प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित दीप प्रज्जवलन कार्यक्रम को लेकर केंद्र और भाजपा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 11 मई 2026 को देशवासियों से खाद्य तेल की खपत कम करने की अपील की थी, ताकि खाद्य तेल के आयात पर होने वाला खर्च घटाया जा सके। इसके बावजूद उनके जन्मदिन पर बड़े पैमाने पर खाद्य तेल से दीये जलाने का आयोजन किया जा रहा है। अभय दुबे ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर उन्हें कांग्रेस की ओर से शुभकामनाएं और दीर्घायु होने की कामना करते हैं। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मध्य प्रदेश दौरे का भी स्वागत किया। हालांकि, इसके बाद उन्होंने दीप प्रज्वलन कार्यक्रम को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। दुबे ने कहा कि बड़े नेताओं के जन्मदिन को सामाजिक सरोकारों से जोड़कर मनाने की परंपरा रही है, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए। लेकिन प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर भाजपा जिस तरह दीप प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित कर रही है, वह प्रधानमंत्री की अपनी अपील के विपरीत है। 11 मई को पीएम ने खाद्य तेल कम इस्तेमाल करने को कहा था अभय दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 11 मई 2026 को देशवासियों से खाद्य तेल की खपत कम करने की अपील की थी। उनका कहना था कि देश का खाद्य तेल आयात बिल बहुत अधिक है, इसलिए लोग कम से कम 10 प्रतिशत खाद्य तेल की खपत घटाएं और अपनी खान-पान की आदतों में बदलाव करें, जिससे आयात का बोझ कम हो। दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री बनने के बाद लाल किले की प्राचीर से अपने पहले संबोधन में भी किसानों से तिलहन का उत्पादन बढ़ाने की अपील की थी, ताकि देश को खाद्य तेल का कम आयात करना पड़े। कांग्रेस का दावा- 200 करोड़ से ज्यादा का तेल खर्च होगा दुबे ने कहा कि मध्य प्रदेश में सरकारी स्तर पर दीप प्रज्वलन के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगमों के प्रत्येक वार्ड में न्यूनतम 1000, नगरपालिका परिषदों के प्रत्येक वार्ड में 500 और नगर परिषदों के प्रत्येक वार्ड में 250 दीप जलाने के निर्देश हैं। ग्राम पंचायतों में सांस्कृतिक धरोहर और महत्वपूर्ण स्थलों पर शाम 7 बजे दीप प्रज्वलित करने की बात कही गई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के आदेश का भी हवाला दिया, जिसमें स्कूलों में विद्यार्थियों के माध्यम से दीप जलाने के निर्देश होने की बात कही। दुबे ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार देशभर में 100 करोड़ दीये जलाए जाने हैं। यदि प्रत्येक दीये में औसतन 15 मिलीलीटर खाद्य तेल इस्तेमाल होता है तो करीब 1.5 करोड़ लीटर खाद्य तेल की खपत होगी। उनके मुताबिक मौजूदा बाजार कीमत के आधार पर इसकी कीमत करीब 200 करोड़ रुपए से अधिक बैठती है। दुबे ने कहा कि इससे खाद्य तेल के आयात का बोझ बढ़ने के साथ पर्यावरण पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि इससे करीब 39 हजार टन कार्बन उत्सर्जन होगा। ‘घर के चिराग बुझे हों तो दीये की रोशनी नहीं लगाई जाती’ अभय दुबे ने मध्य प्रदेश में नितिन नवीन के दौरे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश में हाल के दिनों में अलग-अलग घटनाओं में लोगों की मौत हुई है, वहां उत्सव के बजाय पीड़ित परिवारों की मदद को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। उन्होंने सागर में जहरीली शराब से मौतों, बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौतों और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का उल्लेख किया। साथ ही कफ सिरप से बच्चों की मौत का भी जिक्र किया। हालांकि, इन घटनाओं में मौतों के आंकड़े बताते हुए दुबे ने अलग-अलग संख्या का उल्लेख किया। दुबे ने कहा, “घर के चिराग बुझे हों तो दीये की रोशनी नहीं लगाई जाती प्रधानमंत्री जी।” बिहार की बाढ़ का भी किया जिक्र कांग्रेस प्रवक्ता ने नितिन नवीन के बिहार से होने का जिक्र करते हुए वहां आई बाढ़ का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बिहार के कई जिलों में बाढ़ से बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं। दुबे ने कहा कि यदि दीप प्रज्वलन में खर्च होने वाले पैसे को बाढ़ पीड़ितों की सहायता में लगाया जाता तो यह एक सकारात्मक संदेश होता। उन्होंने कहा कि नितिन नवीन यह संकल्प लेते कि दीपों पर खर्च होने वाली राशि बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद में लगाई जाएगी या मध्य प्रदेश की त्रासदियों में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों की सहायता की जाएगी, तो इससे एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत होता। अभय दुबे ने अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और कहा कि अभी भी समय है कि प्रधानमंत्री दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में हस्तक्षेप करें और 11 मई 2026 को खाद्य तेल की खपत कम करने को लेकर दिए गए अपने संदेश को दोहराएं।

