गया जिला कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को बिहार में खराब कानून-व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन किया। हत्या, लूट, डकैती, अपहरण और दुष्कर्म घटनाओं के विरोध में राजेंद्र आश्रम से विरोध मार्च निकाला गया। यह मार्च गया डीएम कार्यालय पहुंचकर सभा में बदल गया। कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ नारेबाजी कर सरकार पर अपराध रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की। नेताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के उस बयान पर सवाल उठाए, जिसमें उन्होंने रात में लोगों के सुरक्षित आने-जाने का भरोसा दिया था। कांग्रेस का आरोप है कि दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं और अपराधियों में कानून का डर खत्म हो रहा है। पूर्णिया, समस्तीपुर, मुंगेर, बेगूसराय, मोतिहारी, गया में आपराधिक घटनाओं का जिक्र किया कांग्रेस ने पूर्णिया, समस्तीपुर, मुंगेर, बेगूसराय, मोतिहारी और गया में हुई आपराधिक घटनाओं का जिक्र किया। जनता को सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है, इन घटनाओं से असुरक्षा बढ़ रही है। पार्टी ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। पूर्णिया में पति-पत्नी से जुड़ी हत्या की घटना का उल्लेख करते हुए नेताओं ने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज को झकझोर देती हैं। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता सामने आ रही है, तो सरकार अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं कर पा रही है। गया में दरोगा के बेटे की हत्या का मामला भी गूंजा प्रदर्शन के दौरान गया में दुर्गा पूजा के दौरान दरोगा के दो बेटों पर हुई गोलीबारी की घटना को भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। नेताओं ने इस घटना को लेकर चिंता जताई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही गया के ढोलकिया गली इलाके में एक परिवार के घर से करीब 40 लाख रुपये की संपत्ति की कथित डकैती का मामला भी उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पर्व-त्योहार के दौरान भी लोग अपने घरों और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। महिला सुरक्षा पर सरकार को घेरा कांग्रेस नेताओं ने मोतिहारी में दुर्गा पूजा के दौरान एक बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म की घटना का जिक्र करते हुए महिला सुरक्षा पर सवाल उठाए। नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावे जमीनी स्थिति से मेल नहीं खाते। उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। गंभीर आपराधिक मामलों में त्वरित जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और कानून के अनुसार कठोर सजा सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और अपराधियों में कानून का भय कायम हो। एनकाउंटर पर भी निष्पक्ष जांच की मांग विरोध मार्च के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पुलिस मुठभेड़ की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एनकाउंटर से जुड़े मामलों में तथ्यों को स्पष्ट किया जाना चाहिए और जरूरत पड़ने पर निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने जोर दिया कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कानून के दायरे में होनी चाहिए और किसी भी मामले में सच्चाई सामने आनी चाहिए। इस्तीफे की मांग, आंदोलन जारी रखने की चेतावनी कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि सरकार का काम केवल आश्वासन देना नहीं, बल्कि जनता को सुरक्षा का भरोसा दिलाना भी है। नेताओं के अनुसार, यदि सरकार अपराध पर नियंत्रण करने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहती है, तो उसे जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए। गया जिला कांग्रेस कमेटी के इस विरोध प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने राज्य में कानून का राज स्थापित करने, हत्या-लूट-अपहरण और दुष्कर्म जैसी घटनाओं पर रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाकर सरकार पर दबाव बनाया जाता रहेगा। प्रदर्शन के जरिए पार्टी ने संदेश देने की कोशिश की कि जनता की सुरक्षा से जुड़े सवालों पर सरकार को जवाब देना होगा। गया जिला कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को बिहार में खराब कानून-व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन किया। हत्या, लूट, डकैती, अपहरण और दुष्कर्म घटनाओं के विरोध में राजेंद्र आश्रम से विरोध मार्च निकाला गया। यह मार्च गया डीएम कार्यालय पहुंचकर सभा में बदल गया। कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ नारेबाजी कर सरकार पर अपराध रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की। नेताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के उस बयान पर सवाल उठाए, जिसमें उन्होंने रात में लोगों के सुरक्षित आने-जाने का भरोसा दिया था। कांग्रेस का आरोप है कि दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं और अपराधियों में कानून का डर खत्म हो रहा है। पूर्णिया, समस्तीपुर, मुंगेर, बेगूसराय, मोतिहारी, गया में आपराधिक घटनाओं का जिक्र किया कांग्रेस ने पूर्णिया, समस्तीपुर, मुंगेर, बेगूसराय, मोतिहारी और गया में हुई आपराधिक घटनाओं का जिक्र किया। जनता को सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है, इन घटनाओं से असुरक्षा बढ़ रही है। पार्टी ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। पूर्णिया में पति-पत्नी से जुड़ी हत्या की घटना का उल्लेख करते हुए नेताओं ने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज को झकझोर देती हैं। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता सामने आ रही है, तो सरकार अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं कर पा रही है। गया में दरोगा के बेटे की हत्या का मामला भी गूंजा प्रदर्शन के दौरान गया में दुर्गा पूजा के दौरान दरोगा के दो बेटों पर हुई गोलीबारी की घटना को भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। नेताओं ने इस घटना को लेकर चिंता जताई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही गया के ढोलकिया गली इलाके में एक परिवार के घर से करीब 40 लाख रुपये की संपत्ति की कथित डकैती का मामला भी उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पर्व-त्योहार के दौरान भी लोग अपने घरों और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। महिला सुरक्षा पर सरकार को घेरा कांग्रेस नेताओं ने मोतिहारी में दुर्गा पूजा के दौरान एक बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म की घटना का जिक्र करते हुए महिला सुरक्षा पर सवाल उठाए। नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावे जमीनी स्थिति से मेल नहीं खाते। उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। गंभीर आपराधिक मामलों में त्वरित जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और कानून के अनुसार कठोर सजा सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और अपराधियों में कानून का भय कायम हो। एनकाउंटर पर भी निष्पक्ष जांच की मांग विरोध मार्च के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पुलिस मुठभेड़ की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एनकाउंटर से जुड़े मामलों में तथ्यों को स्पष्ट किया जाना चाहिए और जरूरत पड़ने पर निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने जोर दिया कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कानून के दायरे में होनी चाहिए और किसी भी मामले में सच्चाई सामने आनी चाहिए। इस्तीफे की मांग, आंदोलन जारी रखने की चेतावनी कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि सरकार का काम केवल आश्वासन देना नहीं, बल्कि जनता को सुरक्षा का भरोसा दिलाना भी है। नेताओं के अनुसार, यदि सरकार अपराध पर नियंत्रण करने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहती है, तो उसे जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए। गया जिला कांग्रेस कमेटी के इस विरोध प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने राज्य में कानून का राज स्थापित करने, हत्या-लूट-अपहरण और दुष्कर्म जैसी घटनाओं पर रोक लगाने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाकर सरकार पर दबाव बनाया जाता रहेगा। प्रदर्शन के जरिए पार्टी ने संदेश देने की कोशिश की कि जनता की सुरक्षा से जुड़े सवालों पर सरकार को जवाब देना होगा।

