बिहार में मानसून सक्रिय है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आज यानी बुधवार को 16 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसमें 5 जिलों में भारी बारिश की संभावना है। 11 जिलों में यलो अलर्ट हैं। इस जिलों में 30kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है। कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। बिजली भी गिरने की आशंका है। IMD के मुताबिक, 10 सितंबर तक मौसम बदला रहेगा। इस दौरान कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इधर, बिहार में 13 जिलों में 34 लाख लोग बाढ़ से घिरे हुए हैं। दूसरे राज्यों में हो रही बारिश से बिहार की 9 से ज्यादा नदियां उफान पर हैं। पटना में पुनपुन नदी का जलस्तर 24 घंटे में 9 सेमी बढ़ा है। श्रीपालपुर में पानी खतरे के निशान से 2.95 मीटर ऊपर है। दरधा और महतमाईन नदी भी उफान पर है। भोजपुर में बाढ़ के पानी में डूबने से 4 लोगों की मौत हुई है। खगड़िया बाढ़ से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए… राहत शिविरों तक नहीं पहुंच पा रही मदद सरकार बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत शिविर और मदद पहुंचाने की मुकम्मल व्यवस्था करने का दावा कर रही है पर जमीनी हकीकत काफी अलग है। इन राहत शिविरों में दोनों वक्त दाल-भात-सब्जी तो मिल रही है, मगर बच्चों के लिए दूध, महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड और चेंजिंग रूम और मवेशियों के चारे का भारी संकट है। कई जिलों में राहत रसोई केवल कागजों तक ही सीमित है। बाढ़ में बने राहत शिविरों का हाल यूपी-बिहार के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर हो गया है, लेकिन इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर बना हुआ है। यह समुद्र तल से करीब 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। इसके अलावा, मानसून ट्रफ भी बिहार के आसपास सक्रिय है। यह दक्षिण गुजरात से मध्य प्रदेश होते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण तक पहुंच रही है। इन दोनों सिस्टम के प्रभाव से बिहार में नमी वाली हवा चल रही है, जिससे बादल बन रहे हैं और कई हिस्सों में तेज बारिश हो रही है। 11 सितंबर के आसपास फिर बन सकता है कम दबाव का क्षेत्र मौसम विभाग के अनुसार, 11 सितंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम हिस्से में नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से बिहार समेत पूर्वी भारत में बारिश की संभावना बन रही है। उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी स्तर पर पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण भी मौजूद है। इससे मौसम प्रणाली को अतिरिक्त समर्थन मिल रहा है। देखें बाढ़ की 2 तस्वीरें… बिहार में 35% कम बारिश, अब तक 541 MM बिहार में इस मानसून सीजन में सामान्य से कम बारिश हुई है। राज्य में अब तक 837.1 MM बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 541 MM ही बारिश हुई है। यानी सामान्य से करीब 35% कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, पिछले 24 घंटे में कई जिलों में अच्छी बारिश हुई है। मुजफ्फरपुर में 62 MM, गया में 58 MM, मधुबनी में 54 MM, रोहतास में 42 MM और नवादा में 38 MM बारिश रिकॉर्ड की गई। पटना में कैसा रहेगा मौसम पटना में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। इसके साथ ही एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। IMD के अनुसार, पटना में अधिकतम तापमान करीब 34 और न्यूनतम 28 के आसपास रह सकता है। 9 सितंबर को गरज-चमक, 10 सितंबर को मध्यम बारिश और 11-12 सितंबर को भी बारिश होने की संभावना है। बिहार में मानसून सक्रिय है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आज यानी बुधवार को 16 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसमें 5 जिलों में भारी बारिश की संभावना है। 11 जिलों में यलो अलर्ट हैं। इस जिलों में 30kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है। कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। बिजली भी गिरने की आशंका है। IMD के मुताबिक, 10 सितंबर तक मौसम बदला रहेगा। इस दौरान कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इधर, बिहार में 13 जिलों में 34 लाख लोग बाढ़ से घिरे हुए हैं। दूसरे राज्यों में हो रही बारिश से बिहार की 9 से ज्यादा नदियां उफान पर हैं। पटना में पुनपुन नदी का जलस्तर 24 घंटे में 9 सेमी बढ़ा है। श्रीपालपुर में पानी खतरे के निशान से 2.95 मीटर ऊपर है। दरधा और महतमाईन नदी भी उफान पर है। भोजपुर में बाढ़ के पानी में डूबने से 4 लोगों की मौत हुई है। खगड़िया बाढ़ से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए… राहत शिविरों तक नहीं पहुंच पा रही मदद सरकार बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत शिविर और मदद पहुंचाने की मुकम्मल व्यवस्था करने का दावा कर रही है पर जमीनी हकीकत काफी अलग है। इन राहत शिविरों में दोनों वक्त दाल-भात-सब्जी तो मिल रही है, मगर बच्चों के लिए दूध, महिलाओं के लिए सैनिटरी पैड और चेंजिंग रूम और मवेशियों के चारे का भारी संकट है। कई जिलों में राहत रसोई केवल कागजों तक ही सीमित है। बाढ़ में बने राहत शिविरों का हाल यूपी-बिहार के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर हो गया है, लेकिन इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर बना हुआ है। यह समुद्र तल से करीब 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। इसके अलावा, मानसून ट्रफ भी बिहार के आसपास सक्रिय है। यह दक्षिण गुजरात से मध्य प्रदेश होते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण तक पहुंच रही है। इन दोनों सिस्टम के प्रभाव से बिहार में नमी वाली हवा चल रही है, जिससे बादल बन रहे हैं और कई हिस्सों में तेज बारिश हो रही है। 11 सितंबर के आसपास फिर बन सकता है कम दबाव का क्षेत्र मौसम विभाग के अनुसार, 11 सितंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम हिस्से में नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से बिहार समेत पूर्वी भारत में बारिश की संभावना बन रही है। उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी स्तर पर पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण भी मौजूद है। इससे मौसम प्रणाली को अतिरिक्त समर्थन मिल रहा है। देखें बाढ़ की 2 तस्वीरें… बिहार में 35% कम बारिश, अब तक 541 MM बिहार में इस मानसून सीजन में सामान्य से कम बारिश हुई है। राज्य में अब तक 837.1 MM बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 541 MM ही बारिश हुई है। यानी सामान्य से करीब 35% कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, पिछले 24 घंटे में कई जिलों में अच्छी बारिश हुई है। मुजफ्फरपुर में 62 MM, गया में 58 MM, मधुबनी में 54 MM, रोहतास में 42 MM और नवादा में 38 MM बारिश रिकॉर्ड की गई। पटना में कैसा रहेगा मौसम पटना में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। इसके साथ ही एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। IMD के अनुसार, पटना में अधिकतम तापमान करीब 34 और न्यूनतम 28 के आसपास रह सकता है। 9 सितंबर को गरज-चमक, 10 सितंबर को मध्यम बारिश और 11-12 सितंबर को भी बारिश होने की संभावना है।

