बेगूसराय सदर के प्राथमिक विद्यालय पुवारी, रजौड़ा में नवरात्र पर आकर्षक झांकी सजाई गई। मंगलवार को पांचवीं की छात्रा शांभवी कुमारी ने मां दुर्गा का रूप धारण कर महिषासुर वध का मंचन किया। इस प्रस्तुति से बच्चों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। मंचन में लोभ, मोह, घमंड और क्रोध जैसी बुराइयों के प्रतीक बने बच्चों का वध दिखाया गया। इसके जरिए यह संदेश दिया गया कि जीवन में बुराइयों को छोड़कर सत्य और अच्छे आचरण का रास्ता अपनाना चाहिए। विद्यालय के शिक्षक धर्मवीर कुमार ने इस कार्यक्रम को तैयार किया। उन्होंने शांभवी को मां दुर्गा के रूप में सजाया और त्रिशूल भी खुद बनाया। इस आयोजन से बच्चों को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने की कोशिश की गई। शिक्षक धर्मवीर कुमार ने बताया कि बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ संस्कार देना भी जरूरी है। ऐसे आयोजनों से बच्चे अपनी संस्कृति को समझते हैं और अच्छे काम करने की प्रेरणा पाते हैं। मौके पर प्रधान शिक्षक अमित कुमार, शिक्षक मुक्तेश्वर कुमार, अरविंद कुमार, मारुति कुमार और राजेश कुमार, शिक्षिकाएं कुंदन कुमारी, अनुराधा कुमारी, रीना कुमारी और नूतन कुमारी सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं मौजूद थे। बेगूसराय सदर के प्राथमिक विद्यालय पुवारी, रजौड़ा में नवरात्र पर आकर्षक झांकी सजाई गई। मंगलवार को पांचवीं की छात्रा शांभवी कुमारी ने मां दुर्गा का रूप धारण कर महिषासुर वध का मंचन किया। इस प्रस्तुति से बच्चों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। मंचन में लोभ, मोह, घमंड और क्रोध जैसी बुराइयों के प्रतीक बने बच्चों का वध दिखाया गया। इसके जरिए यह संदेश दिया गया कि जीवन में बुराइयों को छोड़कर सत्य और अच्छे आचरण का रास्ता अपनाना चाहिए। विद्यालय के शिक्षक धर्मवीर कुमार ने इस कार्यक्रम को तैयार किया। उन्होंने शांभवी को मां दुर्गा के रूप में सजाया और त्रिशूल भी खुद बनाया। इस आयोजन से बच्चों को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने की कोशिश की गई। शिक्षक धर्मवीर कुमार ने बताया कि बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ संस्कार देना भी जरूरी है। ऐसे आयोजनों से बच्चे अपनी संस्कृति को समझते हैं और अच्छे काम करने की प्रेरणा पाते हैं। मौके पर प्रधान शिक्षक अमित कुमार, शिक्षक मुक्तेश्वर कुमार, अरविंद कुमार, मारुति कुमार और राजेश कुमार, शिक्षिकाएं कुंदन कुमारी, अनुराधा कुमारी, रीना कुमारी और नूतन कुमारी सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

