बस्ती में विजयादशमी उत्सव के तहत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बस्ती की ओर से आयोजित पथ संचलन एवं एकत्रीकरण कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने अनुशासन, एकता और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। शाम 5 बजे सरस्वती विद्या मंदिर, रामबाग से पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवकों का पथ संचलन शुरू हुआ। नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरने के दौरान नागरिकों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पार्चन से हुआ। अध्यक्षता बंजरिया फार्म के पूर्व प्रोफेसर एवं अध्यक्ष डॉ. एसएन सिंह ने की। मुख्य वक्ता गोरक्ष प्रांत के प्रांत बौद्धिक शिक्षण प्रमुख डॉ. अरविंद सिंह रहे। इस दौरान जिला संघचालक पवन तुलस्यान और नगर संघचालक सुनील मिश्रा की उपस्थिति रही। डॉ. अरविंद सिंह ने कहा कि भारत की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखने में देश के महापुरुषों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। चंद्रगुप्त, सम्राट विक्रमादित्य और सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश को एक सूत्र में बांधने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन के विरोध में हुए आंदोलन और वर्ष 1911 में विभाजन रद्द होने का उल्लेख किया। जलियांवाला बाग का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक घटनाएं राष्ट्रभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देती हैं। चार आश्रमों की परंपरा का भी उल्लेख किया उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए सजग रहे। उन्होंने विजयादशमी पर संघ की स्थापना और भारतीय संस्कृति के चार आश्रमों की परंपरा का भी उल्लेख किया। मुख्य शिक्षक शिवेंद्र रहे और एकल गीत श्वेतांशु ने प्रस्तुत किया। बौद्धिक कार्यक्रम के बाद पथ संचलन जनता होटल, पक्के बाजार, रोडवेज चौराहा और अस्पताल चौराहा होते हुए शिव कॉलोनी स्थित विद्यालय पहुंचा, जहां कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर सुभाष, आशीष, भवानी, वीरेंद्र, श्रीराम, राजेश, गोविंद, रंजीत, वायुनंदन, मधुरेश, नीरज, बृजेश मुन्ना और आशुतोष सहित संघ के अनेक कार्यकर्ता एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

