भोपाल में एक किशोर को पहले बहाने से बुलाया गया… फिर सुनसान जगह ले जाकर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस का दावा है कि इसके पीछे करोड़ों रुपए कमाने का लालच था। आरोपियों को यकीन था कि इंसानी अंडकोष (टेस्टिकल्स) बेचकर रातों-रात अमीर बना जा सकता है। हत्या के बाद कथित तौर पर अंग के खरीदार की तलाश भी की गई। लेकिन जिस दावे के भरोसे यह पूरी साजिश रची गई, क्या वह सच था? अंगों की असली तस्करी कैसे होती है? सोशल मीडिया की एक अफवाह कैसे हत्या की वजह बनी और पुलिस अब किस कड़ी को जोड़ रही है? मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर में पढ़िए इस पूरी वारदात की इनसाइड कहानी… सवाल 1: करोड़ों में टेस्टिकल्स बेचने का यह आइडिया आरोपियों के दिमाग में आया कहां से? जवाब- सोशल मीडिया से… सवाल 2: क्या इंसानी टेस्टिकल्स सच में करोड़ों में बिकते हैं? जवाब- नहीं। टेस्टिकल्स की ऐसी कोई कीमत तय नहीं है और इन्हें कानूनी तौर पर खरीदा-बेचा भी नहीं जाता। दूसरे व्यक्ति में टेस्टिकल्स लगाने का ऑपरेशन भी इतना आम नहीं है, यह मेडिकल साइंस में बेहद दुर्लभ और अभी प्रयोग के स्तर की प्रक्रिया है। दरअसल, दो अलग-अलग अमेरिकी घटनाओं को सोशल मीडिया पर इस तरह मिलाकर पेश किया गया कि लोगों को लगा टेस्टिकल्स की कोई करोड़ों की कीमत होती है। 1. क्लिनिकल ट्रायल का किस्सा 2. क्लिनिकल ट्रायल का किस्सा: सवाल 3: तो क्या इंसानी अंगों की तस्करी असल में होती ही नहीं?
जवाब- हां, होती है। लेकिन जैसा आरोपियों ने सोचा, वैसा नहीं। सवाल 4: आरोपियों ने टेस्टिकल्स कहां फेंके, पुलिस अब तालाबों में क्या खोज रही है? जवाब- आरोपियों ने दो अलग-अलग तालाबों में टेस्टिकल्स को फेंका है… मध्य प्रदेश एक्सप्लेनर का ये एपिसोड भी पढ़ें… भाजपा की नई टीम से कैलाश-प्रह्लाद क्यों बाहर?, नितिन ने एमपी के 8 चेहरे रखे…पिछली बार 3 थे भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोमवार को अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया। इसमें मध्य प्रदेश से 8 नेताओं को जिम्मेदारी मिली है। 2023 की पिछली टीम में MP से 3 नेताओं को जगह मिली थी। यानी इस बार प्रदेश की हिस्सेदारी दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है…पूरा एक्सप्लेनर पढ़ें।

