झरिया विधानसभा क्षेत्र में भौंरा से जहाजटांड़ जाने वाली मुख्य सड़क को शुक्रवार देर रात एटी देवप्रभा आउटसोर्सिंग कंपनी और बीसीसीएल प्रबंधन ने बिना पूर्व सूचना के काट दिया। इस कार्रवाई के विरोध में जहाजटांड़ और भौंरा के ग्रामीणों ने आउटसोर्सिंग परियोजना का काम अनिश्चितकाल के लिए बंद करा दिया है। ग्रामीणों की मांग है कि जब तक पुराने मार्ग को दोबारा चालू नहीं किया जाता, तब तक परियोजना का काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा। आंदोलन के समर्थन में सोमवार को भौंरा बाजार भी बंद रहा। मेयर का ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन घटना की जानकारी मिलने पर शनिवार को धनबाद के मेयर संजीव सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के आंदोलन का समर्थन किया। सोमवार को झरिया की पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के देवर गुड्डू सिंह और भाजपा नेता योगेंद्र यादव भी धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि समस्या का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। नेताओं के पहुंचने के बाद बीसीसीएल भौंरा क्षेत्र के एजेंट भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों और प्रबंधन के बीच तीखी बहस हुई, लेकिन बातचीत के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका।
वैकल्पिक मार्ग से अधिक समय लग रहा ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों पुराने मुख्य मार्ग को बंद कर एक वैकल्पिक रास्ता शुरू किया गया है। इससे जहाजटांड़ और आसपास के इलाकों की करीब तीन हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार, पुराने रास्ते से भौंरा बाजार कुछ ही मिनटों में पहुंचा जा सकता था, जबकि वैकल्पिक मार्ग से अधिक समय लग रहा है। इससे छात्र-छात्राओं, महिलाओं और आम लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। गुड्डू सिंह ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस क्षेत्र में करोड़ों रुपए की लागत से पुल का निर्माण कराया जा रहा है, उसी इलाके की मुख्य सड़क बंद कर देने से सरकारी योजना की उपयोगिता पर प्रश्नचिह्न लगता है। उन्होंने कहा कि एक ओर बेहतर आवागमन के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्य मार्ग बंद कर ग्रामीणों की परेशानी बढ़ाई जा रही है। महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता स्थानीय निवासी लक्ष्मी ने कहा कि पिछले सात-आठ वर्षों से ग्रामीणों को अच्छी सड़क, पानी और बिजली उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सड़क बंद होने से जहाजटांड़ के लोगों का भौंरा आना-जाना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने वैकल्पिक मार्ग पर महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। झरिया विधानसभा क्षेत्र में भौंरा से जहाजटांड़ जाने वाली मुख्य सड़क को शुक्रवार देर रात एटी देवप्रभा आउटसोर्सिंग कंपनी और बीसीसीएल प्रबंधन ने बिना पूर्व सूचना के काट दिया। इस कार्रवाई के विरोध में जहाजटांड़ और भौंरा के ग्रामीणों ने आउटसोर्सिंग परियोजना का काम अनिश्चितकाल के लिए बंद करा दिया है। ग्रामीणों की मांग है कि जब तक पुराने मार्ग को दोबारा चालू नहीं किया जाता, तब तक परियोजना का काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा। आंदोलन के समर्थन में सोमवार को भौंरा बाजार भी बंद रहा। मेयर का ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन घटना की जानकारी मिलने पर शनिवार को धनबाद के मेयर संजीव सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के आंदोलन का समर्थन किया। सोमवार को झरिया की पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के देवर गुड्डू सिंह और भाजपा नेता योगेंद्र यादव भी धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि समस्या का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। नेताओं के पहुंचने के बाद बीसीसीएल भौंरा क्षेत्र के एजेंट भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों और प्रबंधन के बीच तीखी बहस हुई, लेकिन बातचीत के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका।
वैकल्पिक मार्ग से अधिक समय लग रहा ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों पुराने मुख्य मार्ग को बंद कर एक वैकल्पिक रास्ता शुरू किया गया है। इससे जहाजटांड़ और आसपास के इलाकों की करीब तीन हजार की आबादी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार, पुराने रास्ते से भौंरा बाजार कुछ ही मिनटों में पहुंचा जा सकता था, जबकि वैकल्पिक मार्ग से अधिक समय लग रहा है। इससे छात्र-छात्राओं, महिलाओं और आम लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। गुड्डू सिंह ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस क्षेत्र में करोड़ों रुपए की लागत से पुल का निर्माण कराया जा रहा है, उसी इलाके की मुख्य सड़क बंद कर देने से सरकारी योजना की उपयोगिता पर प्रश्नचिह्न लगता है। उन्होंने कहा कि एक ओर बेहतर आवागमन के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्य मार्ग बंद कर ग्रामीणों की परेशानी बढ़ाई जा रही है। महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता स्थानीय निवासी लक्ष्मी ने कहा कि पिछले सात-आठ वर्षों से ग्रामीणों को अच्छी सड़क, पानी और बिजली उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सड़क बंद होने से जहाजटांड़ के लोगों का भौंरा आना-जाना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने वैकल्पिक मार्ग पर महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।

