टीकमगढ़ में जिला मुख्यालय से सटी अवैध कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। नगर पालिका के पीछे वैशाली नगर के पास स्थित कुँअरपुरा ग्राम पंचायत क्षेत्र की इन कॉलोनियों में सड़कें दलदल में बदल गई हैं, और बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएँ भी उपलब्ध नहीं हैं। अवैध कॉलोनाइजरों ने सस्ते दामों पर प्लॉट बेचकर लोगों को मुसीबत में डाल दिया है। ग्राम पंचायत कुँअरपुरा के सरपंच अखिलेश बिदुआ ने बताया कि पंचायत के पास निजी कॉलोनियों में सड़क निर्माण के लिए पर्याप्त बजट नहीं है। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनाइजरों ने सड़क और नाली का निर्माण नहीं कराया है। पंचायत में केवल आबादी वाले हिस्से में निर्माण कार्यों के लिए राशि आती है, जिसका उपयोग निजी कॉलोनियों में नहीं किया जा सकता। दरअसल, पिछले 10 वर्षों के दौरान शहर के आसपास की ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर अवैध कॉलोनियों का निर्माण हुआ है। कॉलोनाइजरों ने जमीन खरीदकर सस्ते दामों पर प्लॉट तो बेच दिए, लेकिन शासन की गाइडलाइन का पालन नहीं किया। परिणामस्वरूप, अधिकांश कॉलोनियों में आज भी सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएँ नहीं हैं, जिससे प्लॉट खरीदकर मकान बनाने वाले लोग परेशान हैं। इस मामले में तहसीलदार सत्येंद्र सिंह गुर्जर ने जानकारी दी कि कलेक्टर के निर्देश पर जिला मुख्यालय सहित आसपास की ग्राम पंचायतों के अवैध कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, प्लॉटों की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। सभी कॉलोनाइजरों को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

