पीएम मुद्रा लोन का झांसा देकर साइबर ठगी:पटना में 9 गिरफ्तार, फेसबुक-इंस्टाग्राम पर देते थे विज्ञापन; प्रोसेसिंग फीस-GST के नाम पर करते थे ठगी

पीएम मुद्रा लोन का झांसा देकर साइबर ठगी:पटना में 9 गिरफ्तार, फेसबुक-इंस्टाग्राम पर देते थे विज्ञापन; प्रोसेसिंग फीस-GST के नाम पर करते थे ठगी

पीएम मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर सोशल मीडिया के जरिए साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पटना साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के 9 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जांच में एक अन्य व्यक्ति की संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य संगठित तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी करते थे। साइबर अपराधी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पीएम मुद्रा लोन दिलाने का विज्ञापन डालते थे। विज्ञापन देखकर संपर्क करने वाले लोगों से अलग-अलग बहाने से पैसे वसूलते थे। पहले प्रोसेसिंग फीस, फिर GST, सिविल स्कोर सुधारने और लोन अप्रूवल के बहाने बनाकर पैसे की मांगते थे। रकम मिलने के बाद आरोपी लगातार अलग-अलग शुल्क के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठते थे। 22 मोबाइल और 12 ATM कार्ड बरामद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के पास से 22 मोबाइल फोन, 4 सिम कार्ड, 12 एटीएम कार्ड, एक लैपटॉप, दो कॉपियां, एक पासबुक और 51,400 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच के दौरान पुलिस को आरोपितों के मोबाइल फोन से देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज एनसीआरपी साइबर ठगी की शिकायतों की जानकारी भी मिली है। इससे गिरोह के दूसरे राज्यों में सक्रिय नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। नवादा से लेकर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तक के आरोपी गिरफ्तार आरोपितों में बिहार के साथ-साथ आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के रहने वाले युवक भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में जितु राज, कादम हर्षवर्द्धन, गोरंटला अरुण साई, आकाश कुमार, कस्तुरी हरिश, कोटा शाथन, गंगुला सूर्यप्रकाश, राहुल कुमार और रौशन कुमार शामिल हैं। इनमें नवादा और नालंदा के अलावा आंध्र प्रदेश के करीमनगर तथा तेलंगाना के विभिन्न जिलों के आरोपी शामिल हैं। अन्य लोगों की तलाश में जुटी पुलिस पटना साइबर थाना में इस मामले में कांड संख्या 1120/26, दिनांक 15 अगस्त 2026 दर्ज किया गया है। आरोपितों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब बरामद मोबाइल, सिम, लैपटॉप और बैंकिंग दस्तावेजों की जांच के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, बैंक खातों और ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। इस कार्रवाई में पटना साइबर थाना के पुलिस निरीक्षक महानंद झा, पुलिस अवर निरीक्षक शंभव शर्मा, पुलिस अवर निरीक्षक अनुज कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पीएम मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर सोशल मीडिया के जरिए साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पटना साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के 9 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जांच में एक अन्य व्यक्ति की संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य संगठित तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी करते थे। साइबर अपराधी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर पीएम मुद्रा लोन दिलाने का विज्ञापन डालते थे। विज्ञापन देखकर संपर्क करने वाले लोगों से अलग-अलग बहाने से पैसे वसूलते थे। पहले प्रोसेसिंग फीस, फिर GST, सिविल स्कोर सुधारने और लोन अप्रूवल के बहाने बनाकर पैसे की मांगते थे। रकम मिलने के बाद आरोपी लगातार अलग-अलग शुल्क के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठते थे। 22 मोबाइल और 12 ATM कार्ड बरामद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के पास से 22 मोबाइल फोन, 4 सिम कार्ड, 12 एटीएम कार्ड, एक लैपटॉप, दो कॉपियां, एक पासबुक और 51,400 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच के दौरान पुलिस को आरोपितों के मोबाइल फोन से देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज एनसीआरपी साइबर ठगी की शिकायतों की जानकारी भी मिली है। इससे गिरोह के दूसरे राज्यों में सक्रिय नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। नवादा से लेकर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना तक के आरोपी गिरफ्तार आरोपितों में बिहार के साथ-साथ आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के रहने वाले युवक भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में जितु राज, कादम हर्षवर्द्धन, गोरंटला अरुण साई, आकाश कुमार, कस्तुरी हरिश, कोटा शाथन, गंगुला सूर्यप्रकाश, राहुल कुमार और रौशन कुमार शामिल हैं। इनमें नवादा और नालंदा के अलावा आंध्र प्रदेश के करीमनगर तथा तेलंगाना के विभिन्न जिलों के आरोपी शामिल हैं। अन्य लोगों की तलाश में जुटी पुलिस पटना साइबर थाना में इस मामले में कांड संख्या 1120/26, दिनांक 15 अगस्त 2026 दर्ज किया गया है। आरोपितों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब बरामद मोबाइल, सिम, लैपटॉप और बैंकिंग दस्तावेजों की जांच के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, बैंक खातों और ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। इस कार्रवाई में पटना साइबर थाना के पुलिस निरीक्षक महानंद झा, पुलिस अवर निरीक्षक शंभव शर्मा, पुलिस अवर निरीक्षक अनुज कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।  

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