अमेठी के गौरीगंज में फर्जी ड्रग इंस्पेक्टर और विभागीय कर्मचारी बनकर मेडिकल स्टोर संचालकों से वसूली करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। रायबरेली निवासी तीन युवकों ने खुद को ड्रग इंस्पेक्टर और विभागीय कर्मचारी बताकर मेडिकल स्टोरों से हजारों रुपए वसूले थे। एक संचालक को शक हुआ तो उसने पुलिस को सूचना दी। मंगलवार शाम 7 बजे पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। उनके पास से नकदी, फर्जी मीडिया कार्ड और आईडी बरामद हुई हैं। एक कार चालक को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। मेडिकल स्टोर पर पहुंचकर मांगे रुपए गौरीगंज-सुल्तानपुर रोड स्थित पांडेपुर तिराहे पर बाला जी मेडिकल स्टोर पर शाम को कार से पहुंचे तीन युवकों ने खुद को ड्रग इंस्पेक्टर और विभागीय कर्मचारी बताया। आरोपियों की पहचान रत्नेश शर्मा, बृजेश पासवान और अशोक, सभी निवासी रायबरेली, के रूप में हुई है। आरोप है कि तीनों ने मेडिकल स्टोर संचालक से रुपये की मांग की। कार्रवाई के डर से संचालक ने उन्हें 1 हजार रुपए नकद और 2 हजार रुपए ऑनलाइन दे दिए। शक हुआ तो विभाग से ली जानकारी रुपये देने के बाद मेडिकल स्टोर संचालक को युवकों पर शक हुआ। उसने संबंधित विभाग से संपर्क कर उनके बारे में जानकारी ली। इसके बाद कार का पीछा करते हुए पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही गौरीगंज पुलिस सक्रिय हुई और तीनों युवकों को पकड़ लिया। पुलिस ने कार चालक को भी हिरासत में लिया है। आधा दर्जन मेडिकल स्टोरों से वसूली का दावा कोतवाली प्रभारी रवि सिंह के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले भी करीब आधा दर्जन मेडिकल स्टोरों पर इसी तरह पहुंचकर हजारों रुपए की वसूली कर चुके हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से वसूली की रकम के अलावा फर्जी मीडिया कार्ड और आईडी बरामद की हैं। मेडिकल संचालकों से सतर्क रहने की अपील पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालकों से अपील की है कि कोई व्यक्ति अधिकारी बनकर जांच या कार्रवाई के नाम पर पैसे मांगे तो बिना पहचान की पुष्टि किए भुगतान न करें। संदिग्ध स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें। कोतवाली प्रभारी रवि सिंह ने बताया कि तीन युवक और एक कार चालक हिरासत में लिए गए हैं। मामले की जांच की जा रही है।


