बिजनौर की जिला निर्वाचन अधिकारी जसजीत कौर ने शनिवार दोपहर ढाई बजे कलेक्ट्रेट में ईवीएम और वीवीपीएटी की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) के काम का निरीक्षण किया। यह जांच आगामी विधानसभा चुनाव से पहले की जा रही है। उन्होंने इंजीनियरों और अधिकारियों को निर्देश दिए कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एफएलसी के लिए बनाई गई एसओपी का पूरी तरह पालन किया जाए। उन्होंने आगंतुक पुस्तिका में जानकारी भरकर हस्ताक्षर भी किए। जसजीत कौर ने बताया कि हर चुनाव से पहले ईवीएम और वीवीपीएटी की जांच और टेस्टिंग की जाती है। ईवीएम और वीवीपीएटी चुनाव में इस्तेमाल यह काम निर्माता कंपनी के अधिकृत इंजीनियर जिला निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में करते हैं। सिर्फ वही ईवीएम और वीवीपीएटी चुनाव में इस्तेमाल होती हैं, जो एफएलसी में पास हो जाती हैं। एफएलसी की पूरी प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन नियमावली में बताई गई है, जो भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://www.eci.gov.in/evm-vvpat पर मौजूद है। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2027 में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम और वीवीपीएटी की एफएलसी 17 सितंबर 2026 से शुरू होगी। यह जांच भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के अधिकृत इंजीनियर बिजनौर के कलेक्ट्रेट परिसर में करेंगे। भारत निर्वाचन आयोग के मौजूदा निर्देशों के हिसाब से एफएलसी पूरी कराने के लिए सभी इंतजाम कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि एफएलसी प्रक्रिया की निगरानी जिला निर्वाचन अधिकारी, मुख्य निर्वाचन अधिकारी और भारत निर्वाचन आयोग के स्तर पर भी होती है। पूरी प्रक्रिया वीडियोग्राफी के तहत हुई उन्होंने बताया कि बिजनौर कलेक्ट्रेट स्थित ईवीएम वेयरहाउस और झंडापुर चांदपुर रोड स्थित वीवीपैट वेयरहाउस को गुरुवार को एफएलसी के लिए खोला और बंद किया गया। यह पूरी प्रक्रिया वीडियोग्राफी के तहत हुई। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद वेयरहाउस खोलने और बंद करने के समय राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। उन्होंने यह भी बताया कि ईवीएम के स्टोरेज और सुरक्षा से जुड़ी पूरी प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन मैनुअल में दी गई है। यह मैनुअल भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://www.eci.gov.in/evm-vvpat पर उपलब्ध है।

