जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने सोमवार को अररिया पहुंचकर कोसी स्नातक क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव को लेकर भाजपा और सत्ताधारी दल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव अब तक धनबल के दम पर लड़े जाते रहे हैं। अब इसे लोकतांत्रिक ताकत से बदलने का समय आ गया है। पूर्व सांसद सरफराज आलम के आवास पर मीडिया से बातचीत के बाद प्रशांत किशोर ने शहर के एक होटल में स्नातक मतदाताओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने जन सुराज समर्थित उम्मीदवार रजनीश रंजन के पक्ष में मतदाताओं से एकजुट होने की अपील की। 75 साल से सीमांचल-कोसी की उपेक्षा का दावा प्रशांत किशोर ने कहा कि विधान परिषद सदस्य के पास विधायक जितनी ही ताकत होती है। उनके मुताबिक, पिछले 75 वर्षों से सीमांचल-कोसी क्षेत्र की उपेक्षा हुई है। इसलिए इस बार स्थानीय उम्मीदवार को मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जन सुराज समर्थित उम्मीदवार रजनीश रंजन सहरसा से हैं और उनकी पत्नी पूर्णिया से हैं। इस आधार पर उन्होंने रजनीश रंजन को क्षेत्र का स्थानीय चेहरा बताया। रजनीश रंजन और एनके यादव के बीच मुकाबले की बात कही चुनावी समीकरण पर चर्चा करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि कोसी स्नातक क्षेत्र में मुख्य मुकाबला रजनीश रंजन और भाजपा उम्मीदवार एनके यादव के बीच है। उन्होंने बांकीपुर, पटना के चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वहां विभिन्न वर्गों के एकजुट होने से भाजपा को शिकस्त मिली, उसी तरह का समीकरण यहां भी बनाया जा सकता है। पहली और दूसरी पसंद के वोट को लेकर की अपील प्रशांत किशोर ने बताया कि कोसी स्नातक क्षेत्र में करीब 1.25 लाख से 1.36 लाख स्नातक मतदाता हैं। इनमें 20 हजार से अधिक अल्पसंख्यक समाज से हैं। अकेले अररिया में करीब 10 हजार स्नातक मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि इन मतदाताओं की भूमिका चुनाव परिणाम में अहम हो सकती है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि अगर वे राजद के उम्मीदवार को पहली पसंद देते हैं, तो दूसरी पसंद के तौर पर रजनीश रंजन को भी वोट दें। उनका कहना था कि इससे भाजपा विरोधी वोट बंटने से बच सकते हैं। प्रशांत किशोर ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से स्नातक मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने और उन्हें मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए प्रेरित करने की अपील भी की। सम्राट चौधरी के बयान को लेकर भी साधा निशाना प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए उनके कथित अहंकार का मुद्दा उठाया। उन्होंने बांकीपुर चुनाव के दौरान दिए गए एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव के बाद भले ही उसका खंडन किया गया हो, लेकिन अहंकार लगातार दिखाई दे रहा है। उन्होंने सम्राट चौधरी के उस कथित बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें मोदी के घर देने के बाद भगवान राम को घर मिलने की बात कही गई थी। प्रशांत किशोर ने कहा कि भगवान राम को भी प्रधानमंत्री मोदी से घर दिलाने की बात करना अहंकार की पराकाष्ठा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरी ओर आम लोगों को घर, शिक्षा और रोजगार नहीं मिल पा रहा है। प्रशांत किशोर ने मतदाताओं से भाजपा उम्मीदवारों को हराकर इस अहंकार पर अंकुश लगाने की अपील की। कार्यक्रम में पूर्व सांसद सरफराज आलम, प्रत्याशी रजनीश रंजन समेत अन्य लोग मौजूद रहे। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने सोमवार को अररिया पहुंचकर कोसी स्नातक क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव को लेकर भाजपा और सत्ताधारी दल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव अब तक धनबल के दम पर लड़े जाते रहे हैं। अब इसे लोकतांत्रिक ताकत से बदलने का समय आ गया है। पूर्व सांसद सरफराज आलम के आवास पर मीडिया से बातचीत के बाद प्रशांत किशोर ने शहर के एक होटल में स्नातक मतदाताओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने जन सुराज समर्थित उम्मीदवार रजनीश रंजन के पक्ष में मतदाताओं से एकजुट होने की अपील की। 75 साल से सीमांचल-कोसी की उपेक्षा का दावा प्रशांत किशोर ने कहा कि विधान परिषद सदस्य के पास विधायक जितनी ही ताकत होती है। उनके मुताबिक, पिछले 75 वर्षों से सीमांचल-कोसी क्षेत्र की उपेक्षा हुई है। इसलिए इस बार स्थानीय उम्मीदवार को मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जन सुराज समर्थित उम्मीदवार रजनीश रंजन सहरसा से हैं और उनकी पत्नी पूर्णिया से हैं। इस आधार पर उन्होंने रजनीश रंजन को क्षेत्र का स्थानीय चेहरा बताया। रजनीश रंजन और एनके यादव के बीच मुकाबले की बात कही चुनावी समीकरण पर चर्चा करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि कोसी स्नातक क्षेत्र में मुख्य मुकाबला रजनीश रंजन और भाजपा उम्मीदवार एनके यादव के बीच है। उन्होंने बांकीपुर, पटना के चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वहां विभिन्न वर्गों के एकजुट होने से भाजपा को शिकस्त मिली, उसी तरह का समीकरण यहां भी बनाया जा सकता है। पहली और दूसरी पसंद के वोट को लेकर की अपील प्रशांत किशोर ने बताया कि कोसी स्नातक क्षेत्र में करीब 1.25 लाख से 1.36 लाख स्नातक मतदाता हैं। इनमें 20 हजार से अधिक अल्पसंख्यक समाज से हैं। अकेले अररिया में करीब 10 हजार स्नातक मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि इन मतदाताओं की भूमिका चुनाव परिणाम में अहम हो सकती है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि अगर वे राजद के उम्मीदवार को पहली पसंद देते हैं, तो दूसरी पसंद के तौर पर रजनीश रंजन को भी वोट दें। उनका कहना था कि इससे भाजपा विरोधी वोट बंटने से बच सकते हैं। प्रशांत किशोर ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से स्नातक मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने और उन्हें मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए प्रेरित करने की अपील भी की। सम्राट चौधरी के बयान को लेकर भी साधा निशाना प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए उनके कथित अहंकार का मुद्दा उठाया। उन्होंने बांकीपुर चुनाव के दौरान दिए गए एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव के बाद भले ही उसका खंडन किया गया हो, लेकिन अहंकार लगातार दिखाई दे रहा है। उन्होंने सम्राट चौधरी के उस कथित बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें मोदी के घर देने के बाद भगवान राम को घर मिलने की बात कही गई थी। प्रशांत किशोर ने कहा कि भगवान राम को भी प्रधानमंत्री मोदी से घर दिलाने की बात करना अहंकार की पराकाष्ठा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरी ओर आम लोगों को घर, शिक्षा और रोजगार नहीं मिल पा रहा है। प्रशांत किशोर ने मतदाताओं से भाजपा उम्मीदवारों को हराकर इस अहंकार पर अंकुश लगाने की अपील की। कार्यक्रम में पूर्व सांसद सरफराज आलम, प्रत्याशी रजनीश रंजन समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

