पावापुरी में 2552वें निर्वाण महोत्सव सह पावापुरी महोत्सव को लेकर तैयारियां जोरों पर शुरू हो गई हैं। आगामी 7 से 9 नवंबर तक आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय भव्य महोत्सव में देश और राज्य के कई गणमान्य लोग शिरकत करेंगे। इस कड़ी में बिहार के राज्यपाल को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। दिगंबर जैन मंदिर प्रबंधन की तीन सदस्यीय टीम ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से शिष्टाचार मुलाकात की और उन्हें महोत्सव का औपचारिक आमंत्रण सौंपा। मंदिर प्रबंधन के अनुसार राज्यपाल ने आमंत्रण को स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में शामिल होने का आश्वासन दिया है। मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं में उत्साह दिगंबर जैन मंदिर के प्रबंधक अरुण कुमार जैन ने बताया कि राज्यपाल की ओर से निमंत्रण स्वीकार किए जाने से मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं में उत्साह है। इसके साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री, राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों और विधायकों को भी महोत्सव में भागीदारी के लिए आमंत्रण भेजा गया है। आयोजन समिति का मानना है कि प्रशासनिक और राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी से इस आयोजन की भव्यता और बढ़ेगी। तीन दिनों तक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम महोत्सव के दौरान पूरे पावापुरी क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। तीन दिवसीय कार्यक्रम के तहत पहले दिन 7 नवंबर को महोत्सव का विधिवत उद्घाटन होगा, जिसके साथ ही विविध धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत की जाएगी। दूसरे दिन यानी 8 नवंबर को भगवान महावीर की विशेष पूजा-अर्चना, महामस्तकाभिषेक, ज्ञानवर्धक प्रवचन और शाम को भक्तिमय भजन-कीर्तन व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन होगा। अंतिम दिन 9 नवंबर को पावन निर्वाण लाडू चढ़ाने की मुख्य परंपरा और विशेष अनुष्ठानों के साथ महोत्सव का समापन होगा। इस अवधि में विश्वप्रसिद्ध जल मंदिर और दिगंबर जैन मंदिर सहित सभी प्रमुख तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की पूरी संभावना है। धार्मिक पर्यटन और स्थानीय पहचान को मिलेगी नई गति पावापुरी की पहचान विश्वभर में जैन धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में है। भगवान महावीर की निर्वाण भूमि होने के नाते यहां का मनोरम जल मंदिर देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बना रहता है। हर साल निर्वाण महोत्सव के पावन अवसर पर देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। जानकारों का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय महोत्सव से न केवल क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन को नया विस्तार मिलेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्राप्त होगी। पावापुरी में 2552वें निर्वाण महोत्सव सह पावापुरी महोत्सव को लेकर तैयारियां जोरों पर शुरू हो गई हैं। आगामी 7 से 9 नवंबर तक आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय भव्य महोत्सव में देश और राज्य के कई गणमान्य लोग शिरकत करेंगे। इस कड़ी में बिहार के राज्यपाल को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। दिगंबर जैन मंदिर प्रबंधन की तीन सदस्यीय टीम ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से शिष्टाचार मुलाकात की और उन्हें महोत्सव का औपचारिक आमंत्रण सौंपा। मंदिर प्रबंधन के अनुसार राज्यपाल ने आमंत्रण को स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में शामिल होने का आश्वासन दिया है। मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं में उत्साह दिगंबर जैन मंदिर के प्रबंधक अरुण कुमार जैन ने बताया कि राज्यपाल की ओर से निमंत्रण स्वीकार किए जाने से मंदिर प्रबंधन और श्रद्धालुओं में उत्साह है। इसके साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री, राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों और विधायकों को भी महोत्सव में भागीदारी के लिए आमंत्रण भेजा गया है। आयोजन समिति का मानना है कि प्रशासनिक और राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी से इस आयोजन की भव्यता और बढ़ेगी। तीन दिनों तक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम महोत्सव के दौरान पूरे पावापुरी क्षेत्र में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी। तीन दिवसीय कार्यक्रम के तहत पहले दिन 7 नवंबर को महोत्सव का विधिवत उद्घाटन होगा, जिसके साथ ही विविध धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत की जाएगी। दूसरे दिन यानी 8 नवंबर को भगवान महावीर की विशेष पूजा-अर्चना, महामस्तकाभिषेक, ज्ञानवर्धक प्रवचन और शाम को भक्तिमय भजन-कीर्तन व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन होगा। अंतिम दिन 9 नवंबर को पावन निर्वाण लाडू चढ़ाने की मुख्य परंपरा और विशेष अनुष्ठानों के साथ महोत्सव का समापन होगा। इस अवधि में विश्वप्रसिद्ध जल मंदिर और दिगंबर जैन मंदिर सहित सभी प्रमुख तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की पूरी संभावना है। धार्मिक पर्यटन और स्थानीय पहचान को मिलेगी नई गति पावापुरी की पहचान विश्वभर में जैन धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में है। भगवान महावीर की निर्वाण भूमि होने के नाते यहां का मनोरम जल मंदिर देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बना रहता है। हर साल निर्वाण महोत्सव के पावन अवसर पर देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। जानकारों का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय महोत्सव से न केवल क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन को नया विस्तार मिलेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्राप्त होगी।

