शाहजहांपुर में तीन नाइयों पर बाल्मीकि समाज के एक युवक के बाल काटने से मना करने का आरोप लगा है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।यह घटना 8 सितंबर की है,जो शनिवार रात सामने आई। युवक की शिकायत के बाद तीनों नाइयों ने अपनी दुकानें बंद कर दी थीं। हालांकि, शुक्रवार को एक दुकानदार ने अपनी दुकान खोली और युवक के बाल काटे। इसके बाद उसने फिर से दुकान बंद कर दी। इस बीच यह अफवाह भी फैली कि दुकानदार के रिश्तेदारों ने उसके बाल काटने का विरोध किया था। हालांकि, पुलिस की जांच में इसकी पुष्टि नहीं हुई है। दुकानदार ने भी इस बात से इनकार किया है। उधर, बाल्मीकि समाज के लोगों ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। निगोही थाना क्षेत्र के जिंदपुरा गांव के रहने वाले सोनू ने बताया कि 8 सितंबर को वह अरमान की दुकान पर बाल कटवाने गए थे। अरमान ने उनके बाल काटने से मना कर दिया। सोनू ने इंतजार करने की बात कही, लेकिन अरमान फिर भी बाल काटने को तैयार नहीं हुआ। इसके बाद सोनू पास की समीर और वारिस की दुकानों पर गए। सोनू के मुताबिक, समीर और वारिस ने भी बाल काटने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि सोनू बाल्मीकि समाज से हैं, इसलिए वे उनके बाल नहीं काटेंगे।
सोनू ने इस मामले की शिकायत थाने में की। प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार ने एक दारोगा को मौके पर भेजा। दारोगा के बात करने पर तीनों नाइयों ने आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि वे बाल काटने को तैयार हैं। लेकिन दारोगा के जाते ही उन्होंने फिर से बाल काटने से मना कर दिया। समीर ने शुक्रवार को दुकान खोलकर बाल्मीकि समाज के एक युवक के बाल काटे थे। हालांकि, बाद में उसने फिर दुकान बंद कर दी और वहां से अपना सामान भी हटा लिया। समीर ने पुलिस को बताया कि उसके रिश्तेदारों ने कोई ऐतराज नहीं किया है। उसने कहा कि उसके छोटे बच्चे हैं और इलाके में काम नहीं मिल रहा है। इसलिए वह बाहर जाकर काम करने की सोच रहा है, तभी उसने दुकान खाली की थी।

