Naldurg Fort Dharashiv incident: राष्ट्रीय स्तर की महिला पहलवान अश्विनी मनोहर पौल के तीसरे बच्चे ने भी दम तोड़ दिया है। महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के नलदुर्ग किले से गिरने के बाद अश्विनी और उनके तीन बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना में गंभीर रूप से घायल उनकी ढाई साल की बेटी वीरा ने धाराशिव जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह आईसीयू में भर्ती थी और उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अश्विनी के पति और ससुराल पक्ष के तीन लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। अश्विनी पौल, उनके बेटे अजिंक्य और बेटी क्रांति की पहले ही मौत हो चुकी है। वीरा की मौत के बाद अब इस मामले में मां समेत तीनों बच्चों की जान चली गई है।
इलाज के दौरान वीरा ने तोड़ा दम
घटना के बाद वीरा को गंभीर हालत में धाराशिव के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी हालत नाजुक होने के कारण उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इससे पहले अश्विनी पौल और उनके करीब साढ़े पांच साल के बेटे अजिंक्य की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। वहीं, गंभीर रूप से घायल ढाई साल की बेटी क्रांति ने उसी रात उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। तीनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया था। अब वीरा की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पति और ससुर को 9 सितंबर तक पुलिस हिरासत
इस मामले में पुलिस ने अश्विनी के पति मनोहर और ससुर अंकुश को गिरफ्तार किया है। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें 9 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस दुखद घटना के पीछे किन परिस्थितियों की भूमिका थी।
पिता ने ससुराल वालों पर लगाए गंभीर आरोप
अश्विनी पौल की मौत के बाद उनके पिता ने उनके पति और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका दावा है कि अश्विनी लंबे समय से कथित मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से परेशान थीं। पिता के मुताबिक, इसी परेशानी के चलते उन्होंने यह दुखद कदम उठाया। अभी पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है। उधर, इस घटना के बाद महिला पहलवान के गांव में एक भी चूल्हा नहीं जला।
5 स्वर्ण और 6 रजत पदक जीती थी अश्विनी
अश्विनी पौल महाराष्ट्र की जानी-मानी महिला पहलवान थीं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया था। 2007 में तिरुवनंतपुरम में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद 2008 और 2009 में भी उन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक हासिल किए। उनके कुश्ती करियर में कुल 5 स्वर्ण और 6 रजत पदक शामिल थे। खेल के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाली अश्विनी की इस तरह हुई मौत ने उनके परिचितों और खेल जगत को भी झकझोर दिया है।

