बांका समाहरणालय सभागार में जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इसमें जिला स्तरीय समन्वय समिति (डीएलसीसी), जिला स्तरीय यूको परामर्शदात्री समिति और जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति (डीएलआईसी) के सदस्य शामिल थे। बैठक में जिले की बैंकिंग सेवाओं, ऋण योजनाओं और अलग-अलग सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में सीडी रेशियो और वार्षिक ऋण योजना की उपलब्धियों की समीक्षा हुई। डीएम ने उन बैंकों की प्रगति पर नाराजगी जताई, जिनकी उपलब्धि 40 प्रतिशत से कम थी। उन्होंने अगले तीन महीनों में तय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए काम में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैंकिंग शाखा के प्रभारी पदाधिकारी और जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक को सभी बैंकों के कामों की हर महीने समीक्षा करने को कहा गया। 7 दिन में आवेदनों का होगा निपटारा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, जीविका और यूको आरसेटी जैसी कई योजनाओं के तहत बैंकों में अटके ऋण आवेदनों की भी समीक्षा की गई। डीएम ने सभी बैंक प्रबंधकों को निर्देश दिया कि वे 7 दिन के अंदर इन लंबित आवेदनों का निपटारा करें। उन्होंने साफ कहा कि सरकारी योजनाओं के तहत मिले ऋण आवेदनों के निपटारे में बेवजह देरी नहीं होनी चाहिए। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अटके और रोके गए आवेदनों का जल्द निपटारा करने पर खास जोर दिया गया। इसके साथ ही, पीएमएफएमई और पीएमईजीपी योजनाओं के तहत लंबित आवेदनों का भुगतान भी जल्द से जल्द करने का निर्देश दिया गया। 19 सितंबर को रजिस्टरों का मिलान करने का निर्देश नीलाम पत्र से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए डीएम ने रजिस्टर-9 और रजिस्टर-10 का मिलान कर अटके मामलों का जल्द निपटारा करने को कहा। उन्होंने संबंधित बकायेदारों से बकाया राशि और कोर्ट फीस जमा कराने की कार्रवाई तेज करने का भी निर्देश दिया। सभी संबंधित बैंक शाखाओं के प्रतिनिधियों को 19 सितंबर को अनिवार्य रूप से मौजूद रहकर दोनों रजिस्टरों का मिलान करने और लंबित मामलों के निपटारे के लिए जरूरी कार्रवाई करने को कहा गया। इस बैठक में उप विकास आयुक्त, बैंकिंग शाखा के प्रभारी पदाधिकारी, आरबीआई प्रतिनिधि, डीडीएम नाबार्ड, अग्रणी जिला प्रबंधक, यूको आरसेटी निदेशक, अलग-अलग विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, जीविका प्रतिनिधि और कई बैंकों के जिला समन्वयक व शाखा प्रबंधक मौजूद थे। बांका समाहरणालय सभागार में जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इसमें जिला स्तरीय समन्वय समिति (डीएलसीसी), जिला स्तरीय यूको परामर्शदात्री समिति और जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति (डीएलआईसी) के सदस्य शामिल थे। बैठक में जिले की बैंकिंग सेवाओं, ऋण योजनाओं और अलग-अलग सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में सीडी रेशियो और वार्षिक ऋण योजना की उपलब्धियों की समीक्षा हुई। डीएम ने उन बैंकों की प्रगति पर नाराजगी जताई, जिनकी उपलब्धि 40 प्रतिशत से कम थी। उन्होंने अगले तीन महीनों में तय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए काम में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैंकिंग शाखा के प्रभारी पदाधिकारी और जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक को सभी बैंकों के कामों की हर महीने समीक्षा करने को कहा गया। 7 दिन में आवेदनों का होगा निपटारा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, जीविका और यूको आरसेटी जैसी कई योजनाओं के तहत बैंकों में अटके ऋण आवेदनों की भी समीक्षा की गई। डीएम ने सभी बैंक प्रबंधकों को निर्देश दिया कि वे 7 दिन के अंदर इन लंबित आवेदनों का निपटारा करें। उन्होंने साफ कहा कि सरकारी योजनाओं के तहत मिले ऋण आवेदनों के निपटारे में बेवजह देरी नहीं होनी चाहिए। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अटके और रोके गए आवेदनों का जल्द निपटारा करने पर खास जोर दिया गया। इसके साथ ही, पीएमएफएमई और पीएमईजीपी योजनाओं के तहत लंबित आवेदनों का भुगतान भी जल्द से जल्द करने का निर्देश दिया गया। 19 सितंबर को रजिस्टरों का मिलान करने का निर्देश नीलाम पत्र से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए डीएम ने रजिस्टर-9 और रजिस्टर-10 का मिलान कर अटके मामलों का जल्द निपटारा करने को कहा। उन्होंने संबंधित बकायेदारों से बकाया राशि और कोर्ट फीस जमा कराने की कार्रवाई तेज करने का भी निर्देश दिया। सभी संबंधित बैंक शाखाओं के प्रतिनिधियों को 19 सितंबर को अनिवार्य रूप से मौजूद रहकर दोनों रजिस्टरों का मिलान करने और लंबित मामलों के निपटारे के लिए जरूरी कार्रवाई करने को कहा गया। इस बैठक में उप विकास आयुक्त, बैंकिंग शाखा के प्रभारी पदाधिकारी, आरबीआई प्रतिनिधि, डीडीएम नाबार्ड, अग्रणी जिला प्रबंधक, यूको आरसेटी निदेशक, अलग-अलग विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, जीविका प्रतिनिधि और कई बैंकों के जिला समन्वयक व शाखा प्रबंधक मौजूद थे।

