बांका के रजौन थाना क्षेत्र के सुजालकोरामा और सैदपुर गांव में एक ही दिन आधे दर्जन किसानों के खेतों से समरसेबुल चोरी होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने सुजालकोरामा गांव से एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना के बाद किसानों में दहशत का माहौल है। किसानों ने थाने में आवेदन देकर चोरी की घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एक ही दिन 6 समरसेबुल की चोरी होने से लाखों रुपए का किसानों को नुकसान लगा है। खेतों की पटवन के लिए लगाया था समरसेबुल सुजालकोरामा गांव में किसानों ने खेतों की पटवन के लिए समरसेबुल लगा रखा था। आरोप है कि नशे के आदी असामाजिक तत्वों ने पांच समरसेबुल चोरी कर लिए। वहीं, सैदपुर गांव में नहर के समीप मृत्युंजय कुमार ने खेत की सिंचाई के लिए समरसेबुल लगाया था। दोनों गांवों के किसानों ने आसपास काफी खोजबीन की और ग्रामीणों से पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। किसानों का आरोप है कि नशे का सेवन करने वाले युवक इस तरह की चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। एक समरसेबुल लगाने में 50 हजार होता है खर्च आवेदन मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। समरसेबुल की चोरी होने से किसानों को पटवन की समस्या उत्पन्न हो गई है। एक साथ इतनी समरसेबुल चोरी होने के बाद अन्य किसानों में भी डर का माहौल बना हुआ है। किसान मृत्युंजय कुमार ने बताया कि काफी मेहनत कर मैंने अपने खेत में सिंचाई के लिए समरसेबुल लगाया था। लेकिन चोर चुरा कर फरार हो गया। ऐसे में हम लोगों के पास पटवन की समस्या उत्पन्न हो गई है। एक समरसेबुल लगाने में करीब 50 हजार से अधिक का खर्च लगता है। बांका के रजौन थाना क्षेत्र के सुजालकोरामा और सैदपुर गांव में एक ही दिन आधे दर्जन किसानों के खेतों से समरसेबुल चोरी होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने सुजालकोरामा गांव से एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना के बाद किसानों में दहशत का माहौल है। किसानों ने थाने में आवेदन देकर चोरी की घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एक ही दिन 6 समरसेबुल की चोरी होने से लाखों रुपए का किसानों को नुकसान लगा है। खेतों की पटवन के लिए लगाया था समरसेबुल सुजालकोरामा गांव में किसानों ने खेतों की पटवन के लिए समरसेबुल लगा रखा था। आरोप है कि नशे के आदी असामाजिक तत्वों ने पांच समरसेबुल चोरी कर लिए। वहीं, सैदपुर गांव में नहर के समीप मृत्युंजय कुमार ने खेत की सिंचाई के लिए समरसेबुल लगाया था। दोनों गांवों के किसानों ने आसपास काफी खोजबीन की और ग्रामीणों से पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। किसानों का आरोप है कि नशे का सेवन करने वाले युवक इस तरह की चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। एक समरसेबुल लगाने में 50 हजार होता है खर्च आवेदन मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। समरसेबुल की चोरी होने से किसानों को पटवन की समस्या उत्पन्न हो गई है। एक साथ इतनी समरसेबुल चोरी होने के बाद अन्य किसानों में भी डर का माहौल बना हुआ है। किसान मृत्युंजय कुमार ने बताया कि काफी मेहनत कर मैंने अपने खेत में सिंचाई के लिए समरसेबुल लगाया था। लेकिन चोर चुरा कर फरार हो गया। ऐसे में हम लोगों के पास पटवन की समस्या उत्पन्न हो गई है। एक समरसेबुल लगाने में करीब 50 हजार से अधिक का खर्च लगता है।

