बिजनौर के नए डीएम उमेश प्रताप सिंह ने बुधवार को अपना पदभार संभाला। उन्होंने सुबह करीब 11:30 बजे बिजनौर पहुंचकर डबल लॉक कोषागार में जरूरी कागजात पर हस्ताक्षर किए। इससे पहले कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस जवानों ने नए जिलाधिकारी को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सलामी दी। दोपहर करीब 12:30 बजे मीडिया से बात करते हुए डीएम उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि शासन की जो प्राथमिकताएं हैं, वही उनकी भी होंगी। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय के साथ-साथ तहसील, विकासखंड और थाना स्तर पर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, ताकि शासन की योजनाओं और नीतियों को ठीक से लागू किया जा सके। डीएम ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था सबसे अहम प्राथमिकताओं में शामिल रहेगी। आम जनता और शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर अच्छी तरह और समय पर निपटाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनसामान्य की समस्याओं के प्रति संवेदनशील होकर उनकी शिकायतों का ठीक से समाधान करें। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, युवाओं से संबंधित योजनाओं, रोजगार और स्वरोजगार सहित कई महत्वपूर्ण विषयों की नियमित रूप से समीक्षा होगी। उनका उद्देश्य शासन की योजनाओं को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू कर अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को उनका लाभ दिलाना है। उन्होंने बताया कि आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों का अच्छी गुणवत्ता के साथ समाधान किया जाएगा, ताकि शिकायतकर्ता संतुष्ट हों। सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य उनकी मुख्य प्राथमिकता में हैं। वे समय-समय पर खुद भी अचानक जांच करते रहेंगे। उन्होंने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी ली। अधिकारियों को जनता की समस्याएं जल्द निपटाने, विकास कामों में तेजी लाने और सरकार की प्राथमिकताओं के हिसाब से काम करने को कहा। वहीं, कोतवाली देहात क्षेत्र के बनखला गांव में मस्जिद में कुएं के सवाल पर उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच होगी। पदभार ग्रहण करने के दौरान मुख्य विकास अधिकारी रण विजय सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अंशिका गुप्ता अंशिका दीक्षित और अपर जिलाधिकारी फाइनेंस मौजूद थे। एसडीएम सदर joint magistrate Smriti Mishra और कोषाधिकारी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

