बक्सर में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार सुबह आठ बजे केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा का जलस्तर 59.70 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी स्तर 59.32 मीटर से 38 सेंटीमीटर ऊपर है। वहीं, खतरे के निशान 60.32 मीटर से यह अब केवल 62 सेंटीमीटर नीचे है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण दियारा और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार सुबह छह बजे से आठ बजे के बीच गंगा के जलस्तर में दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि हुई। विवाह मंडप में लगभग दो फीट पानी रविवार शाम छह बजे नदी का जलस्तर 59.14 मीटर था, जो अगले 14 घंटों में 56 सेंटीमीटर बढ़कर 59.70 मीटर तक पहुंच गया। नदी के इस तेजी से बढ़ते जलस्तर ने दियारा क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले सप्ताह भी गंगा का जलस्तर 59.59 मीटर तक पहुंच गया था, जिससे जिले के कई गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी फैल गया था और निचले इलाकों में जलजमाव हो गया था। शहर के प्रमुख घाटों पर भी पानी तेजी से चढ़ा था। गंगा के दोबारा चेतावनी स्तर को पार करने से ग्रामीणों को खेतों और निचले इलाकों में पानी फैलने की आशंका सता रही है। गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर शहर के घाटों पर भी स्पष्ट दिख रहा है। रामरेखा घाट के विवाह मंडप में लगभग दो फीट पानी भर गया है। अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील महादेवा घाट की सीढ़ियां और चेंजिंग रूम भी पानी में डूब गए हैं। नदी का पानी अब घाट पर जाने वाले रास्ते के करीब पहुंच गया है, जिससे घाटों पर आवागमन करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही दियारा और तराई क्षेत्र के ग्रामीण अपने मवेशियों और आवश्यक सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी में जुट गए हैं। खेतों में पानी फैलने की आशंका के कारण ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। हेल्पलाइन नंबर पर दे सकते हैं सूचना इधर, गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड में है। नदी किनारे के इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। लोगों को जरूरी सामान और मवेशियों के साथ सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति या जलभराव की सूचना 06183-223333 हेल्पलाइन नंबर पर देने को कहा गया है। बक्सर में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार सुबह आठ बजे केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा का जलस्तर 59.70 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी स्तर 59.32 मीटर से 38 सेंटीमीटर ऊपर है। वहीं, खतरे के निशान 60.32 मीटर से यह अब केवल 62 सेंटीमीटर नीचे है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण दियारा और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार सुबह छह बजे से आठ बजे के बीच गंगा के जलस्तर में दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि हुई। विवाह मंडप में लगभग दो फीट पानी रविवार शाम छह बजे नदी का जलस्तर 59.14 मीटर था, जो अगले 14 घंटों में 56 सेंटीमीटर बढ़कर 59.70 मीटर तक पहुंच गया। नदी के इस तेजी से बढ़ते जलस्तर ने दियारा क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले सप्ताह भी गंगा का जलस्तर 59.59 मीटर तक पहुंच गया था, जिससे जिले के कई गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी फैल गया था और निचले इलाकों में जलजमाव हो गया था। शहर के प्रमुख घाटों पर भी पानी तेजी से चढ़ा था। गंगा के दोबारा चेतावनी स्तर को पार करने से ग्रामीणों को खेतों और निचले इलाकों में पानी फैलने की आशंका सता रही है। गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर शहर के घाटों पर भी स्पष्ट दिख रहा है। रामरेखा घाट के विवाह मंडप में लगभग दो फीट पानी भर गया है। अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील महादेवा घाट की सीढ़ियां और चेंजिंग रूम भी पानी में डूब गए हैं। नदी का पानी अब घाट पर जाने वाले रास्ते के करीब पहुंच गया है, जिससे घाटों पर आवागमन करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही दियारा और तराई क्षेत्र के ग्रामीण अपने मवेशियों और आवश्यक सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी में जुट गए हैं। खेतों में पानी फैलने की आशंका के कारण ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। हेल्पलाइन नंबर पर दे सकते हैं सूचना इधर, गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड में है। नदी किनारे के इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। लोगों को जरूरी सामान और मवेशियों के साथ सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति या जलभराव की सूचना 06183-223333 हेल्पलाइन नंबर पर देने को कहा गया है।

