फतेहाबाद में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा ने कांग्रेस विधायक इंदुराज नरवाल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन रतिया से निलंबित कांग्रेस विधायक जरनैल सिंह द्वारा 1984 के सिख-विरोधी दंगों का मुद्दा उठाने के दौरान इंदुराज नरवाल द्वारा उनके हाथ से पोस्टर छीनकर फेंकने के मामले को लेकर किया गया। शनिवार को भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अजय खुंडिया के फतेहाबाद पहुंचने पर भूना कैंची चौक पर विधायक पुतला दहन किया गया। यह चौक भाजपा कार्यालय से लगभग 550 मीटर की दूरी पर स्थित है। प्रदर्शन में 30-40 कार्यकर्ता शामिल हुए और यह लगभग 10 मिनट तक चला। कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की और विधानसभा में हुई घटना की निंदा की। भाजपा नेताओं ने इस घटना को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां प्रत्येक विधायक को अपनी बात रखने और जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने का संवैधानिक अधिकार है। किसी विधायक के हाथ से पोस्टर छीनकर फेंकना इस अधिकार का उल्लंघन है। अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं करेगा एससी समाज प्रदेश अध्यक्ष अजय खुंडिया ने कहा कि अनुसूचित जाति समाज अपने सम्मान, अधिकार और स्वाभिमान से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि विधानसभा में सभी जनप्रतिनिधियों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है। खुंडिया ने कहा कि किसी भी समाज के दर्द, इतिहास और उससे जुड़े मुद्दों को उठाने से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल एक पोस्टर का नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति और सिख समाज के सम्मान से जुड़ा हुआ है। नहीं भुलाया जा सकते 1984 के अत्याचार जिलाध्यक्ष प्रवीन जोड़ा ने कहा कि कांग्रेस विधायक द्वारा की गई कथित अभद्रता के विरोध में पार्टी ने अपना रोष दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि 1984 के अत्याचारों को भुलाया नहीं जा सकता और पीड़ित समाज की आवाज को लोकतांत्रिक मंच पर पूरी गंभीरता से सुना जाना चाहिए। इस अवसर पर विकास ललोदा, पूर्व विधायक लक्ष्मण नापा, मीडिया प्रभारी कंवल चौधरी, अशोक जाखड़, राजपाल बैनीवाल, बलदेव सिंह ग्रोहा, जगदीश शर्मा और रामकुमार मेहरा सहित कई पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

