बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद, दस हजार जुर्माना

बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद, दस हजार जुर्माना

सिमरी थाना क्षेत्र में छह वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो कोर्ट-6 ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश अमित कुमार शर्मा की अदालत ने अरुण कुमार उर्फ अरुण कमकर को दोषी मानते हुए उम्रकैद के साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। विशेष लोक अभियोजक सुरेश कुमार सिंह के मुताबिक, 16 अगस्त 2023 को छह साल की बच्ची शौच के लिए घर से बाहर गई थी। इसी दौरान उसके पड़ोसी अरुण कुमार ने उसे पैसे देने का लालच दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना सामने आने के बाद मामले को दबाने की कोशिश किए जाने की बात भी सामने आई। आरोप है कि स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने परिवार पर 5 हजार रुपये लेकर मामला खत्म करने का दबाव बनाया। साथ ही धमकी दिए जाने की बात भी कही गई। हालांकि, पीड़िता के परिवार ने दबाव के आगे झुकने के बजाय सिमरी थाना पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस कार्रवाई और न्यायालय में मामले की सुनवाई शुरू हुई। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में गवाहों के बयान दर्ज किए गए और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अरुण कुमार को दोषी करार दिया। दोष सिद्ध होने के बाद विशेष न्यायाधीश अमित कुमार शर्मा ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया। अदालत ने पीड़िता के भविष्य को ध्यान में रखते हुए बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत 7 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। वहीं पीड़िता की मां को भी 2 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया गया है। सिमरी थाना क्षेत्र में छह वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो कोर्ट-6 ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश अमित कुमार शर्मा की अदालत ने अरुण कुमार उर्फ अरुण कमकर को दोषी मानते हुए उम्रकैद के साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। विशेष लोक अभियोजक सुरेश कुमार सिंह के मुताबिक, 16 अगस्त 2023 को छह साल की बच्ची शौच के लिए घर से बाहर गई थी। इसी दौरान उसके पड़ोसी अरुण कुमार ने उसे पैसे देने का लालच दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना सामने आने के बाद मामले को दबाने की कोशिश किए जाने की बात भी सामने आई। आरोप है कि स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने परिवार पर 5 हजार रुपये लेकर मामला खत्म करने का दबाव बनाया। साथ ही धमकी दिए जाने की बात भी कही गई। हालांकि, पीड़िता के परिवार ने दबाव के आगे झुकने के बजाय सिमरी थाना पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस कार्रवाई और न्यायालय में मामले की सुनवाई शुरू हुई। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में गवाहों के बयान दर्ज किए गए और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अरुण कुमार को दोषी करार दिया। दोष सिद्ध होने के बाद विशेष न्यायाधीश अमित कुमार शर्मा ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया। अदालत ने पीड़िता के भविष्य को ध्यान में रखते हुए बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत 7 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। वहीं पीड़िता की मां को भी 2 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया गया है।  

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