IIT बॉम्बे में 7 महीनों में तीसरा स्‍टूडेंट सुसाइड:5 सालों में 67 IIT स्‍टूडेंट्स ने की आत्‍महत्‍या, सबसे ज्‍यादा IIT खड़गपुर में

IIT बॉम्बे में 7 महीनों में तीसरा स्‍टूडेंट सुसाइड:5 सालों में 67 IIT स्‍टूडेंट्स ने की आत्‍महत्‍या, सबसे ज्‍यादा IIT खड़गपुर में

मुंबई के IIT बॉम्बे में 18 सितंबर 2026 की शाम सेकेंड ईयर के छात्र साहिल वाकोडे ने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। साहिल महाराष्ट्र के यवतमाल का रहने वाला था। वह एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। साहिल एग्जाम हॉल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते पकड़ा गया था। उसने क्वेश्चन पेपर का फोटो चैट जीपीटी पर अपलोड करके नकल करने की कोशिश की थी। साहिल की आत्महत्या के बाद करीब 400 छात्रों ने कैंपस में विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। एक छात्रा का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में लड़की काफी गुस्से में दिख रही है। लड़की अपने भाषण में कहती है,’सारे प्रोफेसरों को मेंटल हेल्थ की काउंसलिंग करानी चाहिए, ताकि वे छात्रों की मानसिक स्थिति और उनकी जरूरतों को समझ सकें। उनके यह कहने से कि स्ट्रेस मत लो, हमारा स्ट्रेस नहीं चला जाएगा। इतना टेंशन मत लो, यह बोलने से हमारा टेंशन नहीं चला जाएगा। उन्हें बस यह समझने की जरूरत है कि मेंटल हेल्थ क्या होती है। इस प्रदर्शन के बाद कैंपस में मेंटल हेल्थ को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। पिछले 7 महीने में सुसाइड का तीसरा मामला पिछले 7 महीने में IIT बॉम्बे कैंपस में सुसाइड का यह तीसरा मामला बताया जा रहा है। इससे पहले जुलाई में नया सेमेस्टर शुरू होते ही इसी हॉस्टल में 20 साल के बीटेक सेकेंड ईयर के छात्र ने जान दी थी। फरवरी में हॉस्टल-4 में सेकेंड ईयर के एक छात्र ने सुसाइड किया था। पिछले 5 सालों में IIT संस्थानों में हुई आत्महत्या के प्रमुख कारणों में एकेडमिक प्रेशर, प्लेसमेंट और करिअर का प्रेशर, मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम, रैगिंग या शोषण के बढ़ते मामले, आर्थिक और पारिवारिक दबाव शामिल है। 22 अगस्त को IIT दिल्ली के छात्र ने किया था सुसाइड बेगूसराय के ऋषिकेश कुमार ने 22 अगस्त को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के कैंपस में सुसाइड किया था। उसने IIT दिल्ली के लेक्चरर हाल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से कूदकर जान दी थी। सुसाइड के 4 दिन बाद दिल्ली से ऋषिकेश का शव गांव मक्खाचक लाया गया। जहां अंतिम संस्कार हुआ। ऋषिकेश IIT दिल्ली में MSc फिजिक्स का छात्र था। पुलिस के अनुसार 22 अगस्त को वह करीब सुबह 8 बजे मेन गेट से कैंपस में आया। 8:33 बजे घटना की PCR कॉल मिली। उसे IIT अस्पताल ले जाया गया, जहां मृत घोषित किया गया। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। उसका मोबाइल फोन जांच के लिए लिया गया है। ऋषिकेश सुसाइड केस को लेकर 24 अगस्त को IIT दिल्ली के छात्रों ने लेक्चरर हाल कॉम्प्लेक्स के बाहर प्रदर्शन और धरना शुरू किया। बड़ी संख्या में छात्र जुटे और कक्षाओं का बहिष्कार किया। हॉस्टल में कमरा न मिलने से परेशान था ऋषिकेश हॉस्टल में कमरा न मिलने से परेशान था। कई कोशिशों के बाद भी जब उसे हॉस्टल में कमरा नहीं मिला तो वह अपनी मां के साथ कॉलेज के बाहर रूम लेकर रहने लगा। इतना ही नहीं उसके प्रोजेक्ट रुक गए। प्रशासन के फैसलों ने ऋषिकेश को मानसिक रूप से तोड़ दिया। छात्रों का तर्क है कि इससे वे अपने क्लासमेट और कैंपस सपोर्ट नेटवर्क से और अलग हो गया। छात्रों की मांग है कि स्टूडेंट अफेयर्स ऑफिस के डीन, एसोसिएट डीन और फिजिक्स डिपार्टमेंट के हेड तुरंत इस्तीफा दें। छात्रों की मांग में ऋषिकेश के परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देना भी शामिल है। ————————————————————————- ये खबर भी पढ़ें हरियाणा के 12 हजार शिक्षकों पर संकट:HTET जरूरी, नहीं तो नौकरी छोड़ो या रिटायरमेंट लो, पश्चिम बंगाल में 90 हजार टीचर्स के लिए एग्जाम की तैयारी
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