बिजली कटते मंदिर से भगवान सूर्य की अष्टधातु प्रतिमा चोरी:2014 में कुएं के पास नेपाली मुद्रा के साथ मिली थी, बच्चों ने बड़े-बुजुर्गों को सौंपा था

बिजली कटते मंदिर से भगवान सूर्य की अष्टधातु प्रतिमा चोरी:2014 में कुएं के पास नेपाली मुद्रा के साथ मिली थी, बच्चों ने बड़े-बुजुर्गों को सौंपा था

पश्चिम चंपारण के मझौलिया प्रखंड के महानवा गांव में एक मंदिर से भगवान सूर्य की अष्टधातु की प्रतिमा चोरी हो गई। यह घटना शारदीय नवरात्र के दौरान देर रात करीब तीन बजे हुई। चोरी की खबर फैलते ही गांव में गुस्सा फैल गया और तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। सूचना मिलने पर मझौलिया थानाध्यक्ष अमर कुमार और अपर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने बताया कि यह प्रतिमा साल 2014 में गांव के पश्चिम में एक कुएं के पास मिली थी। कुछ बच्चों ने इसे देखा था और गांव के बड़े-बुजुर्गों को सौंप दिया था। प्रतिमा के साथ नेपाली मुद्रा भी मिली थी। इसके बाद ग्रामीणों ने मंदिर बनवाकर 11 दिनों तक अष्टयाम का आयोजन किया। फिर विधि-विधान से प्रतिमा स्थापित की गई। तब से ग्रामीण इस प्रतिमा की पूजा करते आ रहे थे। बिजली कटते ही मंदिर में छाया अंधेरा, चोरी की आशंका

ग्रामीणों के अनुसार, शारदीय नवरात्र को लेकर मंदिर परिसर में कलश स्थापित किया गया है। नवरात्र के सप्तमी पूजन के बाद मंदिर में धार्मिक गतिविधियां जारी थीं। बताया जाता है कि घटना वाली रात करीब दो बजे तक मंदिर परिसर में प्रोजेक्टर चल रहा था। इसी बीच अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और पूरा मंदिर परिसर अंधेरे में डूब गया। ग्रामीणों को आशंका है कि इसी स्थिति का फायदा उठाकर चोरों ने प्रतिमा चोरी की वारदात को अंजाम दिया। नवरात्र में चोरी से ग्रामीणों में नाराजगी नवरात्र जैसे धार्मिक अवसर पर मंदिर से भगवान सूर्य की प्रतिमा चोरी होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर प्रतिमा बरामद करने और चोरी में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। प्रतिमा की बरामदगी और चोरी के आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर ग्रामीणों की निगाहें पुलिस कार्रवाई पर टिकी हैं। पश्चिम चंपारण के मझौलिया प्रखंड के महानवा गांव में एक मंदिर से भगवान सूर्य की अष्टधातु की प्रतिमा चोरी हो गई। यह घटना शारदीय नवरात्र के दौरान देर रात करीब तीन बजे हुई। चोरी की खबर फैलते ही गांव में गुस्सा फैल गया और तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। सूचना मिलने पर मझौलिया थानाध्यक्ष अमर कुमार और अपर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने बताया कि यह प्रतिमा साल 2014 में गांव के पश्चिम में एक कुएं के पास मिली थी। कुछ बच्चों ने इसे देखा था और गांव के बड़े-बुजुर्गों को सौंप दिया था। प्रतिमा के साथ नेपाली मुद्रा भी मिली थी। इसके बाद ग्रामीणों ने मंदिर बनवाकर 11 दिनों तक अष्टयाम का आयोजन किया। फिर विधि-विधान से प्रतिमा स्थापित की गई। तब से ग्रामीण इस प्रतिमा की पूजा करते आ रहे थे। बिजली कटते ही मंदिर में छाया अंधेरा, चोरी की आशंका

ग्रामीणों के अनुसार, शारदीय नवरात्र को लेकर मंदिर परिसर में कलश स्थापित किया गया है। नवरात्र के सप्तमी पूजन के बाद मंदिर में धार्मिक गतिविधियां जारी थीं। बताया जाता है कि घटना वाली रात करीब दो बजे तक मंदिर परिसर में प्रोजेक्टर चल रहा था। इसी बीच अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और पूरा मंदिर परिसर अंधेरे में डूब गया। ग्रामीणों को आशंका है कि इसी स्थिति का फायदा उठाकर चोरों ने प्रतिमा चोरी की वारदात को अंजाम दिया। नवरात्र में चोरी से ग्रामीणों में नाराजगी नवरात्र जैसे धार्मिक अवसर पर मंदिर से भगवान सूर्य की प्रतिमा चोरी होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर प्रतिमा बरामद करने और चोरी में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। प्रतिमा की बरामदगी और चोरी के आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर ग्रामीणों की निगाहें पुलिस कार्रवाई पर टिकी हैं।  

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