बुलंदशहर में विहिप बजरंग दल की अपील:अखाड़ा अध्यक्षों को पत्र देकर आग्रह किया, देवी-देवताओं की प्रस्तुति में मर्यादा रखें

बुलंदशहर में विहिप बजरंग दल की अपील:अखाड़ा अध्यक्षों को पत्र देकर आग्रह किया, देवी-देवताओं की प्रस्तुति में मर्यादा रखें

बुलंदशहर में आगामी नवरात्र मेले एवं अखाड़ों के आयोजन को लेकर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नगर के विभिन्न अखाड़ा अध्यक्षों एवं प्रमुख पदाधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान धार्मिक झांकियों एवं कार्यक्रमों की मर्यादा बनाए रखने के संबंध में चर्चा की गई। संगठन की ओर से अखाड़ा अध्यक्षों को पत्र सौंपकर आग्रह किया गया कि धार्मिक झांकियों में देवी-देवताओं के स्वरूप को फिल्मी अथवा लोकगीतों पर नृत्य प्रदर्शन के रूप में प्रस्तुत न किया जाए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि नवरात्र मेले एवं अखाड़े केवल मनोरंजन के कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि हिंदू समाज की आस्था, श्रद्धा और सनातन परंपरा से जुड़े धार्मिक आयोजन हैं। इन आयोजनों में भगवान श्रीकृष्ण, राधा-कृष्ण, गौरा-पार्वती तथा अन्य देवी-देवताओं के स्वरूप श्रद्धा और सम्मान के साथ प्रस्तुत किए जाते हैं। ऐसे में उनके स्वरूप की प्रस्तुति करते समय धार्मिक भावनाओं एवं मर्यादा का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है। विहिप-बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी भी धार्मिक आयोजन में बाधा डालना नहीं है, बल्कि धार्मिक परंपराओं की गरिमा और पवित्रता को बनाए रखना है। इसी उद्देश्य से अखाड़ा अध्यक्षों एवं संचालकों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर आग्रह किया गया है कि झांकियों में देवी-देवताओं के स्वरूपों को मनोरंजन अथवा फिल्मी नृत्य का हिस्सा न बनाया जाए। कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि मेले और अखाड़े हिंदू समाज की पुरानी परंपरा एवं सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं। इसलिए सभी आयोजकों की जिम्मेदारी है कि कार्यक्रमों में ऐसी प्रस्तुति रखी जाए जिससे धार्मिक भावनाओं का सम्मान हो और मेले की गरिमा भी बनी रहे। कार्यकर्ताओं ने अखाड़ा अध्यक्षों से आयोजन के दौरान अनुशासन एवं धार्मिक मर्यादा का विशेष ध्यान रखने का आग्रह किया। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष सुनील, जिला मंत्री विनोद, पूर्व जिला सह गौ रक्षा प्रमुख अरुण हिन्दू, शक्ति गिरी, पवन कश्यप, दीपक ठाकुर, जिला गौ रक्षा प्रमुख हरिशंकर, ध्रुव ठाकुर, रुद्र सहित विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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