प्रयागराज के कंपनी गार्डन में SIR लागू करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में आइसा (AISA) ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया। आइसा छात्र ने आरोप लगाया गया कि विरोध मार्च शुरू होने से पहले ही पुलिस ने कई आइसा कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। वहीं इलाहाबाद विश्वविद्यालय की आइसा इकाई के सह सचिव कॉमरेड अमित समेत कई छात्रों को विश्वविद्यालय चौकी के पास हिरासत में लिया गया और मारपीट की गई। इसके बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी कंपनी गार्डन पहुंचे और वहां प्रतिरोध सभा के साथ प्रदर्शन किया। आइसा इलाहाबाद विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष कॉमरेड सोनाली ने कहा कि भाजपा सरकार और उसकी मशीनरी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने में लगी है। उन्होंने घोषणा की कि ज्ञानेश कुमार को जेल भिजवाने तक हर दिन शहर की सड़कों पर प्रदर्शन किया जाएगा। पुलिसिया कार्रवाई से आंदोलनकारी डरेंगे नहीं और विभिन्न शहरों में नियमित विरोध जारी रहेगा। छात्र अमित ने बताया कि प्रोटेस्ट की कॉल थी सुबह 11:00 बजे उसमें शामिल होने के लिए बैंक रोड जा रहा था। वहां पर ही चार पुलिस वाले आते हैं । मुझको उठाते हैं, इसके बाद मुझे यूनिवर्सिटी की पुलिस चौकी के पास लेकर जाते हैं। वहां मेरे साथ मारपीट की जाती है, गाली-गलौज की जाती है। चौकी के अंदर मुझको मारा जाता है। इसके बाद मुझको गाड़ी में बैठाते हैं, फिर मम्फोर्डगंज चौकी लेकर जाते हैं। और वहां पर मुझको 4 घंटे बैठा के रखते हैं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में SIR को तुरंत रद्द करना और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई शामिल है। आइसा का आरोप है कि SIR से गरीब, दलित, अल्पसंख्यक और प्रवासी मजदूरों का मताधिकार प्रभावित हो सकता है। देशभर में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है।

