औरंगाबाद में करंट लगने से किसान की मौत हो गई। खेत पर फसल देखने गए थे, इस दौरान हादसे के शिकार हो गए। मृतक की पहचान रघुनंदन सिंह के 45 वर्षीय पुत्र बबन सिंह के रूप में हुई है। घटना कुटुंबा थाना क्षेत्र के कंठी बिगहा गांव की है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार की सुबह अपने घर से खेत में लगी फसल देखने के लिए बधार की ओर गए थे। सिंचाई के लिए मोटर भी चलानी थी। इसी दौरान वह खेत के आसपास टूटकर गिरे बिजली के तार की चपेट में आ गए और करंट लगने से अचेत होकर गिर पड़े। कुछ देर बाद रास्ते से गुजर रहे ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ी। ग्रामीणों ने शोर मचाकर उनके परिजनों को सूचना दी। इसके बाद उन्हें आनन-फानन में रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। किसान की अचानक मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ बबन सिंह की मौत ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतक की एक 14 वर्षीय बेटी है, जिसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। परिवार के लिए यह घटना ऐसा दुख लेकर आई है, जिसकी भरपाई करना संभव नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, बबन सिंह अपनी बेटी को बेहद प्यार करते थे। परिवार में पुत्र नहीं होने के कारण वह अपनी बेटी को ही बेटे के समान मानते थे। बेटी के भविष्य और परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर उनके कई सपने रहे होंगे, लेकिन अचानक हुई इस घटना ने परिवार की खुशियां छीन ली। विधायक प्रतिनिधि ने दिया सहयोग का भरोसा ग्रामीणों का कहना है कि कृषि कार्य के दौरान किसानों को खेतों में जाना पड़ता है। ऐसे में बिजली के तार टूटकर गिरने से जानलेवा हादसों का खतरा बना रहता है। बिजली विभाग से खेतों और कृषि क्षेत्रों के आसपास गुजरने वाले बिजली तारों की नियमित जांच कराने और टूटे तारों को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है। इधर, घटना की जानकारी मिलने पर विधायक प्रतिनिधि सौरभ पाठक कंठी बिगहा गांव पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। औरंगाबाद में करंट लगने से किसान की मौत हो गई। खेत पर फसल देखने गए थे, इस दौरान हादसे के शिकार हो गए। मृतक की पहचान रघुनंदन सिंह के 45 वर्षीय पुत्र बबन सिंह के रूप में हुई है। घटना कुटुंबा थाना क्षेत्र के कंठी बिगहा गांव की है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार की सुबह अपने घर से खेत में लगी फसल देखने के लिए बधार की ओर गए थे। सिंचाई के लिए मोटर भी चलानी थी। इसी दौरान वह खेत के आसपास टूटकर गिरे बिजली के तार की चपेट में आ गए और करंट लगने से अचेत होकर गिर पड़े। कुछ देर बाद रास्ते से गुजर रहे ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ी। ग्रामीणों ने शोर मचाकर उनके परिजनों को सूचना दी। इसके बाद उन्हें आनन-फानन में रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। किसान की अचानक मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ बबन सिंह की मौत ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतक की एक 14 वर्षीय बेटी है, जिसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। परिवार के लिए यह घटना ऐसा दुख लेकर आई है, जिसकी भरपाई करना संभव नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार, बबन सिंह अपनी बेटी को बेहद प्यार करते थे। परिवार में पुत्र नहीं होने के कारण वह अपनी बेटी को ही बेटे के समान मानते थे। बेटी के भविष्य और परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर उनके कई सपने रहे होंगे, लेकिन अचानक हुई इस घटना ने परिवार की खुशियां छीन ली। विधायक प्रतिनिधि ने दिया सहयोग का भरोसा ग्रामीणों का कहना है कि कृषि कार्य के दौरान किसानों को खेतों में जाना पड़ता है। ऐसे में बिजली के तार टूटकर गिरने से जानलेवा हादसों का खतरा बना रहता है। बिजली विभाग से खेतों और कृषि क्षेत्रों के आसपास गुजरने वाले बिजली तारों की नियमित जांच कराने और टूटे तारों को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है। इधर, घटना की जानकारी मिलने पर विधायक प्रतिनिधि सौरभ पाठक कंठी बिगहा गांव पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

