बांका में लापरवाही पर DCO का वेतन रोकने का निर्देश:सहकारिता योजनाओं की समीक्षा में 90 पैक्सों का ऑडिट पूरा, 57 को उर्वरक बिक्री की अनुज्ञप्ति मिली

बांका में लापरवाही पर DCO का वेतन रोकने का निर्देश:सहकारिता योजनाओं की समीक्षा में 90 पैक्सों का ऑडिट पूरा, 57 को उर्वरक बिक्री की अनुज्ञप्ति मिली

बांका समाहरणालय परिसर में बुधवार शाम जिला स्तरीय सहकारी विकास समिति (डीसीडीसी) की समीक्षा बैठक हुई। इसमें सहकारिता विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं, पैक्सों के आधुनिकीकरण और अन्य कामों की समीक्षा की गई। योजनाओं की धीमी प्रगति पर अधिकारियों को तय समय में काम पूरा करने का निर्देश दिया गया। बैठक में बताया गया कि जिले के कुल 105 पैक्सों में से 90 का ऑडिट पूरा हो चुका है। पिछली बैठक के मुकाबले 24 पैक्सों में ऑडिट का काम आगे बढ़ा है। अन्न भंडारण योजना के तहत चुनी गई दो समितियों में से रजौन पैक्स का समझौता ज्ञापन (एमओयू) तैयार किया जा रहा है। रजौन पैक्स में जनऔषधि केंद्र बनाने के लिए फार्मासिस्ट भी मिल गया है। काउंटर बनाने समेत बाकी काम आखिरी दौर में हैं। काम में देरी करने पर DM ने वेतन रोका जुलाई की समीक्षा के बाद पिछले दो महीने में काम में तेजी नहीं आने पर जिला पदाधिकारी ने जिला सहकारिता पदाधिकारी का वेतन रोकने का निर्देश दिया। साथ ही, मॉडल पैक्स के तौर पर चुनी गई समितियों को तय मानकों के हिसाब से चालू नहीं करने पर जिला सहकारिता पदाधिकारी से जवाब मांगने को भी कहा गया। समीक्षा के दौरान फसल सहायता योजना में फर्जीवाड़े का एक मामला भी सामने आया। अमरपुर प्रखंड की कोल बुजुर्ग पंचायत के किसान सलाहकार कुणाल कुमार झा पर आरोप है कि उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को गलत तरीके से योजना का लाभ दिलाया। जिला पदाधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया और किसान सलाहकार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की सिफारिश करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी पूछा कि इस मामले में अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। फर्जीवाड़ा सामने आने पर होगी कार्रवाई डीएम ने जिला कृषि पदाधिकारी और जिला सहकारिता पदाधिकारी को निर्देश दिया कि फसल सहायता और बीमा योजना में कोई और गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा सामने आने पर उसकी गहराई से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करें। जिले के 104 प्रशिक्षित पैक्सों में से 57 पैक्सों को उर्वरक बेचने के लिए लाइसेंस जारी किया जा चुका है। राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस में जिले की 188 क्रियाशील समितियों में से पांच से अधिक सेवाएं देने वाली समितियों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। NCOL की सदस्यता 28

बहुराज्यीय सहकारी समितियों में एनसीओएल की सदस्यता 28 और एनसीईएल की सदस्यता 59 हो गई है। चांदन प्रखंड के भोरसार एफपीओ द्वारा चावल का कारोबार सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। कार्य में शिथिलता को लेकर रजौन एफपीओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। मधुमक्खीपालन को बढ़ावा देने के लिए बौसी, बाराहाट, बांका और धोरैया में नई समितियों के निबंधन की प्रक्रिया चल रही है। बैठक में जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को सहकारिता विभाग से जुड़ी सभी जनकल्याणकारी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने और लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बांका समाहरणालय परिसर में बुधवार शाम जिला स्तरीय सहकारी विकास समिति (डीसीडीसी) की समीक्षा बैठक हुई। इसमें सहकारिता विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं, पैक्सों के आधुनिकीकरण और अन्य कामों की समीक्षा की गई। योजनाओं की धीमी प्रगति पर अधिकारियों को तय समय में काम पूरा करने का निर्देश दिया गया। बैठक में बताया गया कि जिले के कुल 105 पैक्सों में से 90 का ऑडिट पूरा हो चुका है। पिछली बैठक के मुकाबले 24 पैक्सों में ऑडिट का काम आगे बढ़ा है। अन्न भंडारण योजना के तहत चुनी गई दो समितियों में से रजौन पैक्स का समझौता ज्ञापन (एमओयू) तैयार किया जा रहा है। रजौन पैक्स में जनऔषधि केंद्र बनाने के लिए फार्मासिस्ट भी मिल गया है। काउंटर बनाने समेत बाकी काम आखिरी दौर में हैं। काम में देरी करने पर DM ने वेतन रोका जुलाई की समीक्षा के बाद पिछले दो महीने में काम में तेजी नहीं आने पर जिला पदाधिकारी ने जिला सहकारिता पदाधिकारी का वेतन रोकने का निर्देश दिया। साथ ही, मॉडल पैक्स के तौर पर चुनी गई समितियों को तय मानकों के हिसाब से चालू नहीं करने पर जिला सहकारिता पदाधिकारी से जवाब मांगने को भी कहा गया। समीक्षा के दौरान फसल सहायता योजना में फर्जीवाड़े का एक मामला भी सामने आया। अमरपुर प्रखंड की कोल बुजुर्ग पंचायत के किसान सलाहकार कुणाल कुमार झा पर आरोप है कि उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को गलत तरीके से योजना का लाभ दिलाया। जिला पदाधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया और किसान सलाहकार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की सिफारिश करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी पूछा कि इस मामले में अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। फर्जीवाड़ा सामने आने पर होगी कार्रवाई डीएम ने जिला कृषि पदाधिकारी और जिला सहकारिता पदाधिकारी को निर्देश दिया कि फसल सहायता और बीमा योजना में कोई और गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा सामने आने पर उसकी गहराई से जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करें। जिले के 104 प्रशिक्षित पैक्सों में से 57 पैक्सों को उर्वरक बेचने के लिए लाइसेंस जारी किया जा चुका है। राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस में जिले की 188 क्रियाशील समितियों में से पांच से अधिक सेवाएं देने वाली समितियों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। NCOL की सदस्यता 28

बहुराज्यीय सहकारी समितियों में एनसीओएल की सदस्यता 28 और एनसीईएल की सदस्यता 59 हो गई है। चांदन प्रखंड के भोरसार एफपीओ द्वारा चावल का कारोबार सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। कार्य में शिथिलता को लेकर रजौन एफपीओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। मधुमक्खीपालन को बढ़ावा देने के लिए बौसी, बाराहाट, बांका और धोरैया में नई समितियों के निबंधन की प्रक्रिया चल रही है। बैठक में जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को सहकारिता विभाग से जुड़ी सभी जनकल्याणकारी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने और लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।  

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