बूढ़ानाथ के मसानी काली मंदिर में डूब रहा था नाबालिग:समय रहते एसडीआरएफ की टीम ने बचाया, नहाने के दौरान गहरे पानी में चला गया था

बूढ़ानाथ के मसानी काली मंदिर में डूब रहा था नाबालिग:समय रहते एसडीआरएफ की टीम ने बचाया, नहाने के दौरान गहरे पानी में चला गया था

बूढ़ानाथ स्थित मसानी काली मंदिर परिसर के पास गहरे पानी में डूब रहे एक नाबालिग को समय रहते एसडीआरएफ की टीम ने बचा लिया। एसडीआरएफ के जवानों ने नाबालिग को तत्काल पानी से निकाला और परिजन को सौंप दिया। जानकारी के अनुसार, गोराडीह थाना क्षेत्र के जरलाही का रहने वाला 16 साल का शिवम अपने परिवार के साथ गंगा स्नान के लिए बूढ़ानाथ पहुंचा था। परिवार के लोग सीढ़ियों के पास स्नान कर रहे थे। इसी दौरान शिवम स्नान करते हुए आगे की ओर बढ़ गया और मसानी काली मंदिर के समीप गहरे पानी में पहुंच गया। गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण अचानक उसका पैर नीचे चला गया और वह पानी में डूबने लगा। पेट पर दबाव देकर पेट से निकाला गया पानी नाबालिग को डूबता देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। इसी दौरान मौके पर तैनात एसडीआरएफ की टीम की नजर बच्चे पर पड़ी। जवानों ने तत्काल पानी में उतरकर नाबालिग को बाहर निकाला। उस समय नाबालिग के पेट में पानी चला गया था और उसकी हालत बिगड़ रही थी। एसडीआरएफ जवानों ने मौके पर ही प्राथमिक उपचार शुरू किया। जवानों ने नाबालिग के पेट पर दबाव देकर पानी बाहर निकालने का प्रयास किया और उसे सामान्य स्थिति में लाया। प्राथमिक उपचार के बाद नाबालिग की स्थिति में सुधार हुआ। इसके बाद एसडीआरएफ जवानों ने नाबालिग को उसके परिजनों के हवाले कर दिया। अचानक हुए इस हादसे के बाद कुछ देर तक परिवार में भी अफरातफरी की स्थिति बनी रही। नाबालिग के सुरक्षित बचने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। नाबालिग को डूबता देख एसडीआरएफ ने निकाला एसडीआरएफ कर्मी नवीन कुमार ने बताया कि टीम की नजर नाबालिग पर पड़ते ही जवानों ने तत्काल कार्रवाई की। डूबने के कारण कुछ मात्रा में पानी उसके पेट में चला गया था, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार किया गया। शिवम की हालत में सुधार होते ही उसे परिजन को सौंप दिया गया। घट रहा गंगा का जलस्तर, लेकिन खतरा बरकरार भागलपुर में गंगा के जलस्तर में गिरावट की स्थिति बनी हुई है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। गंगा का पानी अब भी खतरे के निशान से करीब 60 सेंटीमीटर ऊपर बताया जा रहा है। ऐसे में नदी और उसके आसपास के गहरे हिस्सों में पानी का बहाव और गहराई लोगों के लिए खतरनाक बनी हुई है। बाढ़ के दौरान कई स्थानों पर घाट और सीढ़ियां पानी में डूबी हुई हैं। सामान्य दिनों में जहां लोग आसानी से स्नान करते हैं, वहीं बाढ़ के समय उसी स्थान पर अचानक गहराई बढ़ जाती है। यही वजह है कि प्रशासन और बचाव दल की ओर से लोगों को गहरे पानी में जाने से लगातार सावधान किया जा रहा है। बूढ़ानाथ स्थित मसानी काली मंदिर परिसर के पास गहरे पानी में डूब रहे एक नाबालिग को समय रहते एसडीआरएफ की टीम ने बचा लिया। एसडीआरएफ के जवानों ने नाबालिग को तत्काल पानी से निकाला और परिजन को सौंप दिया। जानकारी के अनुसार, गोराडीह थाना क्षेत्र के जरलाही का रहने वाला 16 साल का शिवम अपने परिवार के साथ गंगा स्नान के लिए बूढ़ानाथ पहुंचा था। परिवार के लोग सीढ़ियों के पास स्नान कर रहे थे। इसी दौरान शिवम स्नान करते हुए आगे की ओर बढ़ गया और मसानी काली मंदिर के समीप गहरे पानी में पहुंच गया। गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण अचानक उसका पैर नीचे चला गया और वह पानी में डूबने लगा। पेट पर दबाव देकर पेट से निकाला गया पानी नाबालिग को डूबता देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। इसी दौरान मौके पर तैनात एसडीआरएफ की टीम की नजर बच्चे पर पड़ी। जवानों ने तत्काल पानी में उतरकर नाबालिग को बाहर निकाला। उस समय नाबालिग के पेट में पानी चला गया था और उसकी हालत बिगड़ रही थी। एसडीआरएफ जवानों ने मौके पर ही प्राथमिक उपचार शुरू किया। जवानों ने नाबालिग के पेट पर दबाव देकर पानी बाहर निकालने का प्रयास किया और उसे सामान्य स्थिति में लाया। प्राथमिक उपचार के बाद नाबालिग की स्थिति में सुधार हुआ। इसके बाद एसडीआरएफ जवानों ने नाबालिग को उसके परिजनों के हवाले कर दिया। अचानक हुए इस हादसे के बाद कुछ देर तक परिवार में भी अफरातफरी की स्थिति बनी रही। नाबालिग के सुरक्षित बचने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। नाबालिग को डूबता देख एसडीआरएफ ने निकाला एसडीआरएफ कर्मी नवीन कुमार ने बताया कि टीम की नजर नाबालिग पर पड़ते ही जवानों ने तत्काल कार्रवाई की। डूबने के कारण कुछ मात्रा में पानी उसके पेट में चला गया था, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार किया गया। शिवम की हालत में सुधार होते ही उसे परिजन को सौंप दिया गया। घट रहा गंगा का जलस्तर, लेकिन खतरा बरकरार भागलपुर में गंगा के जलस्तर में गिरावट की स्थिति बनी हुई है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। गंगा का पानी अब भी खतरे के निशान से करीब 60 सेंटीमीटर ऊपर बताया जा रहा है। ऐसे में नदी और उसके आसपास के गहरे हिस्सों में पानी का बहाव और गहराई लोगों के लिए खतरनाक बनी हुई है। बाढ़ के दौरान कई स्थानों पर घाट और सीढ़ियां पानी में डूबी हुई हैं। सामान्य दिनों में जहां लोग आसानी से स्नान करते हैं, वहीं बाढ़ के समय उसी स्थान पर अचानक गहराई बढ़ जाती है। यही वजह है कि प्रशासन और बचाव दल की ओर से लोगों को गहरे पानी में जाने से लगातार सावधान किया जा रहा है।  

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