पेट के लिए क्यों फायदेमंद माना जाता है इसबगोल? जानें सेवन का सही तरीका और जरूरी सावधानियां

पेट के लिए क्यों फायदेमंद माना जाता है इसबगोल? जानें सेवन का सही तरीका और जरूरी सावधानियां

Isabgol Benefits: कब्ज, पेट फूलना और पाचन से जुड़ी परेशानियों के लिए कई लोग इसबगोल को अपनी डाइट में शामिल करते हैं। इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर पानी को सोखकर जेल जैसा बनता है, जिससे मल को नरम करने और कब्ज से राहत देने में मदद मिल सकती है। लेकिन इसबगोल का फायदा तभी मिल सकता है जब इसे सही तरीके से लिया जाए। ऐसे में आइए जानते हैं इसबगोल के फायदे, इसे लेने का सही तरीका और किन लोगों को इसके सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए।

इसबगोल क्या है?

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन हॉस्पिटल्स (University College London Hospitals) के मुताबिक, इसबगोल या साइलियम हस्क (Psyllium Husk) एक तरह का घुलनशील फाइबर है। यह पानी को सोखकर जेल जैसा बन जाता है। इसी वजह से यह कब्ज जैसी समस्या में राहत देने में मदद कर सकता है।

कब्ज में कैसे काम करता है इसबगोल?

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन हॉस्पिटल्स और क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, इसबगोल पानी को सोखकर मल को नरम करने और उसकी मात्रा बढ़ाने में मदद करता है। इससे मल आसानी से बाहर निकल सकता है और कब्ज से राहत मिल सकती है।

ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल के लिए

क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के मुताबिक, इसबगोल में मौजूद घुलनशील फाइबर पाचन की रफ्तार को थोड़ा धीमा कर सकता है। इससे खाना खाने के बाद ब्लड शुगर तेजी से बढ़ने की रफ्तार कम हो सकती है। इसके अलावा यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन हॉस्पिटल्स और क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, इसबगोल कोलेस्ट्रॉल को मैनेज करने में भी मदद कर सकता है। घुलनशील फाइबर बाइल (Bile) को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम करने में मदद मिल सकती है।

क्या इसबगोल से वजन कम होता है?

क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, इसबगोल वजन कम करने की कोशिश में कुछ मदद कर सकता है। फाइबर लेने से पेट ज्यादा देर तक भरा हुआ महसूस हो सकता है। इससे भूख और कुल खाने की मात्रा कम हो सकती है।

इसबगोल कैसे लेना चाहिए?

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन हॉस्पिटल्स और क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, इसबगोल लेते समय भरपूर पानी पीना जरूरी है। इसे कभी भी सूखा नहीं निगलना चाहिए। इसे एक बड़े गिलास पानी या किसी दूसरे तरल में मिलाकर पीना चाहिए और इसके बाद भी पर्याप्त तरल लेना चाहिए। पर्याप्त पानी न लेने पर इसबगोल गले या खाने की नली में फूलकर गाढ़ा हो सकता है, जिससे निगलने में परेशानी और रुकावट का खतरा हो सकता है। इसके अलावा अगर आप पहली बार इसबगोल ले रहे हैं तो कम मात्रा से शुरुआत करना बेहतर हो सकता है। शुरुआत में कुछ लोगों को गैस या पेट फूलने जैसी परेशानी हो सकती है।

इसबगोल लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन हॉस्पिटल्स के मुताबिक, इसबगोल लेने से कुछ लोगों को गैस, पेट फूलना, पेट में हल्का दर्द या ऐंठन जैसी परेशानी हो सकती है। ऐसे में अगर किसी व्यक्ति को निगलने में परेशानी है या आंत में रुकावट या आंत का रास्ता संकरा होने की समस्या है तो इसबगोल लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इसके साथ ही, अगर आप पहले से कोई दवा लेते हैं तो भी इसबगोल शुरू करने से पहले डॉक्टर पूछना बेहतर है। फाइबर कुछ दवाओं के शरीर में जाने के तरीके को प्रभावित कर सकता है।

क्या इसबगोल से फाइबर की कमी पूरी हो सकती है?

मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के मुताबिक, फाइबर की जरूरत पूरी करने के लिए सबसे पहले डाइट में खाने की चीजों से फाइबर लेना बेहतर है। फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, बीन्स, नट्स और बीज फाइबर के अच्छे सोर्स हैं। फाइबर सप्लीमेंट को डाइट में फाइबर बढ़ाने के एक अतिरिक्त तरीके के तौर पर लिया जा सकता है, लेकिन इसे फाइबर वाली अच्छी डाइट का विकल्प नहीं मानना चाहिए।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *