बिहार के 15 जिलों के 88 प्रखंड़ों में बाढ़ का पानी फैला है। इन जिलों के 575 पंचायतों के 49.71 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल जिले प्रभावित हैं। अब केंद्र की टीम बिहार की बाढ़ का जायजा लेने पहुंची है। केंद्रीय कृषि मंत्री बुधवार को पटना पहुंचे। वे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। इसके साथ ही दोनों नेता किसानों और बाढ़ पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद करेंगे। इसके बाद पटना में बाढ़ आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक होगी। शिवराज सिंह हाजीपुर और मुंगेर जाएंगे। कृषि मंत्री नवगछिया में बाढ़ पीड़ितों से मिलेंगे। रात में भागलपुर में ही रुकेंगे। इधर शिवराज सिंह के दौरे से पहले तेजस्वी यादव ने तंज कसा है। उन्होंने पूछा है कि कुछ राहत पैकेज ला रहे हैं या बस फोटो सेशन के लिए पहुंच रहे हैं। राघोपुर में बाढ़ का जायजा लेंगे हाजीपुर पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर उतरने के बाद सीएम और केंद्रीय मंत्री सड़क मार्ग से तेरसिया के लिए रवाना होंगे। राघोपुर में बाढ़ से बड़ी आबादी प्रभावित है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद दियारा क्षेत्र के कई इलाकों में पानी फैल गया है। लोगों को आने-जाने और रोजमर्रा के कामों में परेशानी हो रही है। खेतों में लगी फसलें भी बाढ़ के पानी में डूबने से खराब हो गई हैं। मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे। इसके साथ ही बाढ़ से हुई फसल क्षति और क्षेत्र की स्थिति का भी जायजा लेंगे। 12:30 बजे संवाद में बाढ़ राहत की समीक्षा दोपहर 12:30 बजे मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद में बाढ़ आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक होगी। इसमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य, पुनर्वास, फसल नुकसान और किसानों को दी जाने वाली सहायता की समीक्षा की जाएगी। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारी भी शिवराज सिंह चौहान के साथ मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 2 बजे सचिवालय से स्टेट हैंगर के लिए रवाना होंगे। 2:05 बजे वहां से हेलीकॉप्टर से मुंगेर के नवगाछी के लिए प्रस्थान करेंगे। मुंगेर में राहत शिविर पहुंचेंगे दोनों नेता दोपहर 2:50 बजे नवगाछी, शीतलपुर फुटबॉल मैदान स्थित हेलीपैड पर पहुंचने का कार्यक्रम है। इसके बाद 2:55 बजे राहत शिविर में बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात की जाएगी और राहत कार्यों का निरीक्षण होगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान इसके बाद नवगछिया के कोजीकरैया बांध का करीब 3 बजे निरीक्षण करेंगे। शाम 5 बजे भागलपुर पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थित राहत शिविर में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे। भागलपुर में रात्रि विश्राम, 17 सितंबर को फिर दौरा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का कार्यक्रम शाम 4:20 बजे स्टेट हैंगर पहुंचने और 4:25 बजे लोक सेवक आवास लौटने के साथ समाप्त होगा। वहीं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान देर शाम तक भागलपुर में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात करने के बाद वहीं रात्रि विश्राम करेंगे। 17 सितंबर को वे राहत शिविरों का दौरा करते हुए पटना लौटेंगे। तेजस्वी बोले- फोटो खिंचाने तो नहीं आ रहे केंद्रीय मंत्री के बिहार दौरे से पहले राज्य के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने बाढ़ क्षति का आकलन करने आ रही केंद्रीय टीम पर तंज कसा।
मंगलवार को पटना में मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने सवाल किया कि केंद्र बिहार को बाढ़ पैकेज क्यों नहीं दे रहा है? राष्ट्रीय आपदा क्यों नहीं घोषित किया जा रहा है? बिहार के 15 जिलों के 88 प्रखंड़ों में बाढ़ का पानी फैला है। इन जिलों के 575 पंचायतों के 49.71 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल जिले प्रभावित हैं। अब केंद्र की टीम बिहार की बाढ़ का जायजा लेने पहुंची है। केंद्रीय कृषि मंत्री बुधवार को पटना पहुंचे। वे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। इसके साथ ही दोनों नेता किसानों और बाढ़ पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद करेंगे। इसके बाद पटना में बाढ़ आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक होगी। शिवराज सिंह हाजीपुर और मुंगेर जाएंगे। कृषि मंत्री नवगछिया में बाढ़ पीड़ितों से मिलेंगे। रात में भागलपुर में ही रुकेंगे। इधर शिवराज सिंह के दौरे से पहले तेजस्वी यादव ने तंज कसा है। उन्होंने पूछा है कि कुछ राहत पैकेज ला रहे हैं या बस फोटो सेशन के लिए पहुंच रहे हैं। राघोपुर में बाढ़ का जायजा लेंगे हाजीपुर पुलिस लाइन स्थित हेलीपैड पर उतरने के बाद सीएम और केंद्रीय मंत्री सड़क मार्ग से तेरसिया के लिए रवाना होंगे। राघोपुर में बाढ़ से बड़ी आबादी प्रभावित है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद दियारा क्षेत्र के कई इलाकों में पानी फैल गया है। लोगों को आने-जाने और रोजमर्रा के कामों में परेशानी हो रही है। खेतों में लगी फसलें भी बाढ़ के पानी में डूबने से खराब हो गई हैं। मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे। इसके साथ ही बाढ़ से हुई फसल क्षति और क्षेत्र की स्थिति का भी जायजा लेंगे। 12:30 बजे संवाद में बाढ़ राहत की समीक्षा दोपहर 12:30 बजे मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद में बाढ़ आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक होगी। इसमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य, पुनर्वास, फसल नुकसान और किसानों को दी जाने वाली सहायता की समीक्षा की जाएगी। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारी भी शिवराज सिंह चौहान के साथ मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 2 बजे सचिवालय से स्टेट हैंगर के लिए रवाना होंगे। 2:05 बजे वहां से हेलीकॉप्टर से मुंगेर के नवगाछी के लिए प्रस्थान करेंगे। मुंगेर में राहत शिविर पहुंचेंगे दोनों नेता दोपहर 2:50 बजे नवगाछी, शीतलपुर फुटबॉल मैदान स्थित हेलीपैड पर पहुंचने का कार्यक्रम है। इसके बाद 2:55 बजे राहत शिविर में बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात की जाएगी और राहत कार्यों का निरीक्षण होगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान इसके बाद नवगछिया के कोजीकरैया बांध का करीब 3 बजे निरीक्षण करेंगे। शाम 5 बजे भागलपुर पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थित राहत शिविर में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे। भागलपुर में रात्रि विश्राम, 17 सितंबर को फिर दौरा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का कार्यक्रम शाम 4:20 बजे स्टेट हैंगर पहुंचने और 4:25 बजे लोक सेवक आवास लौटने के साथ समाप्त होगा। वहीं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान देर शाम तक भागलपुर में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात करने के बाद वहीं रात्रि विश्राम करेंगे। 17 सितंबर को वे राहत शिविरों का दौरा करते हुए पटना लौटेंगे। तेजस्वी बोले- फोटो खिंचाने तो नहीं आ रहे केंद्रीय मंत्री के बिहार दौरे से पहले राज्य के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने बाढ़ क्षति का आकलन करने आ रही केंद्रीय टीम पर तंज कसा।
मंगलवार को पटना में मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने सवाल किया कि केंद्र बिहार को बाढ़ पैकेज क्यों नहीं दे रहा है? राष्ट्रीय आपदा क्यों नहीं घोषित किया जा रहा है?

