राज्य में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले असामाजिक तत्वों और हिंसक प्रदर्शनकारियों से पंजाब पुलिस अब सख्ती से निपटेगी। पुलिस विभाग बड़े पैमाने पर आधुनिक एंटी-रायट इक्विपमेंट्स की खरीद करने जा रहा है। पंजाब पुलिस कुल 3,950 टेयर गैस ग्रेनेड, स्टन शेल्स और अन्य अत्याधुनिक गैर-घातक हथियार खरीदेगी। DGP पंजाब ने इक्विपमेंट खरीदने के लिए ई-टेंडर जारी कर दिया है और पुलिस को ये इक्विपमेंट अगले दो माह में मिल जाएंगे। इक्विपमेंट खरीदने का मुख्य उद्देश्य क्राउड कंट्रोल सिस्टम को हाई-टेक और अधिक असरदार बनाना है। पुलिस नॉर्मल आंसू गैस के अलावा मिर्च आधारित ‘चिली शेल्स’, अंधाधुंध रोशनी और धमाका करने वाले ‘स्टन ग्रेनेड’, दंगाइयों की पहचान के लिए ‘डाई मार्कर ग्रेनेड’ और पुलिस वाहनों से दागे जाने वाले ‘इलेक्ट्रिकल शेल्स’ शामिल हैं पुलिस जो 17 इक्विपमेंट खरीद रही है उनके बारे में जानिए… 1. टेयर स्मोक ग्रेनेड : टेयर स्मोक ग्रेनेड में CS गैस (आंसू गैस) होती है, जो आंखों में तेज जलन, पानी आना और सांस लेने में हल्की तकलीफ पैदा करती है। इसका प्रयोग तब किया जाता है जब हिंसक भीड़ या प्रदर्शनकारी पुलिस की चेतावनी के बाद भी पीछे न हट रहे हों और उन्हें तुरंत तितर-बितर करना हो। 2. स्टन ग्रेनेड: स्टन ग्रेनेड फटने पर बेहद तेज रोशनी (फ्लैश) और बहुत तेज धमाका (आवाज) पैदा करता है। इससे कुछ सेकंड के लिए उपद्रवियों की आंखें चकम के कारण बंद हो जाती हैं और सुनने की क्षमता प्रभावित होती है। इसका प्रयोग तब किया जाता है जब बंधक बनाने जैसी आपातकालीन स्थितियों में, आतंकवाद-विरोधी अभियानों में या हिंसक भीड़ को अचानक सदमे में डालकर काबू करने के लिए। 3. डाई मार्कर ग्रेनेड: डाई मार्कर ग्रेनेड फटने पर रंगीन धुआं और अमिट रंग छोड़ता है, जो उपद्रवियों के कपड़ों और त्वचा पर चिपक जाता है। हिंसक भीड़ में शामिल मुख्य उपद्रवियों और दंगाइयों की पहचान करने और बाद में उन्हें भीड़ से चुनकर गिरफ्तार करने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। 4. डाई मार्कर ग्रेनेड – इरिटेंट डाई मार्कर ग्रेनेड रंगीन डाई और आंसू गैस/इरिटेंट पैदा करने वाले रसायन का मिश्रण होता है। इसका प्रयोग से दंगाइयों की पहचान करने के साथ-साथ उन्हें तुरंत उस जगह से भागने पर मजबूर करने के लिए किया जाता है। 5. टेयर स्मोक ग्रेनेड – चिली: टेयर स्मोक ग्रेनेड में प्राकृतिक मिर्च का एक्सट्रैक्ट होता है। यह आंखों, त्वचा और गले में अत्यधिक जलन पैदा करता है। CS गैस से प्रभावित न होने वाले लोगों पर भी यह बहुत असरदार है। अत्यधिक उग्र भीड़ को पीछे धकेलने के लिए, जहां सामान्य आंसू गैस असरदार साबित न हो रही हो वहां इसका प्रयोग किया जाता है। 6. स्टन-लैक ग्रेनेड – चिली : स्टन लैक ग्रेनेड चिली तेज आवाज/धमाके और मिर्च के धुएं का संयुक्त रूप है। जब भीड़ बहुत हिंसक हो और उसे तुरंत मानसिक रूप से चौंकाने के साथ-साथ वहां से दूर भगाना हो तो इसका प्रयोग किया जाता है। 7. ट्रिपल इफेक्ट ग्रेनेड: ट्रिपल इफेक्ट ग्रेनेड फेंकने के बाद यह तीन अलग-अलग टुकड़ों में बंटकर अलग-अलग दिशाओं में फटता है और आंसू गैस छोड़ता है। जब भीड़ बहुत बड़े इलाके में फैली हो और एक जगह पर एक ग्रेनेड का असर काफी न हो तो इसका प्रयोग किया जाता है। 8. टेयर स्मोक शैल – नॉर्मल: टेयर स्कोक शैल नाॅर्मल एंटी-रायट गन से दागा जाता है। यह लंबी दूरी तक जाकर आंसू गैस का गुबार छोड़ता है। जब हिंसक भीड़ पुलिस बल से दूर खड़ी होकर पथराव कर रही हो और दूर से ही उन्हें भगाना हो तो इसका इस्तेमाल किया जाता है। 9. टेयर स्मोक शैल सॉफ्ट नोज चिली -लॉन्ग रेंज- यह रबर/सॉफ्ट टिप वाला मिर्च आधारित शैल होता है, जो 100 से 150 मीटर या उससे अधिक दूरी तक दागा जा सकता है। सॉफ्ट नोज होने से सीधे लगने पर गंभीर चोट का खतरा कम रहता है। पुलिस से काफी दूरी पर मौजूद उग्र प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। 10. टेयर स्मोक शैल सॉफ्ट नोज चिली -शॉर्ट रेंज: यह लॉन्ग रेंज जैसा ही, लेकिन इसे 50 से 80 मीटर की कम दूरी के लिए डिजाइन किया जाता है। जब हिंसक भीड़ पुलिस सुरक्षा बैरिकेड्स के काफी करीब आ चुकी हो तो इसका इस्तेमाल किया जाता है। 11. स्टन शैल – नॉर्मल: बंदूक से दागे जाने वाला शैल, जो हवा में या जमीन पर गिरते ही तेज धमाका और रोशनी पैदा करता है। भीड़ में भगदड़ पैदा किए बिना केवल उन्हें डराने और चेतावनी देने के लिए स्टन शैल नॉर्मल का प्रयोग किया जाता है। 12. टेयर स्मोक शैल – नॉर्मल – चिली: गन से दागे जाने वाला मिर्च पाउडर/गैस आधारित मानक शैल को टेयर स्मॉक सेल नॉर्मल चिली कहते हैं। सामान्य आंसू गैस के प्रति प्रतिरोधक क्षमता दिखा रही जिद्दी भीड़ को रोकने के लिए इसे इस्तेमाल किया जाता है। 13. मल्टी बैटन राउंड – 38 mm: इसमें एक ही शैल के अंदर रबर या प्लास्टिक की कई छोटी गोलियां (बैटन्स) होती हैं, जो फायर करने पर फैल जाती हैं। हिंसक भीड़ पर न्यूनतम बल प्रयोग करने के लिए, ताकि किसी की जान न जाए लेकिन दर्द के कारण लोग पीछे हट जाएं। 14. सेल्फ प्रोटेक्शन एयरोसोल डिवाइस: यह एक छोटा हैंडहेल्ड पेपर स्प्रे कैन है, जो सीधे मुंह या आंख पर स्प्रे करने से तीखी जलन पैदा करता है। इसका प्रयोग आमने-सामने की मुठभेड़ या क्लोज-कॉम्बैट स्थिति में पुलिसकर्मियों के व्यक्तिगत बचाव के लिए किया जाता है। 15. टेयर स्मोक शैल – इलेक्ट्रिकल: इन्हें रिमोट कंट्रोल या इलेक्ट्रिकल लॉन्चर सिस्टम जैसे वज्र या दंगा-रोधी वाहनों पर लगे लॉन्चर से फायर किया जाता है। जब पुलिस वाहन या सुरक्षा घेरे के अंदर से एक साथ कई दिशाओं में आंसू गैस के गोले दागने हों तो इसका प्रयोग किया जाता है। 16. स्टन शैल – इलेक्ट्रिकल: इलेक्ट्रिकल लॉन्चर से दागे जाने वाले स्टन शेल्स एक साथ कई धमाके करते हैं। बड़ी और हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाहनों पर लगे सिस्टम से मल्टीपल डिस्चार्ज करने हेतु। 17. स्मोक कैंडल: जमीन पर रखकर जलाई जाने वाली या फेंकी जाने वाली मोमबत्ती नुमा डिवाइस, जो बिना धमाके के केवल घना धुएं का आवरण पैदा करती है।पुलिस बल को खुद को छिपाने, अपनी मूवमेंट को गुप्त रखने या उपद्रवियों की विजिबिलिटी को ब्लॉक करने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है।

