फिरोजपुर जिले के रहीमे के उताड़ गांव के युवा किसान मनप्रीत सिंह को सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU), लुधियाना के किसान मेले में उजागर सिंह धालीवाल अवॉर्ड के तौर पर मिला। मनप्रीत को खेती में विविधता और आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए यह सम्मान दिया गया है। मनप्रीत सिंह महेंद्र सिंह के बेटे हैं।
कई मुश्किलों के बाद किया खेती करने का फैसला
मनप्रीत सिंह ने पहले निजी संस्थानों में नौकरी की। इसके बाद उन्होंने किरयाना स्टोर का कारोबार शुरू किया। कई मुश्किलों के बाद उन्होंने खेती करने का फैसला किया। साल 2014-15 में उन्होंने पनीरी और सब्जियों की खेती शुरू की। साल 2020-21 में उन्होंने अपने भतीजे के नाम पर गुरजप किसान नर्सरी फार्म 1313 बनाया। किसान मनप्रीत ने अपने काम को बेहतर बनाने के लिए PAU-कृषि विज्ञान केंद्र फिरोजपुर से ट्रेनिंग ली। वह PAU लुधियाना के कृषि वैज्ञानिकों के लगातार संपर्क में भी रहे।
सिंचाई के लिए फव्वारा विधि का किया इस्तेमाल
अब वह गेहूं-धान के पारंपरिक फसल चक्र से हटकर खेती कर रहे हैं। वह करीब 4 एकड़ जमीन में विश्वविद्यालय की बताई गई किस्मों की सब्जियों की पनीरी तैयार करते हैं और सब्जियां उगाते हैं। सिंचाई के लिए उन्होंने फव्वारा विधि का भी इस्तेमाल किया है। मनप्रीत सिंह करीब 100 से 150 किसानों को मिर्च की पनीरी देते हैं, जिससे फसल विविधता को बढ़ावा मिल रहा है। उनकी नर्सरी से आसपास के गांवों के मजदूरों को रोजगार भी मिलता है।
दूसरे युवा किसानों के लिए प्रेरणा बना मनप्रीत
कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों ने कहा कि मनप्रीत की सफलता दूसरे युवा किसानों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने किसानों को पारंपरिक गेहूं-धान के चक्र से बाहर निकलकर खेती में नए विकल्प अपनाने की सलाह दी। मनप्रीत सिंह की इस सफलता में उनके पिता महेंद्र सिंह, माता परमजीत कौर, पंजाब पुलिस में सेवाएं दे रहे भाई गुरप्रीत सिंह और पत्नी गगनदीप कौर का भी अहम सहयोग रहा है।

