फर्रुखाबाद में 200 से ज्यादा जगहों पर गणेश पंडाल लगाए गए हैं। यहां दिन-रात कई तरह के कार्यक्रम हो रहे हैं। सुबह गणेश पूजन और आरती होती है, वहीं शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कायमगंज में गरबा नृत्य हुआ, जबकि कमालगंज के गणेश पंडाल में झांकियों ने सबका मन मोह लिया। गणेश चतुर्थी पर मूर्ति स्थापना के बाद से लगातार कार्यक्रम चल रहे हैं। कम्पिल में संकीर्तन होता है, वहीं शहर के कई पंडालों में देर रात तक कार्यक्रम चलते रहते हैं। गुरुवार रात कायमगंज में विधायक डॉक्टर सुरभि भी पहुंचीं। उन्होंने आरती में हिस्सा लिया। कमालगंज नगर में रेलवे तिराहे के पास चल रहे गणेश महोत्सव के चौथे दिन गुरुवार शाम को श्रद्धालु भक्ति में डूबे नजर आए। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही पंडाल श्रद्धालुओं से भर गया था। पूजन-अनुष्ठान के बाद आचार्यों ने विधि-विधान से आरती करवाई। संगीत कलाकारों ने वाद्य यंत्रों के साथ संगीतमय आरती पेश की। आरती के दौरान ‘बप्पा’ के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति में झूमते दिखे। इसके बाद रोहित निखिल आर्ट हापुड़ के कलाकारों ने धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। शिव आराधना झांकी में भगवान शिव और माता गौरा की नोकझोंक ने दर्शकों को खूब पसंद आई। ‘भोले मत कर धिकताना’ और ‘गौरा हो गई दीवानी भोलेनाथ की’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु जमकर नाचे। कलाकारों की प्रस्तुति से पूरा माहौल भक्ति और उत्साह से भर गया। इसके बाद गंगा मैया की झांकी और कांवर की पगड़ी झांकी भी दिखाई गई, जिसे देखने के लिए श्रद्धालु देर तक रुके रहे। दीवानी प्रसंग में ठाकुरजी की सत्यभामा और रुक्मिणी के साथ कृष्ण नीलामी झांकी ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों ने अलग-अलग धार्मिक प्रसंगों को बहुत ही आकर्षक तरीके से पेश किया। इस महोत्सव में अध्यक्ष अमित गुप्ता, महामंत्री महेंद्र पाठक, कोषाध्यक्ष सौरभ चौरसिया और मंत्री नित्यप्रकाश वर्मा भी मौजूद रहे। व्यवस्था में पारस गुप्ता, अभय गुप्ता, आकाश गुप्ता, दिव्यांशु हलवाई, यश हलवाई, उज्ज्वल हलवाई और सचिन गुप्ता ने सहयोग किया। कार्यक्रम का संचालन सतीश माहौर और अनुभव गुप्ता ने किया।

