मिला था—शराब में, पानी में या पार्टी में खाए गए किसी खाद्य पदार्थ में। इसकी पुष्टि एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लैब) जांच के बाद ही हो सकेगी। यदि शराब में पानी मिलाकर उसका सेवन किया गया था, तो पानी के नमूने की जांच भी महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल शराब के सेवन से इतनी तेजी से हुई मौत की संभावना कम है। शराब में कोई जहरीला रसायन या अन्य पदार्थ मिलाया गया था अथवा भोजन के जरिए जहर शरीर में पहुंचा, इसका पता एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। चार लोगों की एक साथ हुई इस रहस्यमयी मौत के बाद पुलिस जांच जारी है और एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।

