बांका के रजौन में गुरुवार को शराबबंदी और मद्य निषेध को लेकर जीविका दीदियों ने जागरूकता रैली निकाली। लक्ष्मीबाई जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ के तत्वावधान में आयोजित रैली के जरिए लोगों को शराब के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया। महिलाओं ने नशामुक्त परिवार और समाज के निर्माण का संदेश देते हुए लोगों से शराब से दूर रहने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। लक्ष्मीबाई जीविका संघ के नेतृत्व में निकली रैली जागरूकता रैली का नेतृत्व लक्ष्मीबाई जीविका सीएलएफ की अध्यक्ष राखी देवी, सचिव प्रियंका कुमारी, कोषाध्यक्ष सपना देवी, एमबीके पूनम कुमारी, सीएफ रीना कुमारी और गौरी कुमारी ने किया। जीविका से जुड़ी महिलाओं और सामुदायिक कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। अभियान का उद्देश्य आम लोगों तक मद्य निषेध का संदेश पहुंचाना था। शराब के सेवन से होने वाले नुकसान बताए रैली के दौरान प्रतिभागियों ने लोगों को शराब के सेवन से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक नुकसान के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नशे की लत से परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है और घरेलू शांति प्रभावित होती है। महिलाओं ने लोगों से नशे से दूर रहकर परिवार की खुशहाली और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की। नशामुक्त परिवार को बताया सुखी समाज की पहचान जीविका दीदियों ने जागरूकता संदेश देते हुए कहा कि नशामुक्त परिवार ही सुखी परिवार है और नशामुक्त समाज विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने लोगों से शराब से दूर रहने के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया। सामुदायिक कार्यकर्ताओं ने भी निभाई भूमिका कार्यक्रम में क्लस्टर कोऑर्डिनेटर सुमित कुमार, सामुदायिक समन्वयक अनिल कुमार, सीटू कुमारी और क्षेत्रीय समन्वयक प्रतीक्षा कुमारी ने सक्रिय भूमिका निभाई। रैली के माध्यम से महिलाओं की सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने और मद्य निषेध अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। नशामुक्त समाज के लिए जनभागीदारी पर जोर लक्ष्मीबाई जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ की इस पहल का उद्देश्य लोगों में जागरूकता बढ़ाना और नशामुक्त परिवारों के निर्माण को प्रोत्साहित करना था। अभियान की सफलता के लिए महिलाओं ने सामुदायिक सहयोग और लोगों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। आयोजकों के अनुसार, लगातार जागरूकता से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद मिल सकती है। बांका के रजौन में गुरुवार को शराबबंदी और मद्य निषेध को लेकर जीविका दीदियों ने जागरूकता रैली निकाली। लक्ष्मीबाई जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ के तत्वावधान में आयोजित रैली के जरिए लोगों को शराब के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया। महिलाओं ने नशामुक्त परिवार और समाज के निर्माण का संदेश देते हुए लोगों से शराब से दूर रहने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। लक्ष्मीबाई जीविका संघ के नेतृत्व में निकली रैली जागरूकता रैली का नेतृत्व लक्ष्मीबाई जीविका सीएलएफ की अध्यक्ष राखी देवी, सचिव प्रियंका कुमारी, कोषाध्यक्ष सपना देवी, एमबीके पूनम कुमारी, सीएफ रीना कुमारी और गौरी कुमारी ने किया। जीविका से जुड़ी महिलाओं और सामुदायिक कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। अभियान का उद्देश्य आम लोगों तक मद्य निषेध का संदेश पहुंचाना था। शराब के सेवन से होने वाले नुकसान बताए रैली के दौरान प्रतिभागियों ने लोगों को शराब के सेवन से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक नुकसान के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नशे की लत से परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है और घरेलू शांति प्रभावित होती है। महिलाओं ने लोगों से नशे से दूर रहकर परिवार की खुशहाली और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की। नशामुक्त परिवार को बताया सुखी समाज की पहचान जीविका दीदियों ने जागरूकता संदेश देते हुए कहा कि नशामुक्त परिवार ही सुखी परिवार है और नशामुक्त समाज विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने लोगों से शराब से दूर रहने के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया। सामुदायिक कार्यकर्ताओं ने भी निभाई भूमिका कार्यक्रम में क्लस्टर कोऑर्डिनेटर सुमित कुमार, सामुदायिक समन्वयक अनिल कुमार, सीटू कुमारी और क्षेत्रीय समन्वयक प्रतीक्षा कुमारी ने सक्रिय भूमिका निभाई। रैली के माध्यम से महिलाओं की सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने और मद्य निषेध अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। नशामुक्त समाज के लिए जनभागीदारी पर जोर लक्ष्मीबाई जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ की इस पहल का उद्देश्य लोगों में जागरूकता बढ़ाना और नशामुक्त परिवारों के निर्माण को प्रोत्साहित करना था। अभियान की सफलता के लिए महिलाओं ने सामुदायिक सहयोग और लोगों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। आयोजकों के अनुसार, लगातार जागरूकता से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद मिल सकती है।

