बेतिया में अखिल भारतीय किसान महासभा ने रविवार को साम्राज्यवाद विरोधी दिवस पर विरोध मार्च निकाला। इस दौरान केंद्र-राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई गई। मार्च के बाद कलेक्ट्रेट के सामने एक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। 12 सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं का विरोध सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि किसानों को गुलाम बनाने वाले भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते को रद्द कराने के लिए आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बिहार सरकार की प्रस्तावित 12 सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं और लैंड पुलिंग नीति का भी विरोध किया। गुप्ता ने आरोप लगाया कि इन नीतियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर कृषि भूमि को गैर-कृषि कार्यों में उपयोग करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे किसान बर्दाश्त नहीं करेंगे। भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते से दिक्कत अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राव ने भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते के संभावित प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे देश की खेती पर गंभीर असर पड़ेगा। राव ने दावा किया कि अमेरिकी कृषि उत्पादों के आयात से छोटे और मध्यम किसानों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी होगी और देश की खाद्य सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। कृषि भूमि लगातार कम हो रही-जिला नेता जिला सचिव इंद्रदेव कुशवाहा ने कहा कि सरकारें कृषि संकट का समाधान करने के बजाय कृषि भूमि का गैर-कृषि कार्यों के लिए इस्तेमाल कर रही हैं। राज्य पार्षद बिनोद यादव ने भी सैटेलाइट टाउनशिप और लैंड पुलिंग नीति का विरोध दोहराया। जिला नेता संजय यादव और सुजायत अंसारी ने कृषि भूमि के लगातार कम होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे भविष्य में खाद्यान्न संकट और पर्यावरणीय असंतुलन की स्थिति पैदा हो सकती है। किसान नेता अब्दुल खैर ने यूरिया खाद की किल्लत और कालाबाजारी पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इससे किसान परेशान हैं और सरकार को तत्काल खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कर कालाबाजारी पर रोक लगानी चाहिए। बेतिया में अखिल भारतीय किसान महासभा ने रविवार को साम्राज्यवाद विरोधी दिवस पर विरोध मार्च निकाला। इस दौरान केंद्र-राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई गई। मार्च के बाद कलेक्ट्रेट के सामने एक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। 12 सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं का विरोध सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि किसानों को गुलाम बनाने वाले भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते को रद्द कराने के लिए आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बिहार सरकार की प्रस्तावित 12 सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं और लैंड पुलिंग नीति का भी विरोध किया। गुप्ता ने आरोप लगाया कि इन नीतियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर कृषि भूमि को गैर-कृषि कार्यों में उपयोग करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे किसान बर्दाश्त नहीं करेंगे। भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते से दिक्कत अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राव ने भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते के संभावित प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे देश की खेती पर गंभीर असर पड़ेगा। राव ने दावा किया कि अमेरिकी कृषि उत्पादों के आयात से छोटे और मध्यम किसानों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी होगी और देश की खाद्य सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। कृषि भूमि लगातार कम हो रही-जिला नेता जिला सचिव इंद्रदेव कुशवाहा ने कहा कि सरकारें कृषि संकट का समाधान करने के बजाय कृषि भूमि का गैर-कृषि कार्यों के लिए इस्तेमाल कर रही हैं। राज्य पार्षद बिनोद यादव ने भी सैटेलाइट टाउनशिप और लैंड पुलिंग नीति का विरोध दोहराया। जिला नेता संजय यादव और सुजायत अंसारी ने कृषि भूमि के लगातार कम होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे भविष्य में खाद्यान्न संकट और पर्यावरणीय असंतुलन की स्थिति पैदा हो सकती है। किसान नेता अब्दुल खैर ने यूरिया खाद की किल्लत और कालाबाजारी पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इससे किसान परेशान हैं और सरकार को तत्काल खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कर कालाबाजारी पर रोक लगानी चाहिए।

