बेगूसराय में स्नातक निर्वाचन चुनाव के दौरान मतदान केंद्र पर उस समय माहौल गरम हो गया, जब धीमी वोटिंग को लेकर भाजपा उम्मीदवार सह विधान पार्षद (एमएलसी) सर्वेश कुमार मतदान केंद्र पर अधिकारियों से भिड़ गए। दिनकर कला भवन स्थित मतदान केंद्र पर वोटिंग की सुस्त रफ्तार देखकर सर्वेश कुमार काफी नाराज दिखे। उन्होंने अधिकारियों पर अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से इस बूथ को तुरंत रद्द कर दोबारा मतदान कराने की मांग की। घटना के समय मतदान केंद्र के बाहर मतदाताओं की लंबी कतार लगी हुई थी। भाजपा उम्मीदवार सर्वेश कुमार ने आरोप लगाया कि करीब 150 से अधिक मतदाता कतार में खड़े थे और लोग तीन-तीन घंटे से अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। मौके पर पहुंचे सर्वेश सिंह ने मतदान प्रक्रिया की धीमी गति पर नाराजगी जताई। भाजपा प्रत्याशी बोले- वोटर्स को देर तक लाइन में खड़ा करना गलत भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि मतदाताओं को इतनी देर तक कतार में खड़ा रखना सरासर गलत है। मतदान केंद्र पर अलग से अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की जानी चाहिए थी। जिससे प्रक्रिया तेज हो सके, लेकिन ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई। हंगामे की सूचना मिलने के बाद सदर एसडीओ अश्विनी कुमार मौके पर पहुंचे। इस दौरान सर्वेश कुमार और एसडीओ के बीच तीखी बहस हो गई। सर्वेश कुमार ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बूथ पर भीड़ को देखते हुए प्रबंधन को सही कदम उठाने चाहिए थे और मतदान कर्मियों की संख्या बढ़ानी चाहिए थी। उन्होंने तंज कसते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की व्यवस्था पर असंतोष जाहिर किया और बार-बार बूथ को कैंसिल करने की बात दोहराते रहे। डीएम और एसपी पहुंचे तो बढ़ाई गई व्यवस्था मतदान केंद्र पर बढ़ते विवाद और हंगामे की सूचना मिलते ही डीएम रिची पांडेय और एसपी मनीष दिनकर कला भवन पहुंचे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा की और परिसर का जायजा लिया। माहौल को नियंत्रित करने और मतदान प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए डीएम ने अतिरिक्त मतदान कर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए। डीएम रिची पांडेय ने बताया कि स्नातक चुनाव की प्रक्रिया में कुल 40 प्रत्याशी मैदान में हैं और इस बूथ पर 1400 से ज्यादा मतदाता पंजीकृत हैं। सुबह के समय मतदान केंद्र पर भीड़ काफी कम थी, लेकिन 11 बजे के बाद अचानक मतदाताओं की संख्या बढ़ गई, जिससे वोटिंग प्रतिशत थोड़ा धीमा हुआ और समस्या पैदा हुई। डीएम ने स्पष्ट किया कि समस्या को देखते हुए अतिरिक्त मतदान कर्मियों और पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। इसके अलावा अधिकारियों को कैंप करके मतदान प्रक्रिया संपन्न कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे निडर होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें। शाम 4 बजे तक जितने भी मतदाता कतार में खड़े हो जाएंगे, उन सभी का मतदान नियमनुसार कराया जाएगा। बेगूसराय में स्नातक निर्वाचन चुनाव के दौरान मतदान केंद्र पर उस समय माहौल गरम हो गया, जब धीमी वोटिंग को लेकर भाजपा उम्मीदवार सह विधान पार्षद (एमएलसी) सर्वेश कुमार मतदान केंद्र पर अधिकारियों से भिड़ गए। दिनकर कला भवन स्थित मतदान केंद्र पर वोटिंग की सुस्त रफ्तार देखकर सर्वेश कुमार काफी नाराज दिखे। उन्होंने अधिकारियों पर अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से इस बूथ को तुरंत रद्द कर दोबारा मतदान कराने की मांग की। घटना के समय मतदान केंद्र के बाहर मतदाताओं की लंबी कतार लगी हुई थी। भाजपा उम्मीदवार सर्वेश कुमार ने आरोप लगाया कि करीब 150 से अधिक मतदाता कतार में खड़े थे और लोग तीन-तीन घंटे से अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। मौके पर पहुंचे सर्वेश सिंह ने मतदान प्रक्रिया की धीमी गति पर नाराजगी जताई। भाजपा प्रत्याशी बोले- वोटर्स को देर तक लाइन में खड़ा करना गलत भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि मतदाताओं को इतनी देर तक कतार में खड़ा रखना सरासर गलत है। मतदान केंद्र पर अलग से अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की जानी चाहिए थी। जिससे प्रक्रिया तेज हो सके, लेकिन ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई। हंगामे की सूचना मिलने के बाद सदर एसडीओ अश्विनी कुमार मौके पर पहुंचे। इस दौरान सर्वेश कुमार और एसडीओ के बीच तीखी बहस हो गई। सर्वेश कुमार ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बूथ पर भीड़ को देखते हुए प्रबंधन को सही कदम उठाने चाहिए थे और मतदान कर्मियों की संख्या बढ़ानी चाहिए थी। उन्होंने तंज कसते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की व्यवस्था पर असंतोष जाहिर किया और बार-बार बूथ को कैंसिल करने की बात दोहराते रहे। डीएम और एसपी पहुंचे तो बढ़ाई गई व्यवस्था मतदान केंद्र पर बढ़ते विवाद और हंगामे की सूचना मिलते ही डीएम रिची पांडेय और एसपी मनीष दिनकर कला भवन पहुंचे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा की और परिसर का जायजा लिया। माहौल को नियंत्रित करने और मतदान प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए डीएम ने अतिरिक्त मतदान कर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए। डीएम रिची पांडेय ने बताया कि स्नातक चुनाव की प्रक्रिया में कुल 40 प्रत्याशी मैदान में हैं और इस बूथ पर 1400 से ज्यादा मतदाता पंजीकृत हैं। सुबह के समय मतदान केंद्र पर भीड़ काफी कम थी, लेकिन 11 बजे के बाद अचानक मतदाताओं की संख्या बढ़ गई, जिससे वोटिंग प्रतिशत थोड़ा धीमा हुआ और समस्या पैदा हुई। डीएम ने स्पष्ट किया कि समस्या को देखते हुए अतिरिक्त मतदान कर्मियों और पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। इसके अलावा अधिकारियों को कैंप करके मतदान प्रक्रिया संपन्न कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे निडर होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें। शाम 4 बजे तक जितने भी मतदाता कतार में खड़े हो जाएंगे, उन सभी का मतदान नियमनुसार कराया जाएगा।

