बकाया मानदेय नहीं मिला तो DEO कार्यालय का होगा घेराव:बेतिया-30 अक्टूबर तक भुगतान करने का अल्टीमेटम

बकाया मानदेय नहीं मिला तो DEO कार्यालय का होगा घेराव:बेतिया-30 अक्टूबर तक भुगतान करने का अल्टीमेटम

बिहार राज्य विद्यालय रसोइया यूनियन मानदेय में कटौती और बकाया भुगतान नहीं होने से नाराज है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि 30 अक्टूबर तक बकाया राशि का भुगतान नहीं हुआ तो जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय का घेराव किया जाएगा। बलिराम भवन स्थित जिला कार्यालय में शंभू मिश्र की अध्यक्षता में हुई बैठक में रसोइयों की समस्याओं पर चर्चा की गई। यूनियन के अध्यक्ष लाल बाबूराम ने बताया कि रसोइयों को तीन महीने का मानदेय मिला है, लेकिन इसमें कटौती की गई है। उन्होंने कहा कि कुल 3,300 रुपये मासिक मानदेय में केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाला 1,000 रुपये का हिस्सा नहीं मिला है। इससे रसोइयों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। झाड़ू लगाने से बाथरूम की सफाई तक, अतिरिक्त काम कराने का आरोप यूनियन की सचिव वीणा देवी ने आरोप लगाया कि विद्यालयों में सफाईकर्मियों को हटाए जाने के बाद रसोइयों से झाड़ू लगाने, बाथरूम और मैदान की सफाई जैसे अतिरिक्त काम कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रसोइयों की जिम्मेदारी बच्चों के लिए भोजन बनाना और परोसना है। उनसे दूसरे काम कराना उचित नहीं है। प्रखंड अध्यक्ष रिंकू देवी ने कहा कि रसोइयों को भोजन बनाने, बच्चों को खिलाने और बर्तनों की सफाई के बाद घर जाने दिया जाना चाहिए। आरोप है कि सुबह नौ बजे विद्यालय पहुंचने वाली रसोइयों को शाम चार बजे तक रोका जाता है। यूनियन ने इस व्यवस्था पर रोक लगाने की मांग की। कई स्कूलों में लकड़ी-पत्ते जलाकर भोजन बनाने की शिकायत बैठक में विद्यालयों में गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया। यूनियन सदस्यों ने कहा कि कई जगह रसोइयों को लकड़ी और पत्ते जलाकर मध्याह्न भोजन बनाना पड़ता है। उन्होंने सभी विद्यालयों में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि भोजन बनाने में होने वाली परेशानी दूर हो सके। बच्चों के भोजन की गुणवत्ता जांचने की मांग यूनियन ने एनजीओ के माध्यम से विद्यालयों में पहुंचाए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की। सदस्यों ने आरोप लगाया कि भोजन खाने के बाद बच्चों की तबीयत खराब होने की शिकायतें मिलती हैं। उन्होंने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए नियमित जांच की जरूरत बताई। बैठक में बकाया मानदेय का भुगतान, अतिरिक्त कार्य से मुक्ति, गैस सिलेंडर की उपलब्धता और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई गई। यूनियन ने स्पष्ट किया कि 30 अक्टूबर तक बकाया भुगतान नहीं होने पर डीईओ कार्यालय का घेराव किया जाएगा। बिहार राज्य विद्यालय रसोइया यूनियन मानदेय में कटौती और बकाया भुगतान नहीं होने से नाराज है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि 30 अक्टूबर तक बकाया राशि का भुगतान नहीं हुआ तो जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय का घेराव किया जाएगा। बलिराम भवन स्थित जिला कार्यालय में शंभू मिश्र की अध्यक्षता में हुई बैठक में रसोइयों की समस्याओं पर चर्चा की गई। यूनियन के अध्यक्ष लाल बाबूराम ने बताया कि रसोइयों को तीन महीने का मानदेय मिला है, लेकिन इसमें कटौती की गई है। उन्होंने कहा कि कुल 3,300 रुपये मासिक मानदेय में केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाला 1,000 रुपये का हिस्सा नहीं मिला है। इससे रसोइयों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। झाड़ू लगाने से बाथरूम की सफाई तक, अतिरिक्त काम कराने का आरोप यूनियन की सचिव वीणा देवी ने आरोप लगाया कि विद्यालयों में सफाईकर्मियों को हटाए जाने के बाद रसोइयों से झाड़ू लगाने, बाथरूम और मैदान की सफाई जैसे अतिरिक्त काम कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रसोइयों की जिम्मेदारी बच्चों के लिए भोजन बनाना और परोसना है। उनसे दूसरे काम कराना उचित नहीं है। प्रखंड अध्यक्ष रिंकू देवी ने कहा कि रसोइयों को भोजन बनाने, बच्चों को खिलाने और बर्तनों की सफाई के बाद घर जाने दिया जाना चाहिए। आरोप है कि सुबह नौ बजे विद्यालय पहुंचने वाली रसोइयों को शाम चार बजे तक रोका जाता है। यूनियन ने इस व्यवस्था पर रोक लगाने की मांग की। कई स्कूलों में लकड़ी-पत्ते जलाकर भोजन बनाने की शिकायत बैठक में विद्यालयों में गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया। यूनियन सदस्यों ने कहा कि कई जगह रसोइयों को लकड़ी और पत्ते जलाकर मध्याह्न भोजन बनाना पड़ता है। उन्होंने सभी विद्यालयों में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि भोजन बनाने में होने वाली परेशानी दूर हो सके। बच्चों के भोजन की गुणवत्ता जांचने की मांग यूनियन ने एनजीओ के माध्यम से विद्यालयों में पहुंचाए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की। सदस्यों ने आरोप लगाया कि भोजन खाने के बाद बच्चों की तबीयत खराब होने की शिकायतें मिलती हैं। उन्होंने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए नियमित जांच की जरूरत बताई। बैठक में बकाया मानदेय का भुगतान, अतिरिक्त कार्य से मुक्ति, गैस सिलेंडर की उपलब्धता और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई गई। यूनियन ने स्पष्ट किया कि 30 अक्टूबर तक बकाया भुगतान नहीं होने पर डीईओ कार्यालय का घेराव किया जाएगा।  

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