बारां जिले में मौसमी बीमारियों के साथ डेंगू, चिकनगुनिया और स्वाइन फ्लू की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने ‘स्वास्थ्य दल आपके द्वार’ अभियान का दूसरा चरण शुरू किया है, जो 7 सितंबर से 30 सितंबर तक चलेगा। अभियान के तहत स्वास्थ्यकर्मी घर-घर पहुंचकर बीमारियों की रोकथाम और मरीजों की पहचान का काम करेंगे। अस्पतालों में तैयारियां मजबूत करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. जगदीश कुशवाह ने जिले के सभी अस्पतालों को स्वाइन फ्लू और मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता, जांच और इलाज के साथ संदिग्ध मरीजों की निगरानी व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा है। मच्छरों के लार्वा की होगी जांच डिप्टी सीएमएचओ डॉ. निशांत सैनी ने बताया कि अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता, एएनएम, सीएचओ और डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स की टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। इस दौरान घरों और आसपास मच्छरों के लार्वा की जांच की जा रही है। साथ ही एंटी-लार्वा गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। बुखार के मरीजों की जांच, नालियों में डाला जा रहा MLO अभियान के तहत बुखार के मरीजों की ब्लड स्लाइड ली जा रही है और जरूरत के अनुसार घरों में दवा का छिड़काव किया जा रहा है। नगर निकाय और पंचायती राज विभाग के सहयोग से नालियों में एमएलओ (मिनरल ऑयल) डाला जा रहा है, ताकि मच्छरों के पनपने पर रोक लगाई जा सके। लार्वा मिला तो नोटिस और चालान स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों की रोकथाम के लिए कार्रवाई भी सख्त रखी है। जिन घरों में मच्छर का लार्वा पाया जाएगा, वहां नोटिस जारी कर चालान की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही लोगों को घरों में पानी जमा नहीं होने देने और मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें विभाग के अनुसार तेज बुखार, ठंड लगना, लगातार खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द, बदन दर्द और अत्यधिक थकान स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर से सलाह लेने की अपील की गई है।

