पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर बिहार पुलिस चालक सिपाही भर्ती के हजारों अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। वे खाली महिला सीटों पर योग्य पुरुष अभ्यर्थियों को मौका देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि तीन परीक्षाएं पास करने के बाद भी नियुक्ति नहीं मिली। विज्ञापन संख्या 02/2025 के तहत 4,361 पदों पर भर्ती चल रही है। महिलाओं के लिए 35% आरक्षण है, यानी करीब 1,439 सीटें। अभ्यर्थियों के मुताबिक, लिखित, शारीरिक दक्षता और ड्राइविंग टेस्ट के बाद सिर्फ 300 महिला अभ्यर्थी ही योग्य हो पाई हैं। ऐसे में महिला कोटे की 1,100 से ज्यादा सीटें खाली रह सकती हैं। अभ्यर्थी चाहते हैं कि इन सीटों को अगली भर्ती के लिए आगे बढ़ाने के बजाय, इसी भर्ती में योग्य पुरुष अभ्यर्थियों से भरा जाए। चालक अभ्यर्थी संघ के नेता निरंजन प्रियदर्शी ने बताया कि वे 12 सितंबर से गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि खाली सीटों को उसी आरक्षित वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों से भरना चाहिए। निरंजन ने कहा कि अपनी मांग को लेकर अभ्यर्थी कलश यात्रा से लेकर हवन-पूजन तक कर चुके हैं, ताकि सरकार उनकी मांगों पर गौर करे और खाली सीटों पर योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति करे।
बोले – तीनों परीक्षाओं में 90 फीसदी अंक, फिर भी नौकरी का इंतजार निरंजन प्रियदर्शी ने कहा कि सरकार की ओर से लगातार आश्वासन मिल रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा, “हम सभी अभ्यर्थी तीनों परीक्षाओं में 90 फीसदी अंक के साथ पास हैं। हम यह नहीं कह रहे कि महिलाओं की भर्ती नहीं की जाए। महिलाओं की भर्ती हो, लेकिन उनकी भर्ती के बाद जॉब की प्रकृति के अनुसार खाली पड़ी सीटों पर उसी आरक्षित वर्ग के पुरुषों की भर्ती की जाए।” प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने लिखित परीक्षा, PET और ड्राइविंग टेस्ट समेत भर्ती प्रक्रिया के जरूरी चरण पूरे किए हैं। वे किसी अयोग्य अभ्यर्थी को नियुक्त करने की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि खाली रह रही सीटों पर पहले से योग्य अभ्यर्थियों को अवसर देने की मांग कर रहे हैं।
पिछली बहाली का हवाला, सरकार के फैसले का इंतजार
अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछली ड्राइवर बहाली में भी महिला कोटे की खाली रह गई सीटों पर पुरुष अभ्यर्थियों को मौका दिया गया था। वे इसी तरह की व्यवस्था इस भर्ती में लागू करने की मांग कर रहे हैं।अभ्यर्थियों ने कहा कि यह सामान्य कांस्टेबल भर्ती नहीं, बल्कि पुलिस ड्राइवर की बहाली है। पुलिस विभाग में ड्राइवरों की जरूरत रहती है। ऐसे में योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध होने के बावजूद सीटें खाली रखना उचित नहीं है। फिलहाल केंद्रीय चयन पर्षद (CSBC) या गृह विभाग की ओर से इन सीटों को पुरुष अभ्यर्थियों के लिए शिफ्ट करने को लेकर कोई अंतिम आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। अभ्यर्थी सरकार से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कराने और इस मामले में जल्द नीतिगत फैसला लेने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि फैसला होने के बाद फाइनल मेरिट लिस्ट जारी करने का रास्ता भी साफ हो सकेगा। पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर बिहार पुलिस चालक सिपाही भर्ती के हजारों अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। वे खाली महिला सीटों पर योग्य पुरुष अभ्यर्थियों को मौका देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि तीन परीक्षाएं पास करने के बाद भी नियुक्ति नहीं मिली। विज्ञापन संख्या 02/2025 के तहत 4,361 पदों पर भर्ती चल रही है। महिलाओं के लिए 35% आरक्षण है, यानी करीब 1,439 सीटें। अभ्यर्थियों के मुताबिक, लिखित, शारीरिक दक्षता और ड्राइविंग टेस्ट के बाद सिर्फ 300 महिला अभ्यर्थी ही योग्य हो पाई हैं। ऐसे में महिला कोटे की 1,100 से ज्यादा सीटें खाली रह सकती हैं। अभ्यर्थी चाहते हैं कि इन सीटों को अगली भर्ती के लिए आगे बढ़ाने के बजाय, इसी भर्ती में योग्य पुरुष अभ्यर्थियों से भरा जाए। चालक अभ्यर्थी संघ के नेता निरंजन प्रियदर्शी ने बताया कि वे 12 सितंबर से गर्दनीबाग में धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि खाली सीटों को उसी आरक्षित वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों से भरना चाहिए। निरंजन ने कहा कि अपनी मांग को लेकर अभ्यर्थी कलश यात्रा से लेकर हवन-पूजन तक कर चुके हैं, ताकि सरकार उनकी मांगों पर गौर करे और खाली सीटों पर योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति करे।
बोले – तीनों परीक्षाओं में 90 फीसदी अंक, फिर भी नौकरी का इंतजार निरंजन प्रियदर्शी ने कहा कि सरकार की ओर से लगातार आश्वासन मिल रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा, “हम सभी अभ्यर्थी तीनों परीक्षाओं में 90 फीसदी अंक के साथ पास हैं। हम यह नहीं कह रहे कि महिलाओं की भर्ती नहीं की जाए। महिलाओं की भर्ती हो, लेकिन उनकी भर्ती के बाद जॉब की प्रकृति के अनुसार खाली पड़ी सीटों पर उसी आरक्षित वर्ग के पुरुषों की भर्ती की जाए।” प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने लिखित परीक्षा, PET और ड्राइविंग टेस्ट समेत भर्ती प्रक्रिया के जरूरी चरण पूरे किए हैं। वे किसी अयोग्य अभ्यर्थी को नियुक्त करने की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि खाली रह रही सीटों पर पहले से योग्य अभ्यर्थियों को अवसर देने की मांग कर रहे हैं।
पिछली बहाली का हवाला, सरकार के फैसले का इंतजार
अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछली ड्राइवर बहाली में भी महिला कोटे की खाली रह गई सीटों पर पुरुष अभ्यर्थियों को मौका दिया गया था। वे इसी तरह की व्यवस्था इस भर्ती में लागू करने की मांग कर रहे हैं।अभ्यर्थियों ने कहा कि यह सामान्य कांस्टेबल भर्ती नहीं, बल्कि पुलिस ड्राइवर की बहाली है। पुलिस विभाग में ड्राइवरों की जरूरत रहती है। ऐसे में योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध होने के बावजूद सीटें खाली रखना उचित नहीं है। फिलहाल केंद्रीय चयन पर्षद (CSBC) या गृह विभाग की ओर से इन सीटों को पुरुष अभ्यर्थियों के लिए शिफ्ट करने को लेकर कोई अंतिम आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। अभ्यर्थी सरकार से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कराने और इस मामले में जल्द नीतिगत फैसला लेने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि फैसला होने के बाद फाइनल मेरिट लिस्ट जारी करने का रास्ता भी साफ हो सकेगा।

