बांका जिले के रजौन प्रखंड मुख्यालय के सभागार में गुरुवार को बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य डॉ. सुग्रीव दास ने आंगनबाड़ी सेविकाओं के साथ बातचीत की। इस कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. सुग्रीव दास ने दीप जलाकर की।इस दौरान एक पोषण मेला भी लगाया गया। इसमें प्रखंड के कई गांवों से बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं शामिल हुईं। बातचीत के दौरान डॉ. सुग्रीव दास ने सेविकाओं से उनके काम,समस्याओं और जमीनी स्तर पर आने वाली मुश्किलों के बारे में पूछा।उन्होंने समस्याओं को सुलझाने का भरोसा दिया। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की ओर से बच्चों, महिलाओं और समाज की भलाई के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी भी दी। ”कुछ अलग और अच्छा करने की करें कोशिश” उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का फायदा पहुंचाने में आंगनबाड़ी सेविकाओं का काम बहुत अहम है। उन्होंने सेविकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने काम को सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सेवा और समाज बनाने के इरादे से करें। कुछ अलग और अच्छा करने की कोशिश करें, ताकि समाज के लोग उनके काम से सीख ले सकें। डॉ. दास ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र तीन से छह साल तक के बच्चों के शुरुआती विकास के लिए बहुत जरूरी हैं। बच्चों को मोबाइल से रखें दूर बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ उनके मानसिक, शारीरिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास पर भी ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने बच्चों के साथ रचनात्मक गतिविधियां कराने पर जोर दिया। कार्यक्रम में बच्चों के मोबाइल फोन के ज्यादा इस्तेमाल से होने वाले बुरे असर पर भी बात हुई। उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे बच्चों को बेवजह मोबाइल से दूर रखें और इस बारे में जागरूकता फैलाएं। इस मौके पर सेविकाओं ने खाना खाने से पहले हाथ धोने का सही तरीका दिखाया। वहीं, गोद भराई कार्यक्रम के तहत प्रखंड समन्वयक आरती कुमारी की गोद भराई की रस्म भी हुई। कार्यक्रम में मां और बच्चे के स्वास्थ्य, पोषण और साफ-सफाई के बारे में जागरूकता का संदेश दिया गया। मौके पर सीडीपीओ चंचला कुमारी, बाल संरक्षण पदाधिकारी सुधीर कुमार, बीस सूत्री उपाध्यक्ष सह भाजपा मंडल अध्यक्ष नितेश कुमार उर्फ बंटी साह, सदस्य मनीष कुमार, मो. मुजफ्फर, गौतम विश्वकर्मा और एनडीए कार्यकर्ता व दूसरे खास लोग मौजूद थे। बांका जिले के रजौन प्रखंड मुख्यालय के सभागार में गुरुवार को बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य डॉ. सुग्रीव दास ने आंगनबाड़ी सेविकाओं के साथ बातचीत की। इस कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. सुग्रीव दास ने दीप जलाकर की।इस दौरान एक पोषण मेला भी लगाया गया। इसमें प्रखंड के कई गांवों से बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं शामिल हुईं। बातचीत के दौरान डॉ. सुग्रीव दास ने सेविकाओं से उनके काम,समस्याओं और जमीनी स्तर पर आने वाली मुश्किलों के बारे में पूछा।उन्होंने समस्याओं को सुलझाने का भरोसा दिया। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की ओर से बच्चों, महिलाओं और समाज की भलाई के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी भी दी। ”कुछ अलग और अच्छा करने की करें कोशिश” उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का फायदा पहुंचाने में आंगनबाड़ी सेविकाओं का काम बहुत अहम है। उन्होंने सेविकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने काम को सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सेवा और समाज बनाने के इरादे से करें। कुछ अलग और अच्छा करने की कोशिश करें, ताकि समाज के लोग उनके काम से सीख ले सकें। डॉ. दास ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र तीन से छह साल तक के बच्चों के शुरुआती विकास के लिए बहुत जरूरी हैं। बच्चों को मोबाइल से रखें दूर बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ उनके मानसिक, शारीरिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास पर भी ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने बच्चों के साथ रचनात्मक गतिविधियां कराने पर जोर दिया। कार्यक्रम में बच्चों के मोबाइल फोन के ज्यादा इस्तेमाल से होने वाले बुरे असर पर भी बात हुई। उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे बच्चों को बेवजह मोबाइल से दूर रखें और इस बारे में जागरूकता फैलाएं। इस मौके पर सेविकाओं ने खाना खाने से पहले हाथ धोने का सही तरीका दिखाया। वहीं, गोद भराई कार्यक्रम के तहत प्रखंड समन्वयक आरती कुमारी की गोद भराई की रस्म भी हुई। कार्यक्रम में मां और बच्चे के स्वास्थ्य, पोषण और साफ-सफाई के बारे में जागरूकता का संदेश दिया गया। मौके पर सीडीपीओ चंचला कुमारी, बाल संरक्षण पदाधिकारी सुधीर कुमार, बीस सूत्री उपाध्यक्ष सह भाजपा मंडल अध्यक्ष नितेश कुमार उर्फ बंटी साह, सदस्य मनीष कुमार, मो. मुजफ्फर, गौतम विश्वकर्मा और एनडीए कार्यकर्ता व दूसरे खास लोग मौजूद थे।

