आईआईटी धनबाद में बीटेक छात्र प्रतीक माने की आत्महत्या की खबर मिलने पर परिजन शनिवार देर रात धनबाद पहुंचे। मृतक के चाचा गोविंद माने रविवार को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शवगृह पहुंचे व पुलिस को बयान दिया। प्रतीक पढ़ाई में बेहद होनहार था कहा कि 31 अक्टूबर की सुबह फोन पर खबर मिली थी कि प्रतीक ने हॉस्टल की 8वीं मंजिल की बालकनी से छलांग लगा दी है, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि प्रतीक पढ़ाई में बेहद होनहार था, लेकिन 7वें सेमेस्टर में प्री-प्लेसमेंट न मिल पाने से कुछ महीनों से मानसिक तनाव से जूझ रहा था। अत्यधिक तनाव के कारण ही उसने यह आत्मघाती कदम उठाया है और उन्हें किसी पर भी कोई संदेह नहीं है। पुलिस यूडी केस के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। आईआईटी के छात्र की खुदकुशी का मामला परिजनों की मौजूदगी में रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। सूत्रों के अनुसार, ऊंचाई से गिरने के कारण छात्र के सीने की पसलियां चूर-चूर हो गई थीं और ठुड्डी टूट गई थी। इसके अलावा लीवर और फेफड़ा फटने से अत्यधिक रक्तस्राव हुआ, जो मौत की मुख्य वजह बना। आईआईटी धनबाद में बीटेक छात्र प्रतीक माने की आत्महत्या की खबर मिलने पर परिजन शनिवार देर रात धनबाद पहुंचे। मृतक के चाचा गोविंद माने रविवार को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शवगृह पहुंचे व पुलिस को बयान दिया। प्रतीक पढ़ाई में बेहद होनहार था कहा कि 31 अक्टूबर की सुबह फोन पर खबर मिली थी कि प्रतीक ने हॉस्टल की 8वीं मंजिल की बालकनी से छलांग लगा दी है, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि प्रतीक पढ़ाई में बेहद होनहार था, लेकिन 7वें सेमेस्टर में प्री-प्लेसमेंट न मिल पाने से कुछ महीनों से मानसिक तनाव से जूझ रहा था। अत्यधिक तनाव के कारण ही उसने यह आत्मघाती कदम उठाया है और उन्हें किसी पर भी कोई संदेह नहीं है। पुलिस यूडी केस के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। आईआईटी के छात्र की खुदकुशी का मामला परिजनों की मौजूदगी में रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। सूत्रों के अनुसार, ऊंचाई से गिरने के कारण छात्र के सीने की पसलियां चूर-चूर हो गई थीं और ठुड्डी टूट गई थी। इसके अलावा लीवर और फेफड़ा फटने से अत्यधिक रक्तस्राव हुआ, जो मौत की मुख्य वजह बना।

