गयाजी में अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (ANMMCH) की न्यू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली एक जूनियर ने एक सीनियर रेजीडेंट (SR) डॉक्टर के ऊपर संगीन आरोप लगाए हैं। पीड़िता के लिखित आवेदन के आधार पर डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। हालांकि, अब इस पूरे मामले में पीड़िता की ओर से केस वापस लेने और समझौते की बात भी सामने आ रही है। लेकिन अब तक इस केस में कोई कार्रवाई धरातल पर नहीं उतरी है। न तो आरोपी पकड़ा गया है और न ही किसी प्रकार का कोई भी विधि पूर्वक समझौता ही हुआ है। आवेदन में पीड़िता का दावा पीड़िता ने शिकायत पत्र में अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि बीती दिनों OPD में ड्यूटी के दौरान डॉक्टर ने उनसे मोबाइल नंबर मांगा। उसी शाम करीब 5:40 बजे डॉक्टर ने उन्हें फोन किया और एक सहयोगी-इंटर्न के साथ बोधगया में पार्टी के लिए चलने का लगातार दबाव बनाया। हालांकि पीड़िता का यह कहना है कि वह मना करती रही लेकिन दवाब के आगे उसकी एक नहीं चल सकी। आरोप है कि वहां ले जाकर डॉक्टर ने उन पर शराब पीने का दबाव डाला। यही नहीं उसने वहां जबरदस्ती शराब भी पिलाई। इसके बाद आरोपी डॉक्टर उन्हें सुपर स्पेशलिटी (SS) स्थित अपने एक कमरे में ले गया और उसने जबरदस्ती करने की कोशिश भी की। हॉस्टल छोड़ने की गुहार लगाने और विरोध करने के बावजूद डॉक्टर ने जबरदस्ती की। पीड़िता के रोने और शोर मचाने पर आरोपी उन्हें अनुचित अवस्था में ही हॉस्टल के बाहर छोड़कर चला गया। आरोपों को किया खारिज इस मामले में आरोपी का बयान सामने आया है। भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस तरह का कोई मामला नहीं है। सवाल: आपके खिलाफ कोई केस दर्ज हुआ है? जवाब: नहीं, मेरे खिलाफ तो ऐसा कुछ नहीं हुआ है। सवाल: किसी जूनियर ने आपके खिलाफ केस दर्ज कराया है? जवाब: नहीं, ऐसा कुछ नहीं है। सवाल: ऑर्थो में आप ही हैं और नंबर भी यही है जिस पर बात हो रही है। क्या आपके ऊपर कोई केस नहीं है? जवाब: मेरे ऊपर किसी तरह का कोई केस नहीं है। आप पता कर लीजिए। इस संबंध में भास्कर ने पीड़िता का भी पक्ष जाना। पीड़िता का स्पष्ट कहना है कि मैंने केस वापस लेने के लिए थाने में आवेदन दिया है। सवाल: क्या आपने किसी डॉक्टर के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज कराया था? जवाब: मैंने वह केस वापस ले लिया है। आवेदन डाला हुआ है। सवाल: क्या घटना हुई थी? जवाब: मैं इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती। मुझे इस बारे में कोई न्यूज नहीं चाहिए। सवाल: आप वहां स्टूडेंट हैं या कर्मी? जवाब: मैं कुछ बताना नहीं चाहती। प्लीज मुझसे इस बारे में संपर्क मत कीजिए। मैंने केस वापस ले लिया है। मामले की छानबीन की जा रही है इस पूरे घटनाक्रम से अस्पताल परिसर और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस का कहना है कि भले ही समझौते की अर्जी दी गई हो, लेकिन जब तक वैधानिक रूप से कार्रवाई पूरी नहीं ही जाती है। तब तक डॉक्टर आधिकारिक रूप से आरोपी की श्रेणी में ही रहेंगे। फिलहाल डॉक्टर आरोपी हैं। मामला संगीन है। मेडिकल थानाध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि करीब 5 दिन पहले केस दर्ज हुआ है। जांच चल रही है। सवाल: किसी डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज हुआ है क्या, अविनाश कुमार के खिलाफ। जवाब: डॉक्टर के खिलाफ एक केस दर्ज हुआ था, करीब 5 दिन पहले। सवाल: क्या मामला है वह? जवाब: उनकी सबऑर्डिनेट (निचली क्लास में पढ़ने वाली लड़की) ने शिकायत की है। सीनियर-जूनियर का मामला है, छेड़खानी का भी आरोप है। सवाल: क्या इसमें कोई कार्रवाई हुई है? जवाब: लड़की ने समझौते के लिए आवेदन दिया है। सवाल: आज की तारीख में क्या केस दर्ज माना जाएगा और वे आरोपी हैं? जवाब: हां, बिल्कुल। आज की तारीख में केस दर्ज है और जब तक विधि पूर्वक कोई कार्रवाई नहीं होती तब तक वे आरोपी माने जाएंगे। गयाजी में अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (ANMMCH) की न्यू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली एक जूनियर ने एक सीनियर रेजीडेंट (SR) डॉक्टर के ऊपर संगीन आरोप लगाए हैं। पीड़िता के लिखित आवेदन के आधार पर डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। हालांकि, अब इस पूरे मामले में पीड़िता की ओर से केस वापस लेने और समझौते की बात भी सामने आ रही है। लेकिन अब तक इस केस में कोई कार्रवाई धरातल पर नहीं उतरी है। न तो आरोपी पकड़ा गया है और न ही किसी प्रकार का कोई भी विधि पूर्वक समझौता ही हुआ है। आवेदन में पीड़िता का दावा पीड़िता ने शिकायत पत्र में अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि बीती दिनों OPD में ड्यूटी के दौरान डॉक्टर ने उनसे मोबाइल नंबर मांगा। उसी शाम करीब 5:40 बजे डॉक्टर ने उन्हें फोन किया और एक सहयोगी-इंटर्न के साथ बोधगया में पार्टी के लिए चलने का लगातार दबाव बनाया। हालांकि पीड़िता का यह कहना है कि वह मना करती रही लेकिन दवाब के आगे उसकी एक नहीं चल सकी। आरोप है कि वहां ले जाकर डॉक्टर ने उन पर शराब पीने का दबाव डाला। यही नहीं उसने वहां जबरदस्ती शराब भी पिलाई। इसके बाद आरोपी डॉक्टर उन्हें सुपर स्पेशलिटी (SS) स्थित अपने एक कमरे में ले गया और उसने जबरदस्ती करने की कोशिश भी की। हॉस्टल छोड़ने की गुहार लगाने और विरोध करने के बावजूद डॉक्टर ने जबरदस्ती की। पीड़िता के रोने और शोर मचाने पर आरोपी उन्हें अनुचित अवस्था में ही हॉस्टल के बाहर छोड़कर चला गया। आरोपों को किया खारिज इस मामले में आरोपी का बयान सामने आया है। भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस तरह का कोई मामला नहीं है। सवाल: आपके खिलाफ कोई केस दर्ज हुआ है? जवाब: नहीं, मेरे खिलाफ तो ऐसा कुछ नहीं हुआ है। सवाल: किसी जूनियर ने आपके खिलाफ केस दर्ज कराया है? जवाब: नहीं, ऐसा कुछ नहीं है। सवाल: ऑर्थो में आप ही हैं और नंबर भी यही है जिस पर बात हो रही है। क्या आपके ऊपर कोई केस नहीं है? जवाब: मेरे ऊपर किसी तरह का कोई केस नहीं है। आप पता कर लीजिए। इस संबंध में भास्कर ने पीड़िता का भी पक्ष जाना। पीड़िता का स्पष्ट कहना है कि मैंने केस वापस लेने के लिए थाने में आवेदन दिया है। सवाल: क्या आपने किसी डॉक्टर के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज कराया था? जवाब: मैंने वह केस वापस ले लिया है। आवेदन डाला हुआ है। सवाल: क्या घटना हुई थी? जवाब: मैं इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती। मुझे इस बारे में कोई न्यूज नहीं चाहिए। सवाल: आप वहां स्टूडेंट हैं या कर्मी? जवाब: मैं कुछ बताना नहीं चाहती। प्लीज मुझसे इस बारे में संपर्क मत कीजिए। मैंने केस वापस ले लिया है। मामले की छानबीन की जा रही है इस पूरे घटनाक्रम से अस्पताल परिसर और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस का कहना है कि भले ही समझौते की अर्जी दी गई हो, लेकिन जब तक वैधानिक रूप से कार्रवाई पूरी नहीं ही जाती है। तब तक डॉक्टर आधिकारिक रूप से आरोपी की श्रेणी में ही रहेंगे। फिलहाल डॉक्टर आरोपी हैं। मामला संगीन है। मेडिकल थानाध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि करीब 5 दिन पहले केस दर्ज हुआ है। जांच चल रही है। सवाल: किसी डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज हुआ है क्या, अविनाश कुमार के खिलाफ। जवाब: डॉक्टर के खिलाफ एक केस दर्ज हुआ था, करीब 5 दिन पहले। सवाल: क्या मामला है वह? जवाब: उनकी सबऑर्डिनेट (निचली क्लास में पढ़ने वाली लड़की) ने शिकायत की है। सीनियर-जूनियर का मामला है, छेड़खानी का भी आरोप है। सवाल: क्या इसमें कोई कार्रवाई हुई है? जवाब: लड़की ने समझौते के लिए आवेदन दिया है। सवाल: आज की तारीख में क्या केस दर्ज माना जाएगा और वे आरोपी हैं? जवाब: हां, बिल्कुल। आज की तारीख में केस दर्ज है और जब तक विधि पूर्वक कोई कार्रवाई नहीं होती तब तक वे आरोपी माने जाएंगे।

