मानसून टर्फ स्ट्रॉन्ग…MP के 15 जिलों में हैवी रेन:सागर संभाग में 8 इंच बारिश का अलर्ट; भोपाल-इंदौर और उज्जैन में बूंदाबांदी

मानसून टर्फ स्ट्रॉन्ग…MP के 15 जिलों में हैवी रेन:सागर संभाग में 8 इंच बारिश का अलर्ट; भोपाल-इंदौर और उज्जैन में बूंदाबांदी

मध्य प्रदेश में मानसूनी बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया है। टर्फ और डिप्रेशन की वजह से पूर्वी हिस्से में असर ज्यादा है। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल की माने तो सागर संभाग के टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर और दमोह में अति भारी बारिश का अलर्ट है। यहां 24 घंटे में 8 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं, दतिया, भिंड, निवाड़ी, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, कटनी, मैहर और सतना में भारी बारिश का अलर्ट है। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश जारी रहेगी। पूर्वी हिस्से में ज्यादा दिखेगा असर
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि 18 से 24 अगस्त के बीच पूर्व से पश्चिम हिस्से तक प्रदेश में बारिश का मिजाज बदला रहेगा। 19 अगस्त को विंध्य और महाकौशल में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा बारिश दर्ज की गई। 20 से 24 अगस्त के दौरान वर्षा गतिविधि के धीरे-धीरे मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर विस्तार के संकेत मिल रहे हैं। चित्रकूट में उफनी गुप्त-गोदावरी, बाढ़ में बहा शख्स
बुधवार को पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर रहा। कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। सतना के तराई क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से चित्रकूट की गुप्त गोदावरी में पानी बढ़ गया। पहाड़ी का पानी गुफाओं के ऊपर से बह गया। चित्रकूट नगर परिषद ने दोनों गुफाएं बंद कर पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही, सतना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के भुमकहर गांव में 55 वर्षीय चरवाहा नाले में बह गया। सूचना मिलते ही सतना SDERF की टीम मौके पर पहुंची। चरवाहे की तलाश जारी है। उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के 3 गेट 4 मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं, डिंडौरी में बुधवार सुबह से भारी बारिश हो रही है। नदी-नाले उफान पर हैं। 12 से ज्यादा गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। पन्ना के बृजपुर क्षेत्र के कई गांव जलमग्न हैं। सिमरिया के बोदा गांव में भी पानी भर गया है। बारिश से खाने-पीने का सामान भी भीग गया। देखिए, बुधवार को बारिश से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. प्रदेश में अब तक 23 इंच बारिश हुई
IMD (मौसम केंद्र) की माने तो प्रदेश में अब तक 583.4 मिमी यानी, 23 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 26.1 इंच (663.7 मिमी) की तुलना में 3.1 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 12 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 14% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 10% बारिश कम हुई है। 39 जिलों में 4% से 58% तक कम बारिश
प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ में 4% से 58% तक कम बारिश हुई है। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से 5% से 39% कम पानी गिरा है। 16 जिलों में ज्यादा बारिश
IMD की माने तो अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। मैप से समझें, 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम जून के बाद जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिन तक बारिश नहीं हुई। आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। बावजूद इसके 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, जुलाई का कोटा तो फुल हो गया, लेकिन जून की भरपाई नहीं हो पाई। प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच
प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है। अब जानिए, एमपी के 5 बड़े शहरों में बारिश का रिकॉर्ड… भोपाल में 2006 में अगस्त में 35 इंच बारिश का रिकॉर्ड
भोपाल में अगस्त में मानसून जमकर बरसता है। इस महीने राजधानी में औसत साढ़े 35 इंच तक बारिश हो चुकी है, जो साल 2006 में हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश करीब 12 इंच 14 अगस्त 2006 को हुई थी। पिछले सालों की बात करें तो 2015 और 2022 में 30 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। भोपाल में इस महीने औसत 14 दिन बारिश होती है। इस दौरान 13 दिन तक पानी गिर जाता है। जुलाई जैसे ही सिस्टम एक्टिव होते हैं। इंदौर में 1944 में गिरा था 28 इंच पानी
इंदौर में अगस्त महीने में औसत 28 इंच बारिश का रिकॉर्ड है, जो साल 1944 में दर्ज किया गया था। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड 22 अगस्त 2020 को बनाया था। इस दिन साढ़े 10 इंच पानी गिरा था। पिछले 10 साल में दो बार 17 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इंदौर में अगस्त महीने की औसत बारिश 10 से 11 इंच है। महीने में 12 से 13 दिन तक बारिश होती है। ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्ड
ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जो 10 अगस्त 1927 को बना था। सर्वाधिक मासिक बारिश वर्ष 1916 में 28 इंच हुई थी। इस महीने की औसत बारिश साढ़े 9 इंच है। एवरेज 12 दिन बारिश होती है। जबलपुर में 102 साल पहले गिरा था 44 इंच पानी
जबलपुर में एक महीने में 44 इंच बारिश का रिकॉर्ड है। 102 साल पहले यानी, वर्ष 1923 में अगस्त महीने में बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिया था। इसी साल 20 अगस्त को 24 घंटे में ही 13 इंच बारिश हुई थी। यहां बादल फटने जैसी स्थिति बनी थी। जबलपुर में इस महीने की औसत बारिश 18 इंच है। करीब 16 दिन तक पानी गिरता है। पिछले 10 साल की बात करें तो साल 2019 में यहां 30.61 इंच बारिश हुई थी। उज्जैन में अगस्त में जमकर होती है बारिश
उज्जैन में साल 2006 में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड बना था। इस साल अगस्त महीने में करीब 35 इंच बारिश हुई थी। इसी साल 24 घंटे में सर्वाधिक 12 इंच बारिश का रिकॉर्ड 10 अगस्त को बना था। उज्जैन में अगस्त की औसत बारिश 10 इंच है। 10 से 11 दिन यहां बारिश होती है।

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